कारगिल युद्ध जब रोजाना दुश्मन पर होती थी 5,000 बमों की बरसात
कारगिल। 26 जुलाई 2016 को एक और साल बीत गया जब कारगिल की जंग ने 17 वर्ष पूरे कर लिए। जो लोग बच्चे थे वे जवान हो गए और जो जवान थे वे अब अपने बच्चों को उस समय के उन नायकों के बारे में बताते हैं, जिन्होंने अपनी जवानी देश के नाम कर दी थी।
आइए आपको उस समय की जंग से जुड़े कुछ खास तथ्यों से रूबरू करवाते हैं।

पाक ने दिया वाजपेई को धोखा
कारगिल युद्ध की स्क्रिप्ट शायद पाकिस्तान तभी से ही लिखने लगा था जब उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई लाहौर बस सेवा के साथ पाक को शांति का पाठ पढ़ाने पहुंचे थे। फरवरी में लाहौर बस यात्रा के बाद मई में युद्ध का आगाज हो गया था।

तब भी नवाज और अब भी नवाज
यह भी एक संयोग ही है कि उस समय भी नवाज शरीफ पाक प्रधानमंत्री थे और आज भी नवाज ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं।

युद्ध से पहले कारगिल से अनजान थे लोग
युद्ध से पहले कारगिल के बारे में बहुत ज्यादा लोगों को नहीं मालूम था। कारगिल युद्ध की वजह से इस जगह के बारे में दुनिया के लोगों को मालूम चला।

भारत ने क्यों हटाई थी सेना
तीन माह के लंबे युद्ध के बाद आज यहां पर सात लाख सैनिकों को डेप्लॉय किया गया है। अटल बिहारी वाजपेई की सरकार ने 1972 के शिमला समझौते का पालन करते हुए कारगिल की कई पोस्ट्स से सेना हटा ली थी।

मश्कोह वैली तक पहुंचे मुशर्रफ
इसका फायदा पाकिस्तान के तब के आर्मी चीफ जनरल परवेज मुशर्रफ ने उठाया। युद्ध शुरू होने के कुछ हफ्तों पहले मुशर्रफ हेलीकॉप्टर से मश्कोह घाटी तक पहुंच गए।

पाक हो गया था परेशान
लगातार मिलती हार के बाद मुशर्रफ ने परमाणु हथियारों के प्रयोग का मन बना लिया था। कारगिल युद्ध में पाकिस्तान ने 2700 से ज्यादा सैनिक गंवाए थे।

मिग-27 और मिग-29 ने बरपाया कहर
इंडियन एयरफोर्स ने युद्ध के समय 'ऑपरेशन सफेद सागर शुरू किया। मिग-27 और मिग-29 का प्रयोग इंडियन एयरफोर्स की ओर से किया गया। मिग-27 ने उन जगहों पर बम गिराए थे जहां पाक ने कब्जा कर रखा था। मिग-29 से पाक के कई ठिकानों पर आर-77 मिसाइलें दागीं।

रोजाना 5,000 बम
कारगिल युद्ध में 2,50,000 गोले और रॉकेट दागे गए थे। 300 से ज्यादा तोपों, मोर्टार और रॉकेट लॉन्चरों से रोजाना करीब 5,000 बम फायर किए जाते थे।












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