Rahul Gandhi Conviction: राहुल गांधी पर दर्ज हैं मानहानि के कई मामले, जानें कहां चल रहे केस
राहुल गांधी ने 2019 में एक चुनावी रैली के दौरान ‘मोदी सरनेम’ वालों को चोर कहा था। अब इस मामले में उन्हें दोषी करार दिया गया है। हालांकि, राहुल गांधी के खिलाफ अभी कई और मामले देशभर के थानों में दर्ज हैं।

Rahul Gandhi Conviction: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में सूरत की एक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 2 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार का जुर्माना भी लगाया। इसके कुछ देर बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत भी दे दी। वहीं उनकी सजा को 30 दिन के लिए स्थगित कर दिया ताकि वह इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकें। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी कोर्ट में मौजूद थे। दूसरी ओर 24 मार्च को राहुल गांधी को उनकी 'मोदी सरनेम' टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने की तारीख से लोकसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला
वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कथित तौर पर यह बयान 11 अप्रैल 2019 में लोकसभा चुनावों के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिया था। उन्होंने कहा था कि सभी चोरों का उपनाम (सरनेम) मोदी क्यों है? इसके बाद राहुल के खिलाफ बीजेपी के विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने 13 अप्रैल 2019 को शिकायत दर्ज कराई थी। तब राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत केस दर्ज किया गया था।
शिकायत में कहा गया था कि राहुल गांधी द्वारा कर्नाटक में हमारे समाज को चोर कहा था। चुनावी सभा में हमारे खिलाफ आरोप लगाए गये, जिससे हमारी और समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। 6 मई 2019 को यह मामला सूरत की कोर्ट में पहुंचा। जहां पूर्णेश मोदी ने कहा कि राहुल ने हमारे समाज को चोर कहा है। इसी के चलते हम इस मामले को कोर्ट में लेकर आये हैं। हम आखिरी सांस तक लड़ेंगे। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मामले में सुनवाई होनी शुरू हुई तो खुद राहुल गांधी को चार बार 16 जुलाई 2019, 10 दिसंबर 2019, 29 अक्टूबर 2021 और 23 मार्च 2023 को कोर्ट में पेश होना पड़ा। अब इसी मामले में राहुल गांधी को सूरत की एक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 2 साल की सजा सुनाई है।
राहुल गांधी पर मानहानि के कई मामले दर्ज
वैसे राहुल गांधी पर मानहानि का यह कोई पहला मामला नहीं है। साल 2014 के बाद से राहुल गांधी पर मानहानि की एफआईआर (FIR) महाराष्ट्र, झारखड, कर्नाटक और असम में दर्ज हैं। उनमें से एक पर फैसला बीते दिन आ चुका है जबकि बाकियों की सुनवाई चल रही है। जानें क्या हैं वो सभी मामले...
आरएसएस को जब राहुल ने बताया 'गांधी का हत्यारा'
साल 2014 में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार बनी और इसी साल राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का पहला मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि राहुल गांधी ने 6 मार्च 2014 को एक चुनावी रैली में कथित तौर पर महात्मा गांधी की हत्या के लिए आरएसएस (RSS) को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस के लोग थे। इसे लेकर आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने ठाणे के भिवंडी कस्बे में शिकायत दर्ज कराई थी। इस प्रकार राहुल गांधी पर मानहानि का केस भी दर्ज किया। यह केस अभी भी महाराष्ट्र के ठाणे के एक कोर्ट में चल रहा है।
गुवाहाटी में जब दर्ज हुआ केस
दिसंबर 2015 में आरएसएस के एक स्वयंसेवक द्वारा असम में राहुल के खिलाफ एक आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि संघ के सदस्यों द्वारा 12 दिसंबर को असम के बारपेट शहर में 16वीं शताब्दी में बने वैष्णव मठ में प्रवेश करने से उन्हें रोका गया। मुकदमे में कहा गया कि राहुल गांधी मठ पहुंचे ही नहीं और सरासर झूठ बोल दिया। इस आरोप से संघ की छवि खराब हुई है। हालांकि, इस मामले में साल 2016 में ही स्थानीय कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई। वैसे मामला अभी अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रहा है और अपने अंतिम चरण में है।
गौरी लंकेश की हत्या, राहुल गांधी और आरएसएस
यह मामला साल 2018 का है। आरोप है कि राहुल गांधी ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को बीजेपी और संघ की विचारधारा से जोड़ा था। इसे लेकर संघ के एक कार्यकर्ता ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया था। यह मामला महाराष्ट्र के मझगांव स्थित शिवड़ी कोर्ट में चल रहा है।
'मोदी सरनेम' पर झारखंड में केस
राहुल गांधी के खिलाफ यह मामला झारखंड का है। वैसे यह भी वही मामला है जिस पर अभी राहुल गांधी को सजा सुनाई गई है। उस रैली में राहुल ने कहा था कि सारे चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है? इस पर एडवोकेट प्रदीप मोदी ने रांची की जिला कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था। साथ ही 20 करोड़ का दावा भी ठोका था। यह मामला भी अभी लंबित है।
जब फिल्म का गाना किया 'चोरी'
यह मामला नवंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान का है। दरअसल, यात्रा के दौरान बिना परमिशन के KGF-2 फिल्म के एक गाने का इस्तेमाल किया गया था। राहुल गांधी के अलावा जयराम रमेश और सुप्रिया श्रीनेत के खिलाफ यह केस एमआरटी म्यूजिक कंपनी की ओर से दर्ज कराया था।
कंपनी का आरोप लगाया था कि बिना परमिशन के गानों का इस्तेमाल किया गया है। कांग्रेस के तीनों नेताओं के खिलाफ IPC की धारा 403 (संपत्ति की बेईमानी से हेराफेरी), 465 (जालसाजी), 120 B (आपराधिक साजिश) और धारा 63 कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत केस दर्ज किया गया था। वहीं दिसंबर 2022 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक इस मामले की जांच पर रोक लगा दी है।
सावरकर पर टिप्पणी कर फंसे
यह मामला दिसंबर 2022 का है। जब राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान विनायक दामोदर सावरकर पर कथित तौर पर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने सावरकर को अंग्रेजों से पेंशन लेने वाला नौकर बताया था। इस मामले में एडवोकेट नृपेंद्र पांडेय ने लखनऊ की एक कोर्ट में केस दर्ज कराया था। उन्होंने आईपीसी की धारा 156(3) के तहत केस दर्ज कराया था। हालांकि, कोर्ट ने पहले शिकायतकर्ता और उसके गवाहों की जांच करने का आदेश दिया है।
साल 2014 से पहले का 'हेराल्ड केस'
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यह मामला साल 2014 से पहले का है। जब साल 2012 में बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि यंग इंडिया ने धोखाधड़ी से एजेएल का अधिग्रहण कर लिया। इसमें स्वामी ने आरोप लगाया कि इसका मकसद एजेएल की दो हजार करोड़ की संपत्ति को कब्जा करने की कोशिश की गई। इस मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर आरोप लगाया गया है। इस केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी कर रही है।
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