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Cricketers in Politics: नवजोत सिद्धू से लेकर गौतम गंभीर तक, जानें किन क्रिकेटर्स ने रखा राजनीति में कदम

क्रिकेट खिलाड़ियों का खेल के मैदान से संन्यास लेने के बाद राजनीति के मैदान में हाथ आजमाना कोई नया नहीं है। अब सोशल मीडिया पर चर्चा है कि महेंद्र सिंह धोनी भी राजनीति में आ सकते हैं।

Cricketers in Politics

महिंद्रा ग्रुप के चेयरपर्सन आनंद महिंद्रा ने हाल ही में भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी से सिफारिश की थी कि उन्हें राजनीति में शामिल होने पर विचार करना चाहिए। उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने धोनी को "भविष्य का नेता" तक कह दिया है। उनकी इस टिप्पणी से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि क्या धोनी राजनीतिक अखाड़े में नजर आएंगे या नहीं? हालांकि, धोनी ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। मगर उनसे पहले कई क्रिकेट खिलाडी राजनीति के मैदान पर अपनी पिच जमा चुके हैं।

गौतम गंभीर
गौतम गंभीर भारतीय जनता पार्टी के सदस्य है और 2019 से पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद है। गंभीर ने साल 2018 में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से संन्यास ले लिया था। उन्हें भारत सरकार से पद्मश्री से भी सम्मानित किया था, जो भारत में चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है।

नवजोत सिंह सिद्धू
नवजोत सिंह सिद्धू फिलहाल कांग्रेस पार्टी के सदस्य है। वह पंजाब विधानसभा के सदस्य, पंजाब सरकार में पर्यटन और सांस्कृतिक मंत्री और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके है। सिद्धू राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। पूर्व में सिद्धू भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे और सितंबर 2016 में उन्होंने अपनी खुद की पार्टी आवाज-ए-पंजाब की शुरुआत की, हालांकि बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गए।

हरभजन सिंह
हरभजन सिंह 1998 से 2016 तक भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेल चुके हैं। मार्च 2022 में उन्हें आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा राज्यसभा सांसद चुना गया था। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीति में आने से पहले हरभजन ने अपने करीबी दोस्त और महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से सलाह ली थी की उन्हें राजनीति में आना चाहिए या नहीं? उन्होंने 2021 में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से संन्यास ले लिया था। आपको बता दें कि यूपीए सरकार के दौरान सचिन तेंदुलकर भी एकबार राज्यसभा के लिए मनोनीत हो चुके हैं।

मनोज तिवारी
मनोज तिवारी ने 2007 आईसीसी विश्व 20-20 और 2011 क्रिकेट विश्वकप में भारत के लिए खेला था। वह साल 2021 में तृणमूल कांग्रेस के सदस्य बने और उसी साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव थे। फिलहाल मनोज हावड़ा के शिबपुर सीट से विधायक है। वह पश्चिम बंगाल सरकार में खेल और युवा मामलों के मंत्री भी है। एएनआई की न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, वह राजनैतिक रैलियों के दौरान विवादित बयान देने के लिए भी सुर्खियों में रहते हैं।

मोहम्मद अजहरुद्दीन
मोहम्मद अजहरुद्दीन भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रह चुके हैं, जिन्होंने बाद में राजनीति में कदम रखा। उन्होंने भारत के लिए 99 टेस्ट मैच और 334 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। अजहरुद्दीन 2009 में कांग्रेस में शामिल हुए थे और उस ही वर्ष उन्हें कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से सांसद उम्मीदवार चुना। अजहरुद्दीन ने मुरादाबाद से जीत हासिल की और लोकसभा सदस्य बन गए। फिलहाल अजहरुद्दीन तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष है, हालांकि अब वह सांसद नहीं है।

मोहम्मद कैफ
मोहम्मद कैफ ने 13 टेस्ट मैच और 125 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। उन्होंने क्रिकेट से सन्यास 2018 में लिया था, हालांकि राजनीति में कदम 2014 में ही रख दिया था। कैफ कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए और उत्तर प्रदेश के फूलपुर से 2014 का लोकसभा चुनाव लड़े, हालांकि तब वह केशव प्रसाद मौर्या से हार गए।

कीर्ति आजाद
कीर्ति आजाद 1980 से 1986 के बीच भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा थे। वह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के पुत्र है। इसलिए वह अपने क्रिकेट करियर के अलावा राजनीति में भी शामिल रहे। साल 1999 से 2004 तक और 2009 से 2019 तक बिहार के दरभंगा से भाजपा से लोकसभा सांसद रहे। साल 2021 से आजाद तृणमूल कांग्रेस के सदस्य है। हालांकि, इससे पहले वह भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के भी सदस्य रह चुके हैं।

मंसूर अली खान पटौदी
मंसूर अली खान, ब्रिटिश राज के दौरान पटौदी रियासत के अंतिम शासक इफ्तिखार अली खान पटौदी के बेटे थे। पटौदी ने क्रिकेट के बाद राजनीति में अपनी किस्मत आजमाई थी। वह विशाल हरियाणा पार्टी के सदस्य बने और दो बार चुनाव लड़े। हालांकि वह दोनों चुनावों में जीत हासिल करने में असफल रहे।

चेतन चौहान
चेतन चौहान ने भारत के लिए 40 टेस्ट मैच खेले थे। एक जमाने में चेतन चौहान और सुनील गावस्कर की सलामी जोड़ी प्रसिद्ध हुआ करती थी। चौहान भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे और 1991 से 1998 तक उत्तर प्रदेश के अमरोहा से लोकसभा सांसद रहे। चौहान 2017 से 2020 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य भी रहे थे। साल 2020 में उनका कोरोना महामारी और फिर किडनी में संक्रमण के चलते निधन हो गया।

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