Double Murder Solved: तांत्रिक करना चाहता था नर्स की बेटी से शादी, बेटे समेत मारकर गंगा में फेंका
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में पुलिस ने हफ्ताभर पहले हुए स्टाफ नर्स और उसके बेटे के दोहरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या में शामिल मृतिका के पडोसी, उसके तांत्रिक साले समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि हत्या एक तरफा प्रेम और संपत्ति के लालच में की गई है। आरोपी तांत्रिक मृतिका नर्स की बेटी से एक पक्षीय शादी करना चाहता था।
पडोसी से थी अच्छी जान पहचान
बता दें कि पूरा मामला फतेहपुर के खागा कोतवाली क्षेत्र का है। मृतका स्टाफ नर्स सुमन रानी यहां सीएचसी खागा में तैनात थी और खागा स्थित कस्बे में अपने 20 वर्षीय बेटे प्रखर के साथ रहती थी। वहीं उनकी बेटी प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करती थी। वहीं उनका पडोसी शैलेंद्र कुमार चौधरी रोजगार सेवक है। पड़ोसी शैलेंद्र चौधरी ने मृतका से वर्ष 2017 में हार्वेस्टर खरीदने के लिए 6 लाख रुपए लिए थे, जिसमे से 3 लाख वापस भी कर चुका था।

तंत्र-मंत्र के चक्कर में पड़ गई नर्स
इसी बीच शैलेन्द्र के साले अरुण कुमार चौधरी जो की तांत्रिक है, उसकी मुलाकात मृतिका नर्स से होती है। तांत्रिक उसके ऊपर भूत-प्रेत का साया बताकर उसका इलाज करने लगता है। इसी के चलते उसका नर्स के घर आना जाना शुरू हो जाता है। यह सिलसिला पिछले दो सालों से लगातार चल रहा था। इस दौरान तांत्रिक अरुण ने नर्स का भरोसा जीत लिया था। यहां तक की अरुण मृतका नर्स से सामान और पैसा लेकर उसकी बेटी को प्रयागराज पहुंचाता था।
बेटी से शादी और करोड़ों की संपत्ति
उधर, तांत्रिक मृतिका नर्स की बेटी से एक पक्षिये शादी करने का सपना पाल चुका था। साथ ही नर्स की करोड़ों की संपत्ति पर भी उसकी नजर थी। लेकिन इसके लिए उसे नर्स और उसके बेटे को रास्ते से हटाना था। जिसके बाद उन्होंने इसकी योजना बनाना शुरू कर दी। दोनों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए पैसों का लालच देकर दो और लोगों को शामिल किया।
खतरनाक इरादे और हत्या की योजना
योजना के मुताबिक तांत्रिक अरुण और बहनोई शैलेन्द्र ने 9 अगस्त को स्टाफ नर्स और उसके बेटे को पूजा करने के बहाने नौबस्ता फ्लाई ओवर पर बुलाया। मौका पाकर इन लोगों ने दोनों माँ बेटे को मौत के घाट उतार दिया और दोनो शवों को गंगा नदी में फेंक दिया। वहीं माँ-बेटे के अचानक गायब होने से बेटी को किसी अनहोनी का शक होने लगा। उसने पुलिस को लिखित तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की।

लापता की तलाश में जुटी पुलिस
बेटी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनो की तलाश के लिए टीमें गठित कर जांच शुरू कर दी और पड़ोसी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी। पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे। साथ ही तांत्रिक अरुण कुमार चौधरी व इसके बहनोई शैलेंद्र कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने खागा कोतवाली के टेकारी निवासी देशराज उर्फ देस्सा व सुरेंद्र उर्फ सुरेश पासवान निवासी कनकपुर मजरे सेमरा मानापुर, हथगाम का गिरफ्तार किया।
ऐसे हुआ खुलासा
हत्यारोपित सुरेश पासवान ने बताया कि मां-बेटे को रास्ते से हटाने के लिए तांत्रिक ने उसके फूफा देशराज पासवान को 50 हजार रुपये दिए थे। जिस पर वह नौ अगस्त की रात दस बजे तांत्रिक के कहने पर मां-बेटे को बाइक में बैठाकर नौबस्ता पुल पर लाया। वहां पर शैलेंद्र चौधरी व देशराज पहले से मौजूद थे। घटना को अंजाम देकर तांत्रिक, नर्स के घर जाकर अपने फोन सेट में सिम बदले।
हत्या से पहले पी थी शराब
तांत्रिक ने यह भी बताया कि हत्या के पहले नौ अगस्त को शाम गोखरूआपुर शराब के ठेके पर सभी लोगों ने 120 रुपये की अंग्रेजी क्वार्टर लेकर शराब पी थी। हत्या की योजना वह हफ्ते भर से कर रहे थे। सीओ खागा अनिल कुमार ने बताया कि मां-बेटे की खोजबीन के लिए खागा व सुल्तानपुर घोष क्षेत्र के 50 सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे गए और खागा सीमा से जुड़ने वाले प्रतापगढ़ व रायबरेली तक 125 नाविकों को लगाया गया था।

बेटे का शव अभी तक नहीं मिला
पुलिस ने मुख्य अभियुक्त तांत्रिक अरुण, उसके बहनोई शैलेंद्र चौधरी व घटना में शामिल देशराज और सुरेंद्र पासवान की निशानदेही पर गंगा नदी के पास से स्टाफ नर्स का शव बरामद कर लिया। लेकिन अब तक मृतक बेटे का शव पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। वहीं पुलिस हत्या में प्रयोग किए गए आलाकत्ल और तीन बाइकें बरामद करते हुए आगे की कार्यवाई में जुट गई है।












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