Tourist Spots near Delhi: जी-20 की बैठक और दिल्ली में तीन दिनों की छुट्टियां, कुछ सैर सपाटा हो जाए
जी-20 की बैठक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में 3 दिनों की छुट्टी घोषित कर दी गयी है। मौज मस्ती और सैर सपाटे के लिए दिल्ली वाले ऐसे ही बदनाम है। फिर क्यों न मॉनसून पर्यटन का आनंद ही लिया जाए।
आगामी 9-10 सितंबर 2023 को जी-20 की बैठक नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में होने वाली है। जिसके चलते 8 से 10 सितंबर तक दिल्ली में लगभग लॉकडाउन जैसी स्थिति रहेगी यानि कि दिल्लीवासियों व दिल्ली में रोजगार कमाने वालों के लिए 3-4 दिनों तक पूर्ण अवकाश रहेगा। इस अवकाश का लुफ्त उठाने के लिए दिल्ली वालों के लिए मौके ही मौके हैं। कई लोग तो घूमने का प्लान बना भी चुके होंगे।

कुछ लोग घर पर ही रहकर ही मस्ती कर सकते हैं तो कुछ दिल्ली से बाहर घूमने जा सकते है। दिल्ली में सब कुछ बंद रहेगा। क्लब और सिनेमा घर भी। इस दौरान दिल्ली में अधिकतर रास्ते या तो बंद रहेगें अथवा रूट डायवर्ट रहेंगे, जिसके चलते आवागमन में असुविधा तो होगी ही। यहां तक कि अनेक मेट्रो स्टेशन भी आंशिक रूप से अथवा पूर्णतया बंद रहेंगे। बच्चों की भी छुट्टी रहेगी, स्कूल, कॉलेज सभी बंद रहेंगे। आप कुछ प्लान बना रहे हो तो इन विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। दिल्ली के आस-पास लगभग 300 किमी. की दूरी के अंदर कई टूरिस्ट प्लेस हैं, जहां आप अपनी छुट्टियों का मजा ले सकते हैं।
1. हरिद्वारः दिल्ली से महज 213 किमी दूर उत्तराखंड का यह स्थान हिन्दुओं का प्रमुख तीर्थ स्थल व पवित्र नगर है। इस स्थान पर कुंभ मेले का भी आयोजन होता है। यह घूमने की दृष्टि से बहुत ही अच्छा पर्यटन स्थल है, क्योंकि इन समय यहां न तो अधिक गर्मी होती है और न ही ज्यादा ठंड । इसके साथ-साथ यहां ठहरने की भी अच्छी सुविधा है। दर्जनों आश्रम और होटल हैं यहाँ, हर बजट के अनुरूप। हर की पौड़ी पर स्नान और शाम को गंगा आरती से दिल्ली की भीड़भाड़ और शोर से दूर मन को बहुत सुकून मिलेगा।
2. ऋषिकेशः यह बहुत ही खूबसूरत व धार्मिक शहर है, जिसकी दिल्ली से दूरी 232 किमी है। यहां के मंदिर व आश्रम आध्यात्मिक ज्ञान के केंद्र है। ऋषिकेश को ऋषि-मुनियों की तपोभूमि भी कहा जाता है। यहां भी आज कल मौसम बड़ा सुहाना है। परंतु वर्षा के बारण कुछ असुविधा हो सकती है।
3. सरिस्का टाईगर रिजर्वः राजस्थान के अलवर जिले में दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला अरावली पर स्थित 'सरिस्का टाईगर रिजर्व' दिल्ली से 207 किमी की दूरी पर है। इसमें बाघों के अलावा तेंदुआ, धारीदार लकड़बग्घा, गीदड़, लोमड़ी इत्यादि जानवरों के अलावा काफी संख्या में पक्षी व सरीसृप भी हैं। यह लगभग 1213 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। बच्चों को यह जगह रोमांचित करेगी।
