Film Stars and Partition: फिल्मी सितारे जिन्होंने विभाजन के बाद भारत आकर कमाया नाम
पाकिस्तान के पेशावर में स्थित फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार का पुश्तैनी घर बहुत जर्जर हालत में है और भारी बारिश के कारण यह ढहने की कगार पर है। पेशावर में दिसंबर 1922 में जन्में दिलीप कुमार (असली नाम मोहम्मद यूसुफ खान) ने इस घर में ही अपने शुरुआती 12 साल बिताए थे। 13 जुलाई 2014 को तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने दिलीप कुमार के घर को पाकिस्तान का राष्ट्रीय धरोहर स्मारक घोषित किया था। हेरिटेज काउंसिल खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के सचिव शकील वहीदुल्ला खान ने हाल ही में हुई बारिश के कारण दिलीप कुमार के घर को हुए भारी नुकसान के बारे में जानकारी दी।
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे कई नामी अभिनेता, लेखक, निर्देशक, संगीतकार हुए हैं, जिनका जन्म तो अविभाजित भारत के उस हिस्से में हुआ जिसे आज पाकिस्तान कहते हैं, लेकिन बंटवारे के समय या उससे पहले ही वो भारत आ गए। ऐसे ही कुछ फिल्मी सितारों में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

पृथ्वीराज कपूर
हिंदी सिनेमा की नींव रखने वाले कुछ चुनिंदा लोगों में शामिल पृथ्वीराज कपूर का जन्म नवंबर 1906 में पाकिस्तान के लायलपुर (अब फैसलाबाद) में दीवान बसवेश्वर नाथ कपूर, जो पुलिस में सब-इंस्पेक्टर थे, के घर पर हुआ था। पृथ्वीराज कपूर ने अपनी शिक्षा लाहौर के खालसा कॉलेज से पूरी की। उसके बाद उन्होंने एक साल का वकालत का कोर्स भी किया और वकील बन गए, लेकिन उनका सपना एक्टर बनना था। इसी के चलते पृथ्वीराज 1929 में अपने परिवार के साथ मुंबई आ गए। पृथ्वीराज कपूर के तीन बेटे राज कपूर, शम्मी कपूर और शशि कपूर भी फिल्मों में प्रसिद्ध हुए।
देव आनंद
देव आनंद, जिन्हें देव साहब के नाम से भी जाना जाता था, का जन्म अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के शकरगढ़ में सितंबर 1923 में हुआ था। देव आनंद ने लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज से इंग्लिश लिटरेचर में डिग्री हासिल की और डिग्री हासिल कर बंटवारे से पहले ही भारत आ गए।
2011 में देव आनंद की मौत के बाद पाकिस्तानी स्टार मीरा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि एक बार देव आनंद ने उन्हें अपनी फिल्म में काम करने का मौका दिया था। मीरा ने बताया कि उन्होंने मुझसे कहा था कि मेरे लिए लाहौर का पानी लेकर आना। उन्होंने बताया कि लाहौर में लोगों के दिल में देव आनंद के लिए बहुत ज्यादा इज्जत है।
राज कपूर
लेजेंडरी भारतीय अभिनेता और फिल्म मेकर, 'बॉलीवुड के पहले शोमैन', राज कपूर का जन्म 14 दिसंबर 1924 को पेशावर में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है। पाकिस्तान में जन्म होने के बावजूद राज कपूर अपने परिवार के साथ 1929 में भारत आ गए और बॉलीवुड में एक आईकॉनिक फिगर बन गए, जिन्हें बॉलीवुड में अपने योगदान के लिए जाना जाता है।
पेशावर में आज भी कपूर हवेली मौजूद है, लेकिन जर्जर हालत में। कपूर हवेली को 1918 से 1922 के बीच बसवेश्वर नाथ कपूर, जो पृथ्वीराज कपूर के पिता और राज कपूर के दादा थे, ने बनवाया था। बंटवारे के बाद कपूर खानदान के बचे हुए सभी सदस्य भारत आ गए।
