इतिहास के पन्नों से- राष्ट्रपति भवन के क्लॉक टॉवर्स
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) राष्ट्रपति भवन के दो क्लॉक टॉवर्स को नए सिरे से तैयार किया है। ये खराब हो गए थे। दोनों क्लॉक टॉवर्स की मरम्मत इनटेक ने की है, जबकि घड़ियों की मरम्मत आईआईटी दिल्ली ने की है।
खोया गौरव
नवीकरण से पहले दोनों इमारतों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इन टॉवर्स का खोया गौरव लौटाने के लिए प्लास्टर, कोटा स्टोन फ्लोरिंग, शंकु चतुषकोणीय स्तम्भों की मरम्मत, फायर प्लेस की सफाई और पेंटिंग आदि मौलिक डिजाइन के अनुसार की गई।
लुटियंस का दौर
मालूम चला है कि ये क्लॉक टॉवर्स राष्ट्रपति भवन के अनुसूची-ए और अनुसूची-बी क्षेत्रों में स्थित हैं और इन ऐतिहासिक टॉवर्स का निर्माण क्रमशः 1924 और 1925 में सर एडविन लुटियंस ने किया था।
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अनुसूची-ए क्लॉक टॉवर का निर्माण राष्ट्रपति के अंगरक्षकों के लिए संस्थान के रूप में बनाया गया था और इसमें अध्ययन और मनोरंजन कक्ष, कैंटीन आदि थे। 1947 से यहां राष्ट्रपति अंगरक्षक का रेजिमेंटल हेडक्वार्टर है।
बैंड हाउस
मालूम हो कि अनुसूची-बी क्लॉक टॉवर को अतीत में बैंड हाऊस के नाम से जाना जाता था और इसका इस्तेमाल रिहायश के लिए होता था। दोनों क्लॉक टॉवर्स एवेन्यू के बीचों-बीच स्थित हैं और लुटियंस के मौलिक डिजाइन का अंग है।
अनुसूची-ए टॉवर में लगी घड़ी में "पल्सीनेटिक" लिखा हुआ है जो इस बात का संकेत करता है कि इसका निर्माण ब्रिटेन के लीसेस्टर की जेंट एंड कंपनी ने किया है। इस कंपनी की इलेक्ट्रोनिक घड़ियां दुनिया भर की कई महत्वपूर्ण इमारतों की शोभा बढ़ा रही हैं।
अनुसूची-बी टॉवर में लगी घड़ी पर "जे बी जॉयस एंड कंपनी लिमिटेड, विटचर्च 1924" लिखा है। जे बी जॉयस एंड कंपनी की घड़ियां दुनिया भर की कई महत्वपूर्ण इमारतों की शोभा बढ़ा रही हैं।













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