शादी के बाद महिलाएं दुखी होकर मजबूरी में बदलती हैं सरनेम: सर्वे
नई दिल्ली। हमारे देश की अजीब रीति है..शादी के बाद लड़की को ना केवल अपना घर छोड़कर आना पड़ता है बल्कि शादी के बाद उसे अपने पति के नाम से ही जाना जाता है इसलिए शादी के बाद उसका सरनेम भी बदल जाता है लेकिन इस बदलाव के लिए लड़कियां मानसिक रूप से तैयार होती हैं या नहीं इस बात को जानने के लिए 'शादी डॉट कॉम' की तरफ से एक सर्वे कराया गया। यह सर्वे महिला दिवस यानी 8 मार्च को रिलीज किया गया है।
जिसमें यह बात सामने आयी कि 40 फीसदी से ज्यादा भारतीय महिलाएं शादी के बाद अपना सरनेम बदलना नहीं चाहती हैं और मजबूरी में आकर ऐसा करती है, इसके पीछे उनके ऊपर पति या ससुराल वालों का दवाब होता है इसलिए वो दवाब में आकर शादी के बाद अपना सरनेम चेंज करती हैं।
सरनेम चेंज करने के पीछे मानसिक दवाब
'शादी डॉट कॉम' की तरफ से किए गए सर्वे में अविवाहित महिलाओं से जब उनके विचार मांगे गए तो 40.4 फीसदी ने कहा कि शादी के बाद वे अपना उपनाम नहीं बदलना चाहतीं हैं। बचपन से लेकर शादी के होने तक वो जिस नाम से जानी जाती हैं, शादी के बाद भी वो उसी नाम से पहचाने जाने की ख्वाहिश रखती हैं।
इस सर्वें में बहुत सारी बातें निकलकर सामने आयीं जैसे कि शादी के बाद 27 फीसदी लड़कियां चाहती हैं कि वो आर्थिक रूप से स्वतंत्र रहें, तो वहीं 18 फीसदी लड़कियों की उम्मीद है कि शादी के बाद लड़के के मां-बाप उन्हें अपने मां-बाप जैसी ही प्यार करें। आपको बता दें कि यह एक ऑनलाइन सर्वेक्षण था जिसमें 11 हजार 200 अविवाहित महिलाओं ने हिस्सा लिया जिनकी उम्र 24 से 38 वर्ष के बीच थी।













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