सुनील दत्त
मशहूर भारतीय अभिनेता, प्रोड्यूसर-डायरेक्टर और राजनेता सुनील दत्त का जन्म अविभाजित भारत के झेलम जिले के खुर्द गांव में जून 1929 में हुआ था। 2005 में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे विभाजन के दौरान उनके पिता के एक दोस्त ने उनके पूरे परिवार को झेलम के मुख्य शहर की ओर भागने में मदद करके बचाया था। सुनील दत्त ने यह भी बताया कि जब वो अपनी मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद 18 साल के हुए, तब ही बंटवारे की कहानी शुरू हो गई। पाकिस्तान में सुनील दत्त का परिवार आर्थिक रूप से मजबूत और नामी था, क्योंकि वे जमींदार थे।
राजेंद्र कुमार
अभिनेता राजेंद्र कुमार, जिन्होंने अपने करियर में 80 से भी ज्यादा फिल्में की, का जन्म 20 जुलाई, 1929 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के सियालकोट (अब पाकिस्तान) में हुआ था। राजेंद्र के दादा कराची में मिलिट्री ठेकेदार थे और उनके पिता कपड़ों के व्यवसाय में थे।
बंटवारे के समय राजेंद्र कुमार के परिवार को अपनी सारी संपत्ति छोड़कर भारत आना पड़ा और वो लोग मुंबई आकर रहने लगे। भारत आने के कुछ सालों के अंदर ही राजेंद्र ने 'जोगन' फिल्म से डेब्यू किया। उस समय वो मात्र 23 साल के थे। राजेंद्र को 1970 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से भी नवाजा गया था।
गुलज़ार
गुलज़ार एक प्रसिद्ध लेखक, गीतकार, स्क्रिप्टराइटर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने साहित्य और भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गुलज़ार का असली नाम संपूर्ण सिंह कालरा है और उनका जन्म अगस्त 1934 में पंजाब प्रांत के झेलम के दीना में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है। गुलज़ार का परिवार 1947 में भारत के विभाजन के समय हुई हिंसा में बच गया और बाद में राजधानी दिल्ली में आकर बस गया। गुलज़ार ने अपना 88वां जन्मदिन अपने जन्म स्थान दीना में जाकर ही मनाया था।
शेखर कपूर
नामी फिल्म डायरेक्टर और एक्टर शेखर कपूर का जन्म 1945 में आजादी के पहले पंजाब प्रांत के लाहौर में हुआ था, जो आज पाकिस्तान का हिस्सा है। शेखर के पिता कुलभूषण कपूर पाकिस्तान में डॉक्टर थे। फरवरी 2019 में जब पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन को बंदी बना लिया, तो शेखर ने ट्विटर (अब X) पर एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, "मेरा जन्म लाहौर में हुआ था। विभाजन के समय मेरी मां ने मुझे और मेरी बहन को भारत आने वाली ट्रेन में अपने शरीर के नीचे छुपा कर मरने की एक्टिंग करके बचा लिया। लेकिन अधिकतर लोग मारे गए।"
विनोद खन्ना
बॉलीवुड अभिनेता और राजनेता विनोद खन्ना का जन्म 6 अक्टूबर 1946 को ब्रिटिश भारत के पेशावर (अब पाकिस्तान) में हुआ था। विनोद खन्ना के जन्म के लगभग एक वर्ष बाद बंटवारे की काली कहानी शुरू हो गई, इसके बाद विभाजन के कारण उनका परिवार भारत आ गया। 2017 में विनोद खन्ना की मौत के बाद, शकील वहीदुल्लाह (महासचिव, कल्चरल हेरिटेज काउंसिल खैबर पख्तूनख्वा) ने बताया कि जब खन्ना उनसे 2014 में मिले थे, तब उन्होंने अपने ऑटोग्राफ में पेशावर के लोगों को शुभकामनाएं दीं और अपने पैतृक शहर की यात्रा करने की इच्छा व्यक्त की थी।
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