Congress Party: चार पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित 177 सांसद और विधायक छोड़ चुके कांग्रेस
बीतें चार सालों में दो दर्जन से अधिक प्रमुख नेताओं ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया है। पार्टी छोड़ने वालों में चार पूर्व मुख्यमंत्री, वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय प्रवक्ता व फिल्मी कलाकार भी शामिल हैं।

Congress Party: जिस नाव में छेद हो जाता है, उस नाव की सवारी कौन करे? कहने को यह तो यह कहावत समुद्र में नाव से यात्रा कर रहे यात्रियों पर सटीक बैठती है, लेकिन वर्तमान में यह कांग्रेस पार्टी पर हूबहू लागू हो रही है। वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से शुरू हुआ यह सिलसिला आज भी जारी है। कांग्रेस संगठन को अलविदा कहने वाले नेताओं की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसा नहीं है कि कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं में अधिकतर राजनीतिक लाभ लेने वाले विधायक या सांसद ही है, बल्कि अनेक वरिष्ठ नेता भी हैं जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी कांग्रेस की सेवा की लेकिन वर्तमान में कांग्रेस की कार्यशैली से परेशान है।
2014 से शुरू हुआ यह सिलसिला लगातार जारी है। इस दौरान अनेक केंद्रीय मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता, सीडब्ल्यूसी के सदस्य, महासचिव और कभी कांग्रेस के नीति निर्धारित रहे नेता भी शुमार हैं। वर्ष 2019 के बाद यह सिलसिला काफी तेजी से आगे बढ़ा। कांग्रेस छोड़ने वालों की सूची दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस छोड़ने वाले अधिकतर नेताओं ने भाजपा का दामन थामा है तो कुछ समाजवादी पार्टी, शिवसेना और कुछ ने अपनी नयी पार्टी बनाई है।
प्रियंका की एंट्री के बाद बिगड़े हालात?
लोकसभा चुनावों से ठीक पहले, 23 जनवरी 2019 को प्रियंका वाड्रा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव पद से सक्रिय राजनीति की शुरूआत की। इसके बाद पार्टी में बगावत शुरू हुई। पार्टी को उम्मीद थी कि प्रियंका की एंट्री से 2019 के लोकसभा चुनाव और संगठन दोनों को मजबूती मिलेगी। लेकिन इसका ठीक उल्टा हुआ। कांग्रेस की चुनावी हार का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा। प्रियंका की एंट्री के बाद अब तक के चार सालों में 23 बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं।
पार्टी छोड़ने वालों में राष्ट्रीय नेता व प्रवक्ता भी शामिल
कांग्रेस छोड़ने वालों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अपने असुरक्षित भविष्य को देखते हुए कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय प्रवक्ता और फिल्मी कलाकार भी कांग्रेस छोड़ने की सूची में शुमार हैं। इसमें कांग्रेस के बड़े चेहरे कपिल सिब्बल भी हैं। कांग्रेस से निकलने के बाद इन्होंने समाजवादी पार्टी के समर्थन से निर्दलीय के रूप में राज्यसभा चुनाव लड़ा और जीता। सिब्बल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के असंतुष्ट खेमे जी-23 के प्रमुख सदस्य थे।
इसके बाद नंबर आता है राहुल गांधी की टीम के सबसे प्रमुख चेहरे ज्योतिरादित्य सिंधिया का। सिंधिया ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा था कि पार्टी में रहते हुए जनता व अपने लोगों के लिए काम करना मुश्किल है। वहीं उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस का बड़ा चेहरा रहे जितिन प्रसाद ने भी त्यागपत्र दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों से दूर है। दोनों के विचारों में मेल नहीं है।
वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और युवा चेहरा जयवीर शेरगिल के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार ने भी कांग्रेस से चार दशकों लंबा रिश्ता खत्म कर दिया। इसी प्रकार मनमोहन सरकार में केंद्रीय मंत्री, पूर्व सांसद व यूपी में राजपरिवार के सदस्य आरपीएन सिंह तथा गुजरात में कांग्रेस की आस रहे हार्दिक पटेल ने भी पार्टी से नाता तोड़ लिया।
इन नेताओं ने किया कांग्रेस से किनारा
कांग्रेस की कार्यप्रणाली को लेकर कभी जोश और उत्साह से शामिल हुए फिल्मी कलाकार भी कांग्रेस छोड़ने में लगे हैं। इनमें शत्रुघ्न सिन्हा व उर्मिला मातोंडकर के नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा प्रियंका चतुर्वेदी, सुनील जाखड़, कुलदीप विश्नोई, तेलंगाना के एम.ए. खान, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सोनिया के खास टॉम वडक्कन, हरियाणा के चौधरी विरेंद्र सिंह, खुशबू सुंदर, प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी कीर्ति आजाद, केरल के पी.सी. चाको, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पुत्र अभिजीत मुखर्जी तथा कभी गुजरात कांग्रेस की धुरी रहे शंकर सिंह वाघेला के नाम प्रमुख हैं।
चार पूर्व मुख्यमंत्रियों ने छोड़ी कांग्रेस
कांग्रेस को विदा करने वालों में चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल है। इसमें सबसे ऊपर नाम गुलाम नबी आजाद का आता है। कश्मीर में इंडियन यूथ कांग्रेस से राजनीति शुरू करने वाले आजाद 50 सालों से अधिक समय तक कांग्रेस में रहे। इस दौरान वह चार प्रधानमंत्रियों - इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह की सरकारों में केंद्रीय मंत्री सहित जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री भी रहे।
इसके अलावा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने लंबी खींचतान के बाद कांग्रेस से दूरी बना ली थी। त्यागपत्र में उन्होंने सोनिया गांधी व उनके बेटे-बेटी के हाथों अपमानित होने की बात कही थी। वहीं आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने फिर एक बार कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा, गोवा के पूर्व सीएम लुईजिनहो फलेरो का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है।
सात दशक तक सत्ता में रही कांग्रेस से नेताओं का मोह भंग
एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार 2014 और 2021 के बीच हुए चुनावों के दौरान 222 चुनावी उम्मीदवारों ने कांग्रेस छोड़ दी। वहीं, इस दौरान 177 सांसद और विधायक पार्टी को अलविदा कह चुके हैं। पूर्वोत्तर में असम से लेकर पश्चिम में गुजरात तक, उत्तर में जम्मू-कश्मीर से लेकर दक्षिण में केरल, तमिलनाडु तक पार्टी के दिग्गज नेता साथ छोड़ चुके हैं।
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