अटल बिहारी वाजपेयी: मथुरा के पेड़े के शौकीन और ठंडाई के दीवाने
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नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आज दुनिया को अलविदा कह दिया, उनका गुरुवार दोपहर बाद एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया, वह 93 साल के थे। वाजपेयी को यूरिन इन्फेक्शन और किडनी संबंधी परेशानी के चलते 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था। मधुमेह के शिकार वाजपेयी का एक ही गुर्दा काम कर रहा था, लंबी लड़ाई के बाद आज वो जिंदगी की जंग हार गए और सदा के लिए उन्होंने दुनिया से विदाई ले ली। अटल बिहारी के जाने से पूरे भारत में शोक की लहर दौड़ गई है।

अटल को मथुरा से विशेष लगाव.....
अटल बिहारी के जीवन से जुड़ी ऐसी बहुत सारी बातें हैं जिनके बारे में लोगों को पता ही नहीं है। ऐसी ही एक बात है उनका और मथुरा का रिश्ता। दरअसल अटल बिहारी वाजपेयी ने अपना सियासी सफर यहीं से शुरू किया था, हालांकि वो अपना पहला चुनाव हार गए थे और उनकी जमानत भी जब्त हो गई थी लेकिन इसके बाद उन्होंने जो भारतीय राजनीति में हासिल किया वो सच में उनके नाम के अनुरूप अटल ही है।

मथुरा के पेड़े के शौकीन और ठंडाई के दीवाने
अटल को मथुरा से मोहब्बत दूसरे कारणों से भी थी, दरअसल अटल बिहारी खाने-पीने के बेहद शौकीन थे, वो यहां के पेड़े और ठंडाई के दीवाने थे। उन्हें यहां के मशहूर प्रेम हलवाई के हाथों की कचौड़िया और जलेबी बहुत पसंद थी, एक वक्त था जब वो हलवाई की कचौड़िया खाने के लिए लंबी पैदल यात्रा करते थे।

ब्रजभूमि से विशष लगाव
जनसंघ से चुनाव लड़ने के दौरान वो मथुरा के कोने-कोने में घूमे थे, इस दौरान उन्होंने ब्रज की सोंधी खुशबू के दिल से महसूस किया था। इसी कारण उनके करीबी जो, आज भी मथुरा में हैं, उन्हें भूल नहीं पाए हैं।












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