Border-Gavaskar Trophy: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जाने वाली क्रिकेट टेस्ट सीरीज का इतिहास क्या है?
भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच 9 फरवरी 2023 से 16वीं बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज खेली जायेगी। महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज एलन बॉर्डर के नाम से खेली जाने वाली इस टेस्ट सीरीज पर भारत का दबदबा रहा है।

Border-Gavaskar Trophy: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 9 फरवरी 2023 से क्रिकेट टेस्ट सीरीज की शुरुआत हो रही है। यह टेस्ट सीरीज बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के नाम से आयोजित की जायेगी। 1996 से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जाने वाली टेस्ट क्रिकेट सीरीज को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का नाम दिया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया मिलकर इस सीरीज का आयोजन करते हैं। जब ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत का दौरा करती है, तो इसका आयोजन BCCI करती है। वहीं, जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा करती है, तो इसका आयोजन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया करती है।
एशेज सीरीज की तरह ही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी काफी लोकप्रिय है। इसमें टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले दो दिग्गज देशों की टीमें हिस्सा लेती हैं। दोनों टीमों की प्रतिद्वंदिता का अंदाजा इस तरह लगाया जा सकता है कि 1996 से लेकर अब तक केवल एक बार यह सीरीज ड्रॉ रही है, नहीं तो हर बार इस सीरीज का निर्णायक फैसला हुआ है। अब तक 15 बार खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी सीरीज में भारत का दबदबा रहा है। 16वीं बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज भारत में खेली जाएगी। ऐसे में टीम इंडिया का पलड़ा भारी दिख रहा है।
भारत का रहा है दबदबा
2016-17 से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर भारत का कब्जा है। पिछली तीन सीरीज में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दो बार उनके घर में और एक बार भारत में हराया है। भारत का बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी पर शुरू से ही दबदबा रहा है। 1996-97 में पहली बार भारत में खेली गई इस सीरीज में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया था। पहली सीरीज 10 अक्टूबर 1996 को खेली गई थी। हालांकि, इस सीरीज में एक ही टेस्ट मैच खेला गया था, जिसमें भारतीय टीम की अगुवाई मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने की थी। सचिन की कप्तानी में खेली गई इस सीरीज में विकेटकीपर-बल्लेबाज नयन मोंगिया प्लेयर ऑफ द सीरीज (मैन ऑफ द सीरीज) रहे थे।
दूसरी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 6 मार्च 1998 से शुरू हुई थी। तीन मैचों की इस सीरीज का भी आयोजन भारत में हुआ था, जिसमें टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया की मजबूत माने जानी वाली टीम को 2-1 से शिकस्त दी थी। इस समय भारतीय टीम के कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन थे। इस सीरीज के प्लेयर ऑफ द मैच सचिन तेंदुलकर रहे थे। वहीं, ऑस्ट्रेलिया में पहली बार खेले जाने वाले बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी पर पहली बार ऑस्ट्रेलिया ने कब्जा जमाया। 10 दिसंबर 1999 से शुरू हुई इस सीरीज में अपनी सरजमीं पर खेली गई इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 3-0 से हराया। इस सीरीज के प्लेयर ऑफ द सीरीज भी सचिन तेंदुलकर रहे थे।
ऑस्ट्रेलिया को मिली थी करारी शिकस्त
बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी की चौथी सीरीज कई मायनों में ऐतिहासिक रही थी। इस टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के जुझारूपन ने ऑस्ट्रेलिया को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। इस सीरीज का पहला मैच 27 फरवरी से 3 मार्च 2001 के बीच आयोजित किया गया था। पहले टेस्ट मैच के दो दिन पूर्व ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डॉन ब्रेडमैन का निधन हो गया था। इस पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी थी। हालांकि, इसके बाद जो हुआ वो अपने आप में इतिहास है। सौरव गांगुली की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरे टेस्ट मैच में रोमांचक ढंग से हराया था। आज भी इस टेस्ट मैच के चर्चे होते हैं।
दरअसल, आस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट मैच में पहले खेलते हुए 445 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय टीम पहली पारी में केवल 171 रन बना कर ऑल आउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को फॉलो-ऑन खेलने के लिए बुलाया। भारत की ओर से वीवीएस लक्षमण ने 281 रन और राहुल द्रविड ने 180 रन बनाकर जबरदस्त पलटवार किया था। दूसरी पारी में भारतीय टीम ने 657 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। ऑस्ट्रेलिया को इस मैच को जीतने के लिए 384 रनों का लक्ष्य मिला था। लेकिन हरभजन सिंह की फिरकी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज आउट होते गए और भारत ने यह मैच 171 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया। इस मैच के बाद सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2 विकेट से हराकर एक बार फिर से बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी अपने नाम कर ली। 2001 में खेली गए बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी सीरीज में हरभजन सिंह प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे।
घरेलू सीरीज में भारत को मिली करारी हार
2003-04 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज एकलौती ऐसी सीरीज रही थी, जिसका नतीजा नहीं निकला था। ऑस्ट्रेलिया में खेली गई इस सीरीज में 4 मैच खेले गए थे, जिसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 1-1 मैच जीते थे, वहीं, 2 मैच ड्रॉ हो गए थे। इस सीजन के प्लेयर ऑफ द सीरीज राहुल द्रविड थे, जिन्होंने एडिलेड में 233 रनों की जबरदस्त पारी खेली थी। राहुल द्रविड ने इस सीरीज में कुल 619 रन बनाए थे। वहीं, वीवीएस लक्षमण ने 494 और वीरेन्द्र सहवाग ने 464 रन बनाए थे।
Recommended Video

