फर्रुखाबाद: 23 बच्चों को बंधक बनाने वाले दंपति की अनाथ बेटी 'गौरी' को IPS बनाएंगे IG मोहित
फर्रुखाबाद. उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में मारे गए बदमाश सुभाष बाथम और उसकी पत्नी रूबी की अंत्येष्टि भी हो चुकी है। दोनों ने फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद के करथिया गांव में 24 बच्चों को बंधक बनाकर मार डालने की साजिश रची थी। मगर, पुलिस की टीम ने कुछ ही देर चले ऑपरेशन में बंधक बच्चों को सकुशल छुड़ा लिया था। सुभाष बाथम और रूबी की एक संतान थी, वह है एक बच्ची।

बच्ची को पालेगी यूपी पुलिस
उस बच्ची को पालने की जिम्मेदारी अब खुद पुलिस ने ली है। मालूम हो कि, सुभाष के एनकाउंटर के बाद गांववालों की भीड़ ने उसकी पत्नी रूबी को भी मार डाला था। दोनों की मौत के बाद उनकी एक साल की बच्ची गौरी (कुसुम) अकेली रह गई। उसे लेने कोई नहीं आया। जिसके बाद उसे फर्रुखाबाद पुलिस ने गोद ले लिया है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि, जब तक उसके लिए कोई वारिस नहीं मिल जाता है, तब तक पुलिस बच्ची की परवरिश कराएगी।

आईजी रेंज ने कही ये बात
आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने कहा कि बच्ची की देखभाल फर्रुखाबाद में ही किसी महिला पुलिसकर्मी को दी जाएगी। अगर कोई बाहरी व्यक्ति बच्ची को गोद लेने के लिए आवेदन करेगा तो उस पर भी प्रशासनिक स्तर से विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि, मैंने उसका पढ़ाई खर्च उठाने का फैसला लिया है। उसे आईपीएस बनाने का इरादा है।'' वहीं, उन दोनों मृतकों की लाश को उनके सगे-संबंधियों ने भी नहीं लिया था। रविवार को पुलिस ने खुद ही दोनों का दाह संस्कार किया।

गांववालों ने यूं घेरा था मकान को
जब सुभाष बाथम ने गुरुवार को 24 बच्चों को घर में बंधक बना लिया था, तो सूचना पर पहुंची पुलिस एवं आईजी मोहित अग्रवाल बच्चों को मुक्त कराने के लिए सीढ़ी के जरिये छत पर जाने की तैयारी में थे। वहीं, आक्रोशित गांववालों की भीड़ ने सुभाष के घर पथराव करते हुए दरवाजा तोड़ डाला था। पुलिस भी पीछे से घुस गई थी। भीड़ ही सुभाष और उसकी बीवी को बाहर खींच लाई थी।

इस तरह दोनों पति-पत्नी मारे गए
पुलिस ने सुभाष को पकड़ा और मकान में ही गोलियों से मार डाला। भीड़ भी सुभाष पर हमलावर हो गई, तो उसकी बीवी रूबी ने बचाने की कोशिश की। तब भीड़ ने दोनों पर जमकर गुस्सा निकाला था। गंभीर घायल हुई रूबी को पुलिस एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल ले गई। जहां से सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर किया गया, रास्ते में उसकी मौत हो गई।












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