ज्योतिष से जानिए किस उम्र में होगी कन्या का विवाह?
ज्योतिष से सवाल कॉलम के अंतर्गत हमारे पर ढेरों सवाल आते हैं, उनमें से सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल है, "मेरी शादी कब होगी?"। इन सवालों के साथ अकसर लड़कियां अपने माता-पिता के उस तनाव का भी जिक्र करती हैं, जो वो रात-दिन उनके माथे पर चिंता की लकीरों के रूप में देखती हैं। तो चलिये हम कुंडली के माध्यम से जानने की कोशिश करते हैं कि लड़की की शादी किस उम्र में होगी।
खैर यही नहीं लड़की की जन्म लग्न कुंडली से उसके होने वाले पति एवं ससुराल के विषय में सब कुछ स्पष्टतः पता चल सकता है और जीवन साथी का स्वभाव और भविष्य कैसा हो सकता है।
ज्योतिष की विधा भृगु संहिता से यह पता लगाया जा सकता है। इसके अनुसार किसी स्त्री की कुंडली का सप्तम भाव विवाह का कारक स्थान माना जाता है। अलग-अलग लग्न के अनुसार इस भाव की राशि और स्वामी भी बदल जाते हैं। अत: यहां जैसी राशि रहती है, व्यक्ति का जीवन साथी भी वैसा ही होता है।
फलित शास्त्र के अनुसार लड़की की जन्म लग्न कुंडली में लग्न से सप्तम भाव उसके जीवन, पति, दाम्पत्य जीवन तथा वैवाहिक संबंधों का भाव है। इस भाव से उसके होने वाले पति का कद, रंग, रूप, चरित्र, स्वभाव, आर्थिक स्थिति, व्यवसाय या कार्यक्षेत्र, परिवार से संबंध कि आदि की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यहां सप्तम भाव के आधार पर कन्या के विवाह से संबंधित विभिन्न तथ्यों का विश्लेषण प्रस्तुत है स्लाइडर में तस्वीरों के साथ-

क्या होगी शादी की आयु
हम आगे की स्लाइड में आपको बतायेंगे कि कैसे किसी लड़की की शादी की उम्र ज्ञात की जा सकती है।

बाल्यावस्था में शादी
यदि किसी लड़की या लड़के की जन्मकुंडली में बुध स्वराशि मिथुन या कन्या का होकर सप्तम भाव में बैठा हो, तो विवाह बाल्यावस्था में होगा।

शादी 13 से 18 साल की उम्र में
यदि जातक या जातका की जन्म लग्न कुंडली में सप्तम भाव में सप्तमेश बुध हो और वह पाप ग्रह से प्रभावित न हो, तो शादी 13 से 18 वर्ष की आयु सीमा में होता है।

सप्तम भाव में सप्तमेश मंगल
यदि जातक या जातका की जन्म लग्न कुंडली में सप्तम भाव में सप्तमेश बुध हो और वह पाप ग्रह से प्रभावित न हो, तो शादी 18 वर्ष के अंदर होगी।

22 साल की उम्र में विवाह
चंद्रमा सप्तमेश होकर पापी ग्रह से प्रभावित हो, तो विवाह 22 वर्ष की आयु में होगा।

25 साल की उम्र में विवाह
शुक्र ग्रह युवा अवस्था का द्योतक है। सप्तमेश शुक्र पापी ग्रह से प्रभावित हो, तो 25 वर्ष की आयु में विवाह होगा।

27 से 28 साल की उम्र में शादी
बृहस्पति सप्तम भाव में सप्तमेश होकर पापी ग्रहों से प्रभावित न हो, तो शादी 27-28 वें वर्ष में होगी।

30 साल की उम्र में विवाह
सप्तम भाव को सभी ग्रह पूर्ण दृष्टि से देखते हैं तथा सप्तम भाव में शुभ ग्रह से युक्त हो कर चर राशि हो, तो जातिका का विवाह 30 वर्ष की आयु में संपन्न हो जाता है।













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