25 महिलाओं- 30 पुरुषों के उड़े परखच्चे, भारत के पड़ोसी देश में बड़ा हादसा, एक चूक से 100 घर बर्बाद- Video
Myanmar Blast: म्यांमार के पूर्वोत्तर इलाके में एक जबरदस्त धमाके ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। इस हादसे में कम से कम 55 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों अन्य लोग घायल हो गए। यह घटना शान राज्य के नामखाम टाउनशिप स्थित कौंगटुप गांव में हुई। जो चीनी सीमा के पास स्थित है और ता'आंग नेशनल लिबरेशन आर्मी (TNLA) इसे पूरी तरह कंट्रोल करती है। TNLA एक जातीय सशस्त्र संगठन है जो कई सालों से म्यांमार की सैन्य सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। लेकिन जिस तरीके से ये हादसा हुआ वह काफी डरावना है।
बचावकर्मियों ने बताया कैसे हुआ हादसा
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बचावकर्मियों का कहना है कि धमाका एक ऐसी इमारत में हुआ जहां कथित तौर पर खनन कार्यों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक रखे गए थे। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक मरने वालों में 25 महिलाएं और 30 पुरुष शामिल हैं। हादसे के कई घंटे बाद तक राहत और बचाव अभियान जारी रहा। बचाव दल ढही हुई इमारतों और मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने और जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटे रहे।

100 से ज्यादा घर मलबे में तब्दील
स्थानीय मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों और वीडियो में गांव के ऊपर घना काला धुआं उठता दिखाई दिया। आसपास के इलाके में बड़े पैमाने पर तबाही के निशान देखे गए। रिपोर्टों के मुताबिक, इस विस्फोट से 100 से अधिक घर ढेर हो गए। कई इलाकों में मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि पूरे मोहल्ले के बड़े हिस्से इस धमाके की चपेट में आ गए।
किस बम से हुआ धमाका?
धमाके के बाद TNLA ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। संगठन ने पुष्टि की कि विस्फोट उसके आर्थिक विभाग द्वारा खनन और पत्थर उत्खनन कार्यों के लिए रखे गए गेलिग्नाइट (Gelignite) नामक विस्फोटक पदार्थ से हुआ। TNLA के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि धमाका उसी जगह हुआ जहां बड़ी मात्रा में खनन विस्फोटक स्टोर किए गए थे। हालांकि विस्फोट की सटीक वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है।
क्या होता है गेलिग्नाइट?
गेलिग्नाइट एक शक्तिशाली औद्योगिक विस्फोटक है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर खनन, पत्थर तोड़ने और निर्माण परियोजनाओं में किया जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि इस प्रकार के विस्फोटकों को लंबे समय तक या गलत तरीके से रखा जाए तो वे कभी भी कैमिकल रिएक्शन कर फट सकते हैं और बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इसी एक चूक से इतना बड़ा ब्लास्ट हो गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक धमाका इतना शक्तिशाली था कि कई लोगों को शुरुआत में लगा कि इलाके पर हवाई हमला हुआ है।
मलबे में अपनों को खोजते रहे परिवार
धमाके के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। चश्मदीदों ने बताया कि हर तरफ धूल, धुआं और चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। कई परिवार अपने लापता रिश्तेदारों को खोजने के लिए मलबे के बीच भटकते नजर आए। लोगों ने बताया कि धमाके के बाद कई घंटों तक प्रभावित इलाकों से मदद की आवाजें आती रहीं।
कैसे TNLA के कंट्रोल में आया यह इलाका?
TNLA ने 2023 के अंत में 'थ्री ब्रदरहुड अलायंस' और अन्य सहयोगी समूहों के साथ मिलकर म्यांमार की सेना के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान शुरू किए थे। इन अभियानों के दौरान संगठन ने नामखाम और आसपास के कई इलाकों पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद से यह क्षेत्र TNLA के कंट्रोल में बना हुआ है।
2021 के तख्तापलट के बाद से संकट में म्यांमार
म्यांमार फरवरी 2021 से लगातार राजनीतिक और सैन्य संकट का सामना कर रहा है। उसी साल सेना ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को सत्ता से हटा दिया था। इस तख्तापलट के बाद देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जो बाद में सशस्त्र संघर्ष में बदल गए। आज भी म्यांमार के कई क्षेत्रों में जातीय सशस्त्र संगठन और जुंटा विरोधी समूह सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।
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