Thalapathy Vijay पर गर्भपात का आरोप लगाने वाली एक्ट्रेस कौन है? क्यों कहा- 'मेरे बच्चे की मौत के जिम्मेदार'?
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Miscarriage Controvercy: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय (Thalapathy Vijay) पर एक एकट्रेस ने गर्भपात का आरोप लगाया है। बिग बॉस तमिल की पूर्व प्रतियोगी और 2017 जल्लीकट्टू आंदोलन की चेहरा बनी मैरी जूलियाना (जूली) ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जूली का दावा है कि विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के समर्थकों द्वारा लगातार ऑनलाइन ट्रोलिंग और उत्पीड़न के कारण उन्हें मानसिक आघात पहुंचा, जिससे उनका गर्भपात हो गया।
जूली ने चेन्नई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और विजय को अपने बच्चे की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। यह मामला तमिलनाडु की राजनीति और सिनेमा जगत में तूफान ला रहा है।

Julie Miscarriage Controvercy: क्या कहा उन्होंने?
मैरी जूलियाना ने कहा कि मार्च महीने में उन्होंने 8 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इनमें TVK समर्थक शामिल बताए जा रहे हैं। उनका दावा है कि शिकायत के बाद भी ट्रोलिंग जारी रही, जिससे उनका गर्भपात हो गया।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि हमने अपना बच्चा खो दिया। मेरी अभी-अभी शादी हुई थी और हम पहला बच्चा खो बैठे। ऑनलाइन उत्पीड़न के कारण हुए गंभीर मानसिक कष्ट से मेरे बच्चे की मौत हो गई। जूली ने आगे आरोप लगाया कि अगर विजय अन्ना ने बस एक शब्द कहकर अपने समर्थकों को रोका होता तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। उन्होंने कहा, 'विजय अन्ना मेरे बच्चे को खोने के लिए जिम्मेदार हैं। हो सकता है उन्होंने सीधे कुछ न किया हो, लेकिन उनकी जिम्मेदारी बनती थी।' जूली ने यह भी दावा किया कि उनकी शिकायत को शुरू में गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में उन पर 15 लाख रुपये के किडनी घोटाले के आरोप लगाए गए, जिसे उन्होंने TVK समर्थकों और एक वकील की साजिश बताया।
Who Is Marie Juliana: जूलियाना कौन हैं? नर्स से स्टार बनने तक का सफर

मैरी जूलियाना (Marie Juliana) चेन्नई की रहने वाली हैं। उन्होंने श्री रामचंद्र विश्वविद्यालय से B.Sc नर्सिंग की पढ़ाई की और शुरुआत में नर्स के रूप में काम किया।
2017 में तमिलनाडु में जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध के खिलाफ मरीना बीच पर हुए बड़े आंदोलन में उनकी वायरल स्पीच ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। लोग उन्हें 'वीरा तमिझाची' (वीर तमिल महिला) कहने लगे। उसके बाद उन्हें Bigg Boss Tamil Season 1 में जगह मिली, जहां उन्होंने Kamal Haasan के शो में अपनी आक्रामक और भावुक छवि बनाई। बाद में Bigg Boss Ultimate (2022) में भी उन्होंने फाइनल तक पहुंचकर अपनी लोकप्रियता कायम रखी। Bigg Boss के बाद जूली ने टीवी, फिल्मों और सोशल एक्टिविज्म में सक्रिय रहते हुए खुद को एक पब्लिक फिगर के रूप में स्थापित किया।

मामला कब और कैसे शुरू हुआ?
जूली के अनुसार, TVK और विजय के बारे में अपनी राय रखने के बाद उन्हें लक्षित ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणियां, व्यक्तिगत हमले और फेक न्यूज फैलाई गई।
उन्होंने दावा किया कि डीएमके सरकार के दौरान शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन चुनाव के समय और बाद में TVK की सत्ता में आने के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी। जूली का कहना है कि पुलिस ने मामले को दीवानी मुकदमे का बताकर टाल दिया।

राजनीती और TVK का रोल समझें...
थलापति विजय 2024-25 में सक्रिय राजनीति में आए। उनकी पार्टी TVK ने हाल ही में तमिलनाडु में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। जूली का आरोप है कि उनके समर्थक आलोचकों को चुप कराने के लिए ट्रोल आर्मी का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने पूछा, 'इंस्टाग्राम पर मुख्यमंत्री बनने के बजाय, क्या उन्हें लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देना चाहिए?' विजय या TVK की तरफ से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

ऑनलाइन ट्रोलिंग और मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा
यह मामला सोशल मीडिया ट्रोलिंग के गंभीर मुद्दे को फिर रेखांकित करता है। कई सेलिब्रिटी और आम लोग पहले भी ट्रोलिंग के शिकार हो चुके हैं। गर्भवती महिला पर मानसिक दबाव का दावा बेहद संवेदनशील है।
चिकित्सकीय रूप से तनाव गर्भपात का एक कारण हो सकता है, लेकिन इसे साबित करना मुश्किल है। कानूनी रूप से भी ऐसे मामलों में ठोस सबूत की जरूरत पड़ती है।
क्या कहती है कानूनी स्थिति?
जूली की शिकायत पर पुलिस ने प्रारंभिक नोटिस जारी किया है, लेकिन इसे आपराधिक मानहानि या गंभीर अपराध की बजाय दीवानी मामले में रखा गया है। जूली इस फैसले से नाखुश हैं और आगे कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कह रही हैं।
सनसनी या सच्चाई?
मैरी जूलियाना का आरोप तमिलनाडु की राजनीति, सिनेमा और सोशल मीडिया की दुनिया को हिला देने वाला है। एक तरफ महिला की व्यक्तिगत त्रासदी है, दूसरी तरफ बिना सबूत के बड़े नाम पर लगाए गए आरोप।
यह मामला कई सवाल उठाता है:
- - क्या सेलिब्रिटी और राजनीतिक पार्टियां अपने समर्थकों पर नियंत्रण रखती हैं?
- - ऑनलाइन ट्रोलिंग को लेकर कानून कितना प्रभावी है?
- - क्या व्यक्तिगत राय रखने पर महिला को इस तरह का उत्पीड़न सहना पड़ता है?
फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। पुलिस की जांच, सबूत और अदालती फैसले पर निर्भर करेगा कि आरोप कितने सही साबित होते हैं। जूली की पीड़ा अगर सच्ची है तो सहानुभूति के साथ न्याय मिलना चाहिए। लेकिन बिना पुख्ता सबूत के किसी को दोषी ठहराना भी उचित नहीं।













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