Bulandshahr Violence: शहीद इंस्पेक्टर की पत्नी की मांग, 'सीएम योगी के आने पर ही होगा अंतिम संस्कार'
एटा। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में सोमवार की शहीद हुए स्याना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार का पार्थिव शरीर एटा पहुंच गया है। एटा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार का आज अंतिम संस्कार किया जाना है। लेकिन परिवार की मांग है कि जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नहीं आएंगे, वो अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

राजकीय सम्मान के साथ दी गई सलामी
मंगलवार की सुबह बुलंदशहर पुलिस लाईन में शहीद पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध को राजकीय सम्मान के साथ सलामी दी गई। सलामी के बाद सुबोध कुमार सिंह का पार्थिव शरीर एटा पुलिस लाइन पहुंचा। यहां राजकीय सम्मान के साथ उनको अंतिम सलामी दी गई। इस मौके पर एडीजी अजय आनंद, डीआईजी प्रीतिंदर सिंह, डीएम आईपी पांडेय, एसएसपी आशीष तिवारी ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव लेकर पैतृक गांव तिरिगवां पहुंच गए हैं। गांव में सांसद विधायक, डीएम, एसएसपी सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद हैं।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
सुबोध कुमार सिंह की बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर सुबोध अखलाक केस की जांच कर रहे थे और इसीलिए उनकी जान ली गई। ये पुलिस की साजिश है। मेरे भाई को शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए और उनकी याद में स्मारक बनाया जाना चाहिए। हम लोगों को पैसा नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएम योगी केवल गायों की बातें करते हैं।

हिंदू-मुस्लिम फसाद में गई मेरे पिता की जान
इसके पहले, अपने पिता इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत पर उनके बेटे अभिषेक ने कहा, 'मेरे पिता मुझे एक ऐसा अच्छा नागरिक बनाना चाहते थे, जो समाज में धर्म के नाम पर हिंसा को बढ़ावा ना देता हो। आज इस हिंदू मुस्लिम फसाद में मेरे पिता की जान गई है, कल किसके पिता की जान जाएगी?'












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