4. जिब कॉर्बेट नेशनल पार्कः यह दिल्ली से 245 किमी की दूरी पर उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है। यह भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय पार्क है तथा बाघ परियोजना के तहत यह पहला पार्क है। यह लगभग 520 वर्ग किमी. में फैला है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क प्रकृति व वन्यजीव प्रेमियों के लिए सर्वोत्तम गंतव्य है। इसमें बाघ, हाथी, भालू, बाघ, सुअर, हिरन, चीतल, सांभर, तेंदुआ काकड़, नीलगाय, घुरल आदि 'वन्य प्राणी' अधिक संख्या में हैं। इसके अलावा अजगर, कई प्रकार के सांप व विभिन्न प्रकार के पक्षी भी यहां हैं।
5. देहरादूनः देहरादून दिल्ली से लगभग 250 किमी. दूर दून घाटी में बसा हुआ है। यहां का मौसम पर्यटकों को खूब लुभाता है। यह घूमने के लिए बहुत ही अच्छा पर्यटक स्थल है। इसके आस-पास बहुत ही अच्छे व धार्मिक पर्यटक स्थल (जैसे- सहस्त्रधारा, मैसूरी, माल्सी हिरण पार्क आदि) भी हैं।
6. नैनीतालः दिल्ली से नैनीताल की दूरी 288 किमी है। बर्फ से ढ़के पहाड़ों के बीच झीलों (नैनी झील) से घिरा होने के कारण ही इसका नाम नैनीताल पड़ा है। वहीं पौराणिक कथाओं के अनुसार माता सती की आंख यहां पर गिरी थी, जिस कारण इसका नाम नैनीताल पड़ा। यह उत्तराखंड के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से तथा 51 शक्तिपीठों (नैना देवी) में से एक है।
7. मसूरीः पर्वतों की रानी कहा जाने वाला मसूरी नगर दिल्ली से 294 किमी. दूर है। यह हरी पहाड़ियों, विविध वनस्पतियों तथा अनेक जीव-जंतुओं के कारण बड़ा ही मोहक पर्यटक स्थल है।
8. नौकुचियातालः दिल्ली से लगभग 300 किमी. दूर उत्तराखंड के नैनीताल में एक बहुत की सुंदर नौकुचियाताल झील है। पुराणों में इसे त्रिऋषि सरोवर यानि तीन ऋषियों - अत्रि, पुलस्क व पुलक की भूमि भी माना गया है।
9. कसौलीः हिमाचल प्रदेश का कसौली नगर दिल्ली से 288 किमी दूर है। यह आकर्षक पर्वतीय नगर देवदार के जंगलों के बीच बसा है। यह नगर सफाई और सुन्दरता के कारण बहुत प्रसिद्ध है। जिसके कारण इसे छोटा शिमला भी कहा जाता है। इसी स्थान पर 'कोई मिल गया' फिल्म की शूटिंग भी हुई थी।
10. लैंसडाउनः उत्तराखंड का सबसे शांतिपूर्ण पर्यटक स्थल 'लैंसडाउन' दिल्ली से 260 किमी की दूरी पर स्थित है। यह अपने हरे-भरे वातावरण, बर्फीली चोटी व भुल्ला लाल झील के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है।
इन पर्यटक स्थलों पर होने वाली समस्याएं
इन पर्यटक स्थलों पर लाखों की संख्या में प्रति वर्ष पर्यटक पहुंचते है। इसके कारण वहां के निवासियों की आजीविका चलती है। ये पर्यटक स्थल जहां स्थानीय लोगों को रोजगार व आर्थिक मजबूती प्रदान करते है, वहीं सरकार के राजस्व को भी बढ़ाते है।
वर्षा ऋतु के समय पर्वतीय पर्यटक स्थलों पर अनेक समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। वर्षा में पहाड़ खिसकने की समस्याएं आम हो जाती है, जिसके चलते अनेक रास्ते बंद व बाधित होते है। सरकार को भी इन समस्याओं को दूर करने में अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।
अतः ऐसे पर्यटक स्थल पर जाने से पूर्व उस पर्यटक स्थल की वर्तमान स्थिति का पता लगा लेना चाहिए तथा मौसम विभाग द्वारा जारी सूचना को भी ध्यान में रखकर ही इन पर्यटक स्थलों पर जाना चाहिए।












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