Attack on Indians in USA: अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ बढ़ रही हमले की घटनाएं
Attack on Indians in USA: हाल की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के अलबामा में एक गुरुद्वारे के बाहर बिजनोर के 29 वर्षीय सिख राज सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जब वो गुरुद्वारे के बाहर खड़े थे, तब अज्ञात हमलावर उनके पास आए और उनके पेट में गोली मारकर हत्या कर दी।
राज सिंह, जिन्हें गोल्डी के नाम से भी जाना जाता था, एक सिख संगीतकार और एक कीर्तन समूह का हिस्सा थे। पिछले कुछ समय से अमरीका में भारतीय मूल के लोगों पर हमले की बढ़ती हुई घटनाएं चिंता का विषय बन चुकी हैं।

अमरनाथ घोष
27 फरवरी को कोलकाता के भारतीय शास्त्रीय नर्तक अमरनाथ घोष की अमेरिका के मिसौरी के सेंट लुइस शहर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह सेंट लुइस में वॉशिंगटन विश्वविद्यालय से नृत्य में मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स (MFA) कर रहे थे। घोष भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी नृत्य शैलियों के विशेषज्ञ थे और चेन्नई में कला क्षेत्र अकादमी के पूर्व छात्र थे।
इस घटना को भारत सरकार ने दृढ़ता से उठाया है, और अमेरिकी एजेंसियों से इस मामले की जांच-पड़ताल करने और न्याय की मांग की है। इस घटना की जानकारी भारतीय सीरियल अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्यजी ने X के माध्यम से दी, क्योंकि अमरनाथ देवोलीना के अच्छे दोस्त थे। देवोलीना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से सहायता की भी मांग की है।
प्रवीण रावजीभाई पटेल
भारतीय मूल के 76-वर्षीय मोटेल मलिक, प्रवीण रावजीभाई पटेल की अमेरिका के अलबामा में मोटेल के कमरे के किराए को लेकर हुए विवाद के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना 8 फरवरी को शेफील्ड के हिलक्रेस्ट मोटेल में हुई, जब विलियम मूर नाम के एक ग्राहक ने पटेल की छाती में दो गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने मूर को एक बंद घर में छुपने की कोशिश करते समय पकड़ लिया और उसके पास से हथियार भी बरामद हुआ। एशियन अमेरिकन होटल ओनर्स एसोसिएशन (AAHOA) ने इस घटना की कड़ी निंदा की और बताया कि पटेल, अपने परिवार के साथ 40 वर्षों से अधिक समय से इस शहर में रह रहे थे, जहाँ वो अपनी सच्चाई और देखभाल करने वाले स्वभाव के लिए जाने जाते थे।
सैयद मजहिर अली
अमेरिका के इंडियाना वेस्लीयन विश्वविद्यालय में मास्टर डिग्री कर रहे भारतीय मूल के सैयद मजहिर अली पर 4 फरवरी को शिकागो में हमला किया गया और उन्हें लूट लिया गया। यह घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई, जिसमें देखा जा सकता है कि जब अली अपने घर लौट रहे थे, तब कुछ हमलावरों द्वारा उनका पीछा किया जा रहा है।
घटना के बाद अली का एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें अली को मदद मांगते हुए और यह कहते हुए सुना जा सकता है कि चार लोगों ने उनका पीछा किया और उन पर हमला करके लूट लिया। अली को हमलावरों ने 'लातों और मुक्कों' से मारा। हमले के बाद हैदराबाद में रह रही अली की पत्नी, रकुलिया रिज़वी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारत सरकार से सहायता मांगी।
विवेक तनेजा
41-वर्षीय भारतीय मूल के विवेक तनेजा की अमेरिका में वॉशिंगटन के एक रेस्टोरेंट के बाहर हुए झगड़े में हमले के बाद दुखद मौत हो गई। यह घटना 2 फरवरी को हुई, जब एक अज्ञात व्यक्ति के साथ विवेक की बहस मारपीट में बदल गई। जिसके बाद, उस अज्ञात व्यक्ति ने विवेक के सर पर वार किया, जिससे विवेक सड़क पर गिर गए।
विवेक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी हालत बद से बदतर होती गई और 5 दिन बाद, यानी की 7 फरवरी को उनकी मौत हो गई। पुलिस, विवेक की मौत के मामले को हत्या के रूप में देख रही है। बता दे कि विवेक डायनेमो टेक्नोलॉजी के सह-संस्थापक और अध्यक्ष थे, जो सरकार के अनुबंध में रणनीतिक पहल का नेतृत्व कर रहे थे।
श्रेयस रेड्डी बेनीगेरी
भारतीय मूल के 19-वर्षीय छात्र, श्रेयस रेड्डी बेनीगेरी अमेरिका के ओहियो में मृत पाए गए। वह सिनसिनाटी विश्वविद्यालय के लिंडनर स्कूल ऑफ बिजनेस के छात्र थे और बिजनेस स्टैटिसटिक्स में डिग्री हासिल कर रहे थे। अमेरिका जाने से पहले उन्होंने पिलानी के बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री पूरी की थी।
पुलिस अधिकारियों ने उनकी मौत में किसी साजिश से इंकार किया है। न्यूयॉर्क में भारतीय दूतावास ने श्रेयस की मौत पर शोक व्यक्त किया है और श्रेयस के परिवार को पूरी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
नील आचार्य
अमेरिका के पर्ड्यू विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले 19-वर्षीय भारतीय छात्र, नील आचार्य इस वर्ष जनवरी के अंत में विश्वविद्यालय परिसर में मृत पाए गए। उनके लापता होने के बाद उनके शरीर की जांच की गई और फोरेंसिक जांच में उनके शरीर पर हमले का कोई निशान नहीं पाया गया।
नील कंप्यूटर साइंस और डाटा साइंस में विशेषज्ञ थे और एकेडमिक टैलेंट और रिसर्च स्किल के लिए जाने जाते थे। नील के लापता होने के बाद उनकी मां ने X (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट कर विदेश मंत्रालय और न्यूयॉर्क में भारतीय दूतावास से सहायता की मांग की थी।
विवेक सैनी
25-वर्षीय भारतीय छात्र, विवेक सैनी की जॉर्जिया के लिथोनिया में एक भयानक घटना में दुखद मौत हो गई। सैनी, जो हरियाणा के भगवानपुर गांव के निवासी थे, अमेरिका के अलबामा विश्वविद्यालय से MBA की पढ़ाई कर रहे थे और साथ ही वह एक डिपार्टमेंटल स्टोर में पार्ट-टाइम नौकरी भी करते थे।
यह घटना 16 जनवरी को हुई, जब सैनी ने एक बेघर व्यक्ति, जूलियन फॉकनर को स्टोर में शरण देने से इंकार कर दिया क्योंकि वह स्टोर बंद कर रहे थे। सैनी ने फॉकनर को भोजन दिया और जाने के लिए कहा, लेकिन वह स्टोर के बाहर ही बैठ गया।
उसने फिर स्टोर में प्रवेश करने की कोशिश की तो सैनी ने उसे अंदर आने देने से इंकार किया और बाद में उसे जाने के लिए कहा, जिससे वह भड़क गया। सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुए हमले में फॉकनर ने सैनी पर हथौड़े से लगभग 50 बार वार किया, जिस वजह से सैनी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।












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