Summer Diet: गर्मी से मुकाबले के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 नेचुरल फूड
नई दिल्ली, 6 जून। गर्मियों का मौसम पूरी तरह से आ गया है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाएं हमारे शरीर से पानी निकाल देती हैं और लू का कारण बन सकती हैं। कई बार यह इतनी खतरनाक होती है कि मौत भो हो सकती है। बहुत सारे लोग ऐसे समय में कोल्ड ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करते हैं लेकिन ऐसे स्वास्थ्यवर्धक और प्राकृतिक विकल्प उपलब्ध हैं जो गर्मी से बचाने में हमारी मदद कर सकते हैं। हम ऐसे ही नेचुरल फूड की जानकारी दे रहे हैं।

नारियल पानी
नारियल पानी के बिना गर्मियों के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता, कम से कम भारत में तो नहीं। नारियल पानी में हल्का नमकीन और मीठा स्वाद होता है। यह रीहाइड्रेशन के लिए उत्कृष्ट पेय है। हमें ऊर्जा और विटामिन सी, पोटेशियम, सोडियम, क्लोराइड और कार्बोहाइड्रेट जैसे आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होता है।
तरबूज
तरबूज में 90 प्रतिशत से अधिक तरल पदार्थ होता है और यह गर्मियों में प्राकृतिक रूप से हाइड्रेटेड रहने में हमारी मदद करने वाले सबसे रसीले फलों में से एक है। स्वास्थ्य लाभ के लिए तरबूज में साइट्रलाइन नाम का अमीनो एसिड होता है जो शरीर में एक आवश्यक अमीनो एसिड आर्जिनिन में परिवर्तित हो जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि आर्जिनिन हमारे हृदय, प्रतिरक्षा कार्यों और ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए बहुत ही लाभदायक है।

नींबू
नींबू पानी का इस्तेमाल गर्मियों में नई बात नहीं है। गर्मियों में जगह-जगह पर गली या चौराहे पर नींबू पानी वाले मिल जाते हैं। इस पेय को ताजे नींबू के रस, पानी और नमक के साथ आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसमें चीनी, शहद या स्टीविया मिलाकर इसे मीठा किया जा सकता है। नींबू विटामिन सी, विटामिन बी6 और पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन और कैल्शियम से भरपूर होते हैं।
आम
आम को ऐसे ही फलों का राजा नहीं कहा जाता। बहुत कम ही लोगं होते हैं जिन्हें आम न पसंद हो। यह न सिर्फ स्वाद में बेजोड़ होता है बल्कि शरीर के लिए लाभदायक है। पके हुए आम में लगभग 83 प्रतिशत पानी की मात्रा होती है और इस प्रकार गर्मियों के दौरान यह एक आदर्श प्राकृतिक भोजन है। इसे खाने के साथ ही इसका शेक भी बनाकर पिया जाता है। कच्चे और कच्चे आम या हरे आम का स्वाद खट्टा होता है और इसका उपयोग चटनी और अचार बनाने के लिए किया जाता है।

छाछ
दही से मक्खन निकालने की प्रक्रिया में बनने वाले इस पेय को छाछ या मठ्ठा के रूप में भी जाना जाता है। यह पारंपरिक पेय ज्यादार नमक के साथ सेवन किया जाता है। चीनी या गुड़ के साथ भी इसका सेवन कर सकते हैं। लस्सी के मुकाबले यह हल्का होता है और इसमें मिलने वाले प्रो बायोटिक्स इसे पाचन के लिए लाजवाब बनाते हैं।












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