साल 2004-05 में खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी सीरीज भारत के लिए सबसे बुरी रही थी। पहली बार भारत को अपनी सरजमीं पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी हारने का स्वाद चखना पड़ा था। 4 मैचों की इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 2-1 से करारी शिकस्त दी थी। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डैमियन मार्टिन इस साल प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे। इसके बाद 2007-08 में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई सीरीज में भी भारत को हार का स्वाद चखना पड़ा था। ऑस्ट्रेलिया ने यह सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली इस सीरीज के प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे।
भारत ने की वापसी
2008-09 और 2010-11 में भारत में खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी पर भारत ने एक बार फिर से कब्जा कर लिया। 2008-09 में चार मैचों की सीरीज में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया था। तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा इस सीरीज के प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे। 2010-11 में खेली गई सीरीज भी भारत के नाम रही। 2 मैचों की इस सीरीज में भारत ने क्लीन स्वीप करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया था। सचिन तेंदुलकर एक बार फिर से इस सीरीज के प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे। वहीं, 2011-12 में खेली गई सीरीज पर एक बार फिर से ऑस्ट्रेलिया ने कब्जा जमा लिया। ऑस्ट्रेलिया में खेली गई यह सीरीज ऑस्ट्रेलिया ने 4-0 से एकतरफा जीत ली। माइकल क्लार्क इस सीरीज के प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे। 2012-13 में एक बार फिर से भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। यह सीरीज भारत में खेली गई थी जिसमें भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से हराया था। रविचंद्रन अश्विन इस सीरीज के प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे।
2014-15 में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 2-0 से हराया था। इस सीरीज के प्लेयर ऑफ द सीरीज स्टीव स्मिथ रहे थे। महेन्द्र सिंह धोनी ने इस सीरीज के बीच में ही टेस्ट क्रिकेट से रिटायर होने का फैसला लिया था, जिसके बाद विराट कोहली को कप्तान बनाया गया था। इसके बाद से खेली गई तीन बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी सीरीज पर भारत का कब्जा रहा है। 2016-17 में भारत में खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी सीरीज को भारत ने 2-1 से जीता था। इसमें रविन्द्र जडेजा प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे। वहीं, 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई सीरीज भी भारत के नाम रही थी। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को इस सीरीज में भी 2-1 से हराया था। चेतेश्वर पुजारा इसके प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे।
ऑस्ट्रेलिया का घमंड टूटा
2020-21 में खेली गयी पिछली बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी ने कई मायनों में ऑस्ट्रेलियाई टीम की नींदें उड़ा दी। दरअसल, भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरजमीं पर लगातार दूसरी सीरीज हराई थी। इसबार एक युवा भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को इस सीरीज में चारों खाने चित कर दिया था। पहले टेस्ट की पहली पारी में 53 रनों की बढ़त लेने के बाद भारतीय टीम केवल 36 रनों पर ऑल-आउट हो गई। भारत के नाम एक पारी में सबसे कम रन बनाने का शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ गया और भारत यह टेस्ट 8 विकेट से हार गया था। हालांकि, अगले टेस्ट मैच में भारत ने पलटवार करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हरा दिया। तीसरे टेस्ट में भारत ने ऋषभ पंत की 97 रनों की विस्फोटक और हनुमा विहारी की जुझारू पारी की वजह से ऑस्ट्रेलिया को मैच जीतने नहीं दिया।
ब्रिसबेन में खेला गया चौथा टेस्ट अपने आप में एक इतिहास बन गया है। गाबा के मैदान पर 1988 के बाद पहली बार किसी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था। पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 369 रन बनाए थे, जिसके जबाब में भारतीय टीम ने शार्दुल ठाकुर और वाशिंगटन सुंदर की बल्लेबाजी की वजह से 336 रन बना कर तगड़ा जवाब दिया। वहीं, दूसरी पारी में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 294 रनों पर समेट दिया। चौथी पारी में 328 रनों के लक्ष्य को भारत ने शुभमन गिल के 91 और ऋषभ पंत की अटैकिंग बैटिंग की मदद से पाकर भारत ने यह सीरीज भी अपने नाम कर ली थी। इस सीरीज में भारत की तरफ से ऋषभ पंत ने सबसे ज्यादा रन बनाए थे। वहीं, ऑस्ट्रेलिया गेंदबाज और मौजूदा कप्तान पैट कमिंस को प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब मिला था।
यह भी पढ़ें: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में इन बड़े रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर सकते हैं भारतीय खिलाड़ी, कोहली पूरे करेंगे 25 हजार रन












Click it and Unblock the Notifications