26/11: कैसा था हमले के समय मुंबई का नजारा और 10 वर्ष बाद कैसी दिखती है मुंबई
मुंबई। 20 नवंबर 2008 को मुंबई को दहलाने वाले आतंकी हमलों को आज 10 वर्ष हो गए है। 10 वर्षों में बहुत कुछ बदल गया है। टेक्नोलॉजी बदल गई है और सोशल मीडिया जो एक दशक पहले सिर्फ कुछ ही लोगों के पास था, आज लगभग पूरा देश इसका हिस्सा है। एक दशक में मुंबई भी बदली है और बहुत बदल गई है लेकिन जख्म हरे हैं। आतंकियों ने देश को हिलाने के मकसद से कश्मीर और दिल्ली की जगह मुंबई को निशाना बनाया। पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद ने इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर हमले को अंजाम दिया। 60 घंटे तक आतंकियों ने मुंबई में तांडव किया और तब कहीं जाकर मायानगरी शांत हो पाई थी। एक नजर डालिए कि 10 वर्ष के बाद अब कैसी दिखती है मुंबई और हमलों के समय यहां का क्या नजारा था। यह भी पढ़ें-26/11: साजिश रचने वालों के बारे में बताने पर अमेरिका देगा 35 करोड़ रुपए

आतंकियों का पहला निशाना लियोपोल्ड कैफ
लियोपोल्ड कैफे की स्थापना सन् 1871 में ईरानियों ने की थी। आज यह साउथ मुंबई का सबसे मशहूर रेस्टोरेंट और बार हैं। कोलाबा स्थित कैफे हमलों में निशाना बनने वाली सबसे पहली जगह था। दो आतंकियों ने यहां पर घुसते ही फायरिंग शुरू कर दी थी। यहां पर हुए हमलों में 10 लोग मारे गए थेऔर कई लोग घायल हो गए थे।

सीएसटी पर कसाब ने बरसाईं गोलियां
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) को पहले विक्टोरिया टर्मिनस के नाम से जानते थे। सेंट्रल रेलवे के हेडक्वार्टर सीएसटी की शुरुआत मई 1888 में हुई थी और यह 130 वर्ष पुराना है। 26 नवंबर 2008 को लश्कर के 10 आतंकी समंदर के रास्ते दाखिल हुए। उन्होंने 12 जगहों पर फायरिंग और बॉम्बिंग शुरू कर दी। मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में मौजूद यात्रियों पर लश्कर के आतंकी अजमल कसाब ने घुसते ही गोलियां बरसानी शुरू कर दी थी। पर रात के 9:30 बजे आतंकी दाखिल हुए और फायरिंग शुरू कर दी। यहां पर हुए हमलों में 58 लोगों की मौत हो गई थी। 104 लोग घायल हो गए थे। यह भी पढ़ें-CST पर वीडियो गेम की स्टाइल में लोगों पर गोलियां बरसा रहा था कसाब

मुंबई का दिल ताजमहल पैलेस होटल
ताजमहल पैलेस होटल एक हैरिटेज होटल है और गेटवे ऑफ इंडिया के सामने स्थित है। इसकी शुरुआत 16 दिसंबर 1903 को हुई थी। आतंकियों ने मुंबई के दो सबसे प्रतिष्ठित होटलों , होटल ताज और ओबेरॉय ट्राइडेंट को निशाना बनाया। होटल ताज में छह धमाके हुए थे। वहीं एक धमाका ओबेरॉय ट्राइडेंट में हुआ। ताज में आतंकियों ने 200 लोगों को बंधक बनाकर रखा था।

नारीमन हाउस
कोलाबा का नारीमन हाउस को मुंबई चाबड़ हाउस के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर दो आतंकियों ने इजरायल के छह नागरिकों को बंधक बना लिया था। यहां पर होल्टजबर्ग और उनकी पांच माह की गर्भवती पत्नी को आतंकियों ने अपना निशाना बनाया था। उस समय वह दो वर्ष के बेटे मोशे के माता-पिता थे जिसकी जान उसकी नैनी सैंड्रा सैमुअल ने बचाई थी। मोशे इस वर्ष की शुरुआत में भारत आया था और अब उसकी उम्र करीब 12 है।

पानी पीने के बाद कसाब ने मारी गोली
आज भी मुंबई की निशाना बनी जगहों पर गोलियों के निशान मौजूद हैं और हर किसी को वह काली रात याद है।यह फोटोग्राफ कामा हास्पिटल में काम करने वाले एक कर्मी के घर की है। उसकी मां जमुना के मुताबिक आतंकी कसाब ने उनके बेटे से प्यास बुझाने के लिए पानी मांगा था। पानी पीने के बाद कसाब ने उसको गोली मार दी थी।












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