Ban on TikTok: टिकटॉक के बुरे दिन! जानें किन-किन देशों ने लगाया टिकटॉक पर प्रतिबंध?
टिकटॉक, दुनिया के सबसे मशहूर मोबाइल ऐप्स में शामिल है। लेकिन अब टिकटॉक पर कई देशों द्वारा प्रतिबंध लगाया जा रहा है। जबकि भारत तो लगभग तीन साल पहले ही टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा चुका है।

हाल ही में दुनिया के कुछ सबसे विकसित देशों ने सुरक्षा खतरों को ध्यान में रखते हुए सरकारी उपकरणों पर चीन के टिकटॉक एप को डाउनलोड करने और रखने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन देशों ने यह भी कहा है कि अगर किसी भी सरकारी अफसर के उपकरण में टिकटॉक है तो वो तुरंत इसे डिलीट कर दे।
टिकटॉक एक सोशल मीडिया ऐप है जो यूजर्स को शॉर्ट-फॉर्म वीडियो बनाने और शेयर करने की सुविधा देता है। इसे चीनी टेक कंपनी बाइटडांस द्वारा बनाया गया था और सितंबर 2016 में इसे डॉयिन नाम से लॉन्च किया गया था।
टिकटॉक ने चीन में तेजी से लोकप्रियता हासिल की और बाद में सितंबर 2017 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे लॉन्च किया गया। टिकटॉक तब से दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप में से एक बन गया था। जिसके 2021 तक इसके एक बिलियन से अधिक मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता थे। ऑमनीकोर एजेंसी के अनुमान के अनुसार, 2023 में टिकटॉक के दुनिया भर में 1.8 बिलियन मासिक उपयोगकर्ता है।
भारत और टिकटॉक
टिकटॉक के लिए भारत सबसे बड़े बाजारों में से एक था। जून 2020 में, भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता के बारे में चिंताओं के कारण टिकटॉक और कई अन्य चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था। 15 जून 2020 को जब भारत और चीन की सेनाओं में गलवान में झड़प हुई तब भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ गया और 29 जून 2020 को यानि ठीक 14 दिनों बाद भारत ने टिकटॉक समेत 58 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया। भारत सरकार ने दावा किया कि प्रतिबंधित ऐप्स भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा थे।
किन-किन देशों में टिकटॉक बैन
दिसंबर 2022 में ताइवान ने सभी सरकारी उपकरणों से टिकटॉक को प्रतिबंधित कर दिया था। साथ ही साथ टिकटॉक के अवैध संचालन के संदेह में जांच भी शुरू कर दी थी।
चीन के खास मित्र पाकिस्तान ने भी अक्टूबर 2020 से लेकर अब तक कम से कम चार बार टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाया है। कभी कहा कि 'अनुचित सामग्री' है, कभी कहा यह 'अनैतिकता, अश्लील' है।
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने टिकटॉक पर यह कहते हुए प्रतिबंध लगा दिया कि टिकटॉक जैसे ऐप्स का युवाओं पर बुरा प्रभाव पड़ता है और तालिबान सरकार के अनुसार उनका मकसद इस बुरे प्रभाव को युवा पीढ़ी पर पड़ने से रोकना है।
व्हाइट हाउस ने संघीय एजेंसियों को अमेरिका के सभी सरकारी उपकरणों से टिकटॉक को हटाने का आदेश दिया और व्हाइट हाउस ने इस कार्य के लिए एजेंसी को 30 दिन का समय दिया है। अमेरिका ने तो टिकटॉक के खिलाफ द्विदलीय कानून पेश करने की बात भी कही है।
कनाडा सरकार ने भी देश के सभी सरकारी उपकरणों पर टिकटॉक रखने पर प्रतिबंध लगा दिया है। कनाडा सरकार ने भी गोपनीयता और सुरक्षा का हवाला देते हुए टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाया है।
न्यूजीलैंड सरकार ने सुरक्षा चिंताओं के बीच टिकटॉक को न्यूजीलैंड के सांसदों के फोन पर रखने से प्रतिबंधित कर दिया है।
ब्रिटिश संसद ने अपने टिकटॉक अकाउंट को बंद कर दिया है। ब्रिटिश संसद ने कहा कि टिकटॉक ऐप चीनी सरकार को यूजर्स का डेटा शेयर कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ ब्रिटिश सांसदों ने डेटा सुरक्षा के बारे में चिंता जताई थी।
यूरोपीय संसद, यूरोपीय आयोग और यूरोपीय संघ परिषद, जैसे तीन शीर्ष यूरोपीय संघ निकायों ने कर्मचारियों के उपकरणों पर टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाया है। यूरोपीय संघ ने अपने सांसदों और कर्मचारियों को अपने निजी उपकरणों से टिकटॉक को हटाने की सिफारिश की है।
देशों में प्रतिबंधित होने से टिकटॉक को हो रहा कितना नुकसान
टिकटॉक के भारत में प्रतिबंधित होने से उसको बहुत ही भारी नुकसान हुआ और उसके भारत में प्रतिबंधित होने से उसके वैश्विक बाजार पर भी असर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक टिकटॉक के भारत में प्रतिबंधित होने से उसे लगभग $6 बिलियन का नुकसान हुआ। भारत के बाद अब तो टिकटॉक पर अलग-अलग देशों में भी प्रतिबंध लग रहे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की 2022 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई देशों द्वारा लगातार प्रतिबंधों के मद्देनजर, टिकटॉक की मालिक कंपनी बाइटडांस लिमिटेड का घाटा 2021 में तीन गुना से अधिक बढ़ गया था।












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