बिजली चोरी के ये 10 तरीके लगा रहे हैं विभाग को बड़ी चपत
लखनऊ। बिजली चोरी देश में एक बड़ी समस्या है, बिजली चोरी को रोकने के लिए विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी बिजली चोरों पर लगाम लगाने में विभाग पूरी तरह से विफल है। बिजली चोरी को रोकने के लिए पहले मैनुअल मीटरों में होने वाली छेड़छाड़ को खत्म करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाये गये हैं।
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लेकिन बिजली चोरों ने इलेक्ट्रानिक मीटर का भी तोड़ निकाल लिया है। बिजली चोरी करने वालों को शायद इस बात की जानकारी नहीं है लेकिन अगर बिजली चोरी में पकड़ जाते हैं तो उन्हें मौजूदा बिल का दोगुना बिल और 3 साल की जेल तक हो सकती है।

रिमोट खिलौना
बिजली चोरी के लिए एक उपभोक्ता ने खिलौले के रिमोट से मीटर को कंट्रोल करता था। ऐसे में जब भी बिजली विभाग के अधिकारी चेक करने आते थे वह रिमोट से मीटर चला देता था।

इंजेक्शन से मीटर को जाम करते थे
इंजेक्शन के जरिए मीटर की स्क्रीन में एसिड डालकर स्क्रीन को खराब कर देते थे, जिसके चलते औसतन बिल विभाग की ओर से उपभोक्ता को भेजा जाता है।

रजिस्टेंस लगाकर होती है बिजली चोरी
मीटर में रजिस्टेंस लगाकर बिजली चोरी का तरीका काफी पुराना है लेकिन इसका प्रयोग करक लोग आज भी मीटर को धीमा करते हैं।

ग्लीसरीन और पानी डालकर पुश बटन को जाम कर देते हैं
पुश बटन में ग्लीसरीन और पानी डालकर पुश बटन को जाम कर दिया जाता है, जिसके जरिए मीटर खुल नहीं पाता था और डिस्प्ले के साथ छेड़छाड़ सामने नहीं आती है।

एक्सरे चिप लगाकर करते हैं बिजली चोरी
मीटर में एक्सरे चिप के जरिए मीटर को काफी धीमा कर दिया जाता है, जिससे बिल कम आता है।

कटिया लगाकर बिजली चोरी
कटिया लगाकर बिजली चोरी काफी पारंपरिक तरीका है जो आज भी गांव सहित कई इलाकों में अपनायी जाती है।

मीटर के साथ टेंपरिंग करके
मीटर को अक्सर लोग क्षतिग्रस्त कर उसे बंद कर देते हैं बाद में उसे बदलने की अपील करते हैं जिसके बाद बिजली बिल काफी दिनों तक औसत के आधार पर दिया जाता है।

विभाग के कर्मचारियों से मिलीभगत करके
बिजली विभाग के अधिकारी कुछ पैसों की लालच में मीटर को सीलिंग में डाल देते हैं जिसके बाद बिल औसत के आधार पर दिया जाता है।

चुंबक के जरिए
अभी भी कई इलाके ऐसे हैं जहां इलेक्ट्रिक मीटर नहीं लगे हैं वहां चुंबक के जरिए मीटर को धीमा किया जाता है।

अर्थ के तार को काटकर होती है चोरी
मीटर में लगने वाले अर्थ के तार को काटकर बीच में डिवाइस लगा दी जाती है, ऐसे में मीटर की रीड़िंग नहीं बढ़ती है।












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