Film Industry Strike: हॉलीवुड ही नहीं, बॉलीवुड सितारे भी कर चुके हैं हड़ताल, सरकार की नाक में कर दिया था दम
हॉलीवुड के अभिनेताओं और अभिनेत्रियों सहित लेखक सभी हड़ताल पर हैं। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक हॉलीवुड में ऐसा 63 सालों के बाद देखने को मिल रहा है। राइटर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका तो 2 मई 2023 से ही हड़ताल पर है।
जबकि 14 जुलाई से स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड भी हड़ताल पर है। यह लगभग 160,000 कलाकारों का प्रतिनिधित्व करता है। द गार्जियन के मुताबिक राइटर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका, एसएजी-एएफटीआरए जो प्रदर्शन कर रहे हैं, उनकी मांग है कि फिल्मों से होने वाली कमाई के मुनाफे का बंटवारा सही से हो।

ताकि, सभी कामगारों को सही पैसा मिल सके। साथ ही राइटर्स ने अपनी जॉब श्योरिटी और सिक्योरिटी की भी मांग कर रहे हैं। क्योंकि, साफ-साफ शब्दों में ऐसी बातें सामने आ रही है कि अब स्क्रिप्ट एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से ही लिखवा ली जा सकती है।
क्या कभी भारत में सितारों ने किया है ऐसा प्रदर्शन?
जिस तरह से हॉलीवुड में प्रदर्शन हो रहे हैं, क्या उस तरह भारत में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री (बॉलीवुड) के कलाकारों ने कभी प्रदर्शन किया है। जी हां! अक्टूबर 1986 में महाराष्ट्र की कांग्रेस सरकार के खिलाफ पूरी फिल्म इंडस्ट्री के कलाकार, निर्देशक, लेखक, टेक्निशियन, लाइटमैन, एडिटर सभी सड़कों पर उतर आये थे।
दरअसल महाराष्ट्र सरकार की ओर फिल्मों की टिकट पर भारी टैक्स लगा दिया गया था। इसके विरोध में 10 अक्टूबर 1986 को बॉलीवुड में हड़ताल शुरू हो गयी। बॉलीवुड के कलाकारों मांग रखी कि महाराष्ट्र के सिनेमाघरों के टिकट पर राज्य सरकार की ओर से लगाये गये 177% सरचार्ज को कम किया जाये। साथ ही फिल्म प्रोडक्शन पर राज्य सरकार द्वारा लगाये गये 4% सेल्स टैक्स को भी खत्म करने की मांग की। इस हड़ताल के शुरू होते ही फिल्म निर्माताओं ने सैकड़ों फिल्मों पर काम रोक दिया।
राज कपूर से लेकर हेमा मालिनी तक ने किया था प्रदर्शन
'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक वैसे उस दौर में सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी से बॉलीवुड सितारे बहुत ज्यादा बचा करते थे। आपातकाल के दौर में दो भागों में बंटा बॉलीवुड इस मुद्दे पर एक होकर मुखरता से सामने आये थे। मुंबई (उस समय के बॉम्बे) की सड़कों पर कई बड़े सितारे उतरे थे। जिसमें राज कपूर, दिलीप कुमार, देव आनंद, विनोद खन्ना, सुनील दत्त, संजय दत्त, धर्मेंद्र, जितेंद्र, अनिल कपूर, जैकी श्राफ, शशि कपूर, शमी कपूर, राकेश रोशन, स्मिता पाटिल और हेमा मालिनी जैसी लगभग सभी प्रतिष्ठित हस्तियां विरोध प्रदर्शन के लिए एक साथ आयी थीं। इन सभी ने मीडिया में खुलकर बोला कि क्यों नये नियमों को तुरंत खत्म कर देना चाहिए।
उस समय सुनील दत्त कांग्रेस के सांसद हुआ करते थे। लेकिन, उन्होंने अपनी पार्टी का नहीं बल्कि फिल्म उद्योग के लिए मोर्चा खोला था। उन प्रदर्शनों के दौरान राज कपूर, मिथुन चक्रवर्ती, राजेश खन्ना, दिलीप कुमार, राज बब्बर और सुनील दत्त जैसे बड़े कलाकारों ने मंच से अपने अधिकारों और संस्कृति के महत्व पर जबरदस्त भाषण दिया था।
किस अभिनेता ने क्या कहा?
राजेश खन्ना ने कहा था कि दोस्तों, हमने यह कदम गुस्से में नहीं बल्कि स्पष्ट सोच के साथ उठाया है। दिलीप कुमार ने कहा कि आपने मशीनें, प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर आयात किये हैं, लेकिन आप संस्कृति का आयात नहीं कर सकते। राज बब्बर ने कहा था कि हम आज के नौजवानों को उनका (सरकार) सच बताने आये है। मिथुन चक्रवती ने कहा था कि हम बेवकूफ नहीं है और ना ही वो (सरकार) सही हैं। हम अपने अधिकार के लिए उतरे हैं। सुनील दत्त ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के इस प्रदर्शन से हमें जो भी कामयाबी मिलेगी, वो किसी एक की नहीं बल्कि पूरी इंडस्ट्री की कामयाबी मानी जायेगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने बुलावा भेजा
जब कलाकारों का प्रदर्शन तेज हुआ और स्थिति हद से आगे बढ़ने लगी। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री शंकर राव चव्हाण ने आगे आकर फिल्म इंडस्ट्री के महत्वपूर्ण सदस्यों को बात करने न्यौता दिया। बताते चलें कि उस समय फिल्म उद्योग के समर्थन में बाल ठाकरे तक आगे आ चुके थे, और अब कांग्रेस माहौल नहीं बिगड़ने देना चाहती थी। क्योंकि, कलाकारों का प्रदर्शन पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया था।
तब सुनील दत्त और अमिताभ बच्चन, दोनों उस समय कांग्रेस के सांसद हुआ करते थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इन दोनों सांसदों समेत बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई प्रतिनिधियों के बीच तकरीबन छह घंटे से ज्यादा की बातचीत की। इस बातचीत के बाद महाराष्ट्र की सरकार को अपने टैक्स संबंधी मामलों पर पीछे हटना पड़ा। यह हड़ताल बॉलीवुड की अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ और जीत की प्रतीक है।












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