मालिक के शव के पास बंदर ने त्‍यागे प्राण, एक ही चिता पर हुआ दोनों का अंतिम संस्‍कार

फतेहपुर। यूपी के फतेहपुर से एक बेहद मार्मिक खबर सामने आई है। बुजुर्ग की मौत होते ही उनके पालतू बंदर ने भी शव के पास पहुंचकर प्राण त्‍याग दिए। बुजुर्ग ने प‍िछले 20 साल से बंदर को पाल रखा थाा इस घटना को लोग महज एक इत्‍तेफाक बता रहे हैं। हालांकि, बुजुर्ग और बंदर की शव यात्रा एक साथ ही निकली। परिजनों व ग्रामीणों ने दोनों शवों का एक चिता पर अंतिम संस्कार किया।

बीमारी से बुजुर्ग का देहांत

बीमारी से बुजुर्ग का देहांत

मामला फतेहपुर जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र के पाखरतर मोहल्ले का है। रिटायर्ड टीचर शिवराज सिंह (75) की पत्नी की तीन साल पहले मौत हो गई थी। उनके कोई संतान भी नहीं थी। वह भतीजे देवपाल के परिवार के साथ रहते थे। बीमारी की वजह से मंगलवार को उनका देहांत हो गया।

बंदर ने शव के पास त्‍यागे प्राण

बंदर ने शव के पास त्‍यागे प्राण

शिक्षक के शव देख बंदर घर की छत से उनके पास पहुंचा और कुछ देर वहीं बैठा रहा। इसके बाद जमीन पर ही लेट गया और बेसुध हो गया। परिजनों ने उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। परिजन बताते हैं कि शिवराज सिंह ने करीब 20 साल से बंदर को पाल रखा था। वह उसे बच्चे की तरह प्यार करते थे। वहीं, जब वह बीमार रहने लगे तो बंदर की देखभाल करना मुश्‍किल हो गया।

एक चिता पर किया गया दोनों का अंतिम संस्‍कार

एक चिता पर किया गया दोनों का अंतिम संस्‍कार

उन्‍होंने बताया कि बंदर मुहल्‍ले में घूमने लगा तो लोग उसे छेड़ते थे, जिसपर वह लोगों को काटने के लिए दौड़ता था। भतीजों ने उसे पांच साल पहले खागा में छोड़ दिया था। एक हफ्ते पहले ही बंदर वापस किशनपुर मालिक के घर लौट आया था। वह शिक्षक के पास रहने लगा था। परिजनों ने शिवराज और बंदर के शवों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया।

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