स्वतंत्रता दिवस पर जानिए क्या है एक सैनिक के लिए 'जय हिंद' के मायने
[ऋचा बाजपेई]नई दिल्ली। 'जय हिंद' बताते हैं कि इस शब्द को सबसे पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सचिव और हैदराबाद के रहने वाले शेम्पाकारमान पिल्लई ने ईजाद किया था। वहीं कुछ रिसर्चर्स की मानें तो स्वतंत्रता से पहले इंडियन नेशनल आर्मी के मेजर आबिद हसन साफरानी ने सबसे पहले इसका प्रयोग किया। भले ही इस शब्द को लेकर अलग-अलग बातें हों, लेकिन यह शब्द हमारी सेनाओं और लाखों सैनिकों को आपस में जोड़ता है।

कोई भी भारतीय सैनिक देश के किसी भी हिस्से का हो, किसी भी धर्म का हो और चाहे किसी भी रैंक को, यह एक शब्द उनके बीच की सारी दूरियों को मिटा कर उन्हें एक कर डालता है। ऐसे में 68वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हमने एक सैनिक की जिंदगी में इस शब्द की अहमियत जानने की कोशिश की।
देश और देशसेवा बस यही मजहब
भारतीय सेना के एक अफसर से हमने इस बाबत जानकारी लेनी चाहिए। उन्होंने हमें बताया कि किसी भी सैनिक के दिल में इस एक शब्द की जो अहमियत है, उसे शब्दों में बयां कर पाना काफी मुश्किल है।
काफी भावनाएं इस एक शब्द से जुड़ी होती हैं। इस अफसर ने बताया,' जय हिंद का मतलब आपके लिए सिर्फ एक ही धर्म है और वह है आपका देश और इसकी सेवा करना। इसकी रक्षा में आपसे जो भी हो सके, उसे करने के लिए हर पल तैयार रहना। आपका देश हमेशा सलामत रहे और आप इसकी सुरक्षा में अपनी जान गंवानें में भी पीछे नहीं हटेंगे, 'जय हिंद' का 'जय' एक सैनिक को हर पल बस इसी बात को याद दिलाता है।'
हर सैनिक एक समान
आज के कॉरपोरेट वर्ल्ड में जूनियर, सीनियर का फॉर्मूला है। यह फॉर्मूला सेनाओं में भी है लेकिन किसी भी सैनिक को उसके पद की वजह से कभी भी ठेस न पहुंचे, इस बात की कोशिश हर दूसरे सैनिक की होती है।
इस सीनियर ऑफिसर के मुताबिक चाहे सेना प्रमुख, एक अफसर हों या फिर कोई जवान या फिर जेसीओ, कोई भी नमस्कार, गुड मॉर्निंग सर या फिर इस तरह के दूसरे शब्दों का प्रयोग कभी करता ही नहीं है। एक 'जय हिंद,' शब्द ही सेनाओं में एक-दूसरे को ग्रीट करने के जरूरी है।
जरूरी है जय हिंद का जवाब
जब कोई भी सैनिक, दूसरे सैनिक को 'जय हिंद,' कहकर सैल्यूट करता है, तो जवाब भी जरूरी होता है। जिस आर्मी अफसर ने हमसे इस बारे में बात की, उन्होंने हमें यह भी बताया कि इसका जवाब न देने का मतलब आप एक सैनिक के लिए तो अपना असम्मान जाहिर कर ही रहे हैं, साथ में देश के प्रति भी आपके दिल में कोई सम्मान नहीं है।
तो अब जब आप किसी सैनिक से मिलें तो एक बार शान के साथ जय हिंद कहें और उसे सैल्यूट जरूर करें।












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