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26/11: साजिश रचने वालों के बारे में बताने पर अमेरिका देगा 35 करोड़ रुपए, जानिए कैसे दे सकते हैं जानकारी

वॉशिंगटन। सोमवार को मुंबई पर हुए आतंकी हमलों की 10वीं बरसी है। इस मौके पर अमेरिका ने 26 नवंबर 2008 को हुए हमलों की साजिश रचने वालों की जानकारी देने वालों के लिए पांच मिलियन डॉलर यानी 35 करोड़ रुपए का ईनाम घोषित किया है। अमेरिका ने यह ईनाम ऐसे लोगों के लिए रखा है जिनकी जानकारी साजिश रचने वालों की गिरफ्तारी और साजिश रचने वाले व्‍यक्ति का दोष साबित करने में मदद करेगी। मुंबई पर आज से 10 वर्ष पहले लश्‍कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने एक के बाद एक आतंकी हमले किए और भारत की आर्थिक राजधानी को हिलाकर रख दिया था। इन हमलों में 164 व्‍यक्तियों की मौत हुई थी जिसमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे। यह‍ भी पढ़ें- 26/11: Mumbai Terror Attack: जानिए क्‍या हुआ था उस रात

पीएम मोदी ने अमेरिकी उप-राष्‍ट्रपति से किया जिक्र

पीएम मोदी ने अमेरिकी उप-राष्‍ट्रपति से किया जिक्र

अमेरिका के उप-राष्‍ट्रपति माइक पेंस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच करीब 15 दिन पहले सिंगापुर में मुलाकात हुई थी। अमेरिका की ओर से हुए इस ऐलान में इस मीटिंग को सबसे अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने उप-राष्‍ट्रपति के साथ इन हमलों पर चर्चा की थी। उन्‍होंने कहा था कि 10 वर्ष बाद भी साजिश रचने वालों को कोई सजा नहीं दी गई है। अमेरिकी विदेश विभाग के रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस (आरएफजे) प्रोग्राम की तरफ से सोमवार को 35 करोड़ रुपए के ईनाम का ऐलान किया गया। साल 1984 से आरएफजे आतंकियों से जुड़ी जानकारी देने पर लोगों को ईनाम देने का काम कर रहा है। अब तक इसकी ओर से 100 से भी ज्‍यादा लोगों को पुरस्‍कृत किया जा चुका है। यह भी पढ़ें-CST पर वीडियो गेम की स्‍टाइल में लोगों पर गोलियां बरसा रहा था कसाब

अप्रैल 2012 में भी हुआ ऐसा ऐलान

अप्रैल 2012 में भी हुआ ऐसा ऐलान

26 नवंबर से 29 नवंबर तक लश्‍कर के 10 आतंकियों ने मुंबई में तांडव मचाया था। आरएफजे की ओर से कहा गया है, 'अमेरिका साल 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमलों के लिए जिम्‍मेदार लोगों को सजा देने के लिए अंतरराष्‍ट्रीय साथियों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।' सोमवार को ऐलान इन हमलों में हुए ईनामों की लिस्‍ट में तीसरी कड़ी है जिसमें साजिशकर्ताओं के बारे में जानकारी मांगी गई है। अप्रैल 2012 में अमेरिकी विदेश विपभाग की ओर से लश्‍कर के सरगना हाफिज सईद और एक और नेता हाफिज अब्‍दुल रहमान मक्‍की के बारे में जानकारी देने पर भी ईनाम का ऐलान किया था। यह भी पढ़ें-जेल में हिंदू-मुसलमान अफसरों को साथ खाना खाते देख चौंक गया था कसाब

कैसे दे सकते हैं जानक‍ारी

कैसे दे सकते हैं जानक‍ारी

दिसंबर 2001 में अमेरिकी विदेश विभाग ने लश्‍कर कारे विदेश आतंकी संगठन माना था। इसके बाद मई 2005 में यूनाइटेड नेशंस (यूएन) ने 1267 नियम के तहत लश्‍कर को प्रतिबंधित लिस्‍ट में डाला था। विभाग की ओर से कहा गया है कि किसी के पास भी इस मामले में कोई जानकारी है तो वह रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस के ऑफिस की वेबसाइट पर दिए ई-मेल [email protected] पर मेल भेजकर उन्‍हें इत्तिला दे सकता है। इसके अलावा फिर नॉर्थ अमेरिका में फोन नंबर 800-877-3927 या फिर वॉशिंगटन स्थित ऑफिस के फोन नंबर 20520-0303 पर कॉल कर सकता है। इसके अलावा कोई भी व्‍यक्ति नजदीक के अमेरिकी दूतावास में मौजूद रीजनल सिक्‍योरिटी ऑफिसर से संपर्क कर सकता है। विभाग की ओर से हर जानकारी को गुप्‍त रखने का वादा किया गया है। यह भी पढ़ें-'कसाब की बेटी' आतंकियों को सिखाना चाहती है सबक

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