फरहान अख्तर ने क्यों बनाई थी फिल्म 'लक्ष्य'? इंडियन आइडल के मंच पर बताया सच
इस वीकेंड इंडियन आइडल पर फरहान अख्तर पहुंचे। कंटेस्टेंट श्रीनिधि ने फरहान की फिल्म 'लक्ष्य' का गाना गाया। इस परफॉर्मेंस ने मंच पर एक गहरा पल बना दिया, जिसने फरहान को यह बताते हुए भावुक कर दिया कि आखिर किस वजह ने उन्हें ये फिल्म बनाने के लिए प्रेरणा मिली। बादशाह ने फरहान की तरफ देखते हुए सवाल पूछा, "क्या आपने ये फिल्म सिर्फ मनोरंजन के लिए बनाई थी? या फिर इसके पीछे ये भावना भी थी कि आपको देश के लिए कुछ करना है?"

फरहान ने कहा, "इस सवाल के दो हिस्से हैं। देशभक्ति ऐसी चीज़ है, जो हम सबके अंदर पैदा होती है। जब आप अपने माता-पिता को देखते हैं - उनका काम, देश के लिए उनका प्यार और तो वही भावना धीरे-धीरे आपमें भी बस जाती है। और मेरी नज़र में देशभक्ति कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे जोर-जोर से बोलकर दिखाया जाए। ये एक एहसास है, जिसके साथ आप ईमानदारी और मेहनत से अपनी जिंदगी जीते हैं - अपने देश के लिए।"
उन्होंने आगे कहा, "ये फिल्म उस दौर में बनी, जब 1999 में ऑपरेशन विजय हुआ था। 2001 में मेरे पापा कारगिल गए थे। वहां शहीद जवानों का एक मेमोरियल है। एक अफसर ने उनसे कहा था 'दुनिया भर में लोग इंडियन आर्मी की तारीफ कर रहे हैं, क्योंकि इन पहाड़ों में जो नामुमकिन लगने वाला काम है, वो उन्होंने कर दिखाया।' और ये बिल्कुल सच है, दुनिया की बहुत कम सेनाएँ हैं जो ऐसा कर सकती हैं।"
लेकिन इसके बाद जो हुआ, वही लक्ष्य की कहानी की असली चिंगारी बना। फरहान ने बताया, "उस अफसर ने एक दुख की बात भी कही थी 'हर साल कम युवा ऑफिसर बनने के लिए आवेदन कर रहे हैं। अब उन्हें ये करियर ठीक विकल्प नहीं लगता।' फिर वो बोले, "उसने ये बात मेरे पापा को बताई, और मेरे पापा ने उससे कहा, 'मैं एक ऐसी कहानी लिखना चाहता हूँ, जिससे युवा इंडियन आर्मी में शामिल होने की प्रेरणा पाएं।' यही सोच लक्ष्य की कहानी लिखने की वजह बनी।"
फरहान ने बताया कि लक्ष्य ने आगे चलकर उनकी फिल्मों को देखने और बनाने का नजरिया ही बदल दिया।
उन्होंने कहा, "उस अनुभव के बाद, मैंने जो भी फिल्में चुनीं चाहे भाग मिल्खा भाग हो, या अब 120 बहादुर उनमें एक बात हमेशा रही: सिनेमा के पास संदेश देने की ताकत है। अपने आज़ादी का सम्मान करो। उसे प्यार करो। और कभी मत भूलो कि ये किस कीमत पर मिली है।"
श्रीनिधि की भावुक परफॉर्मेंस ने जब मंच का माहौल गहरा कर दिया, तो फरहान की ये बात, ये खुलासा, दर्शकों को एक ऐसे फिल्ममेकर के दिल तक ले गया, जो मानता है कि सिनेमा एक पूरी पीढ़ी को दिशा दे सकता है।
इंडियन आइडल के मंच पर पहली बार पता चला कि इस फिल्म के पीछे असली प्रेरणा क्या थी। ये कहानी उसी जज़्बे से मेल खाती है, जो इंडियन आइडल सीज़न 16 की पहचान है, जहां हर आवाज़ एक सफर लेकर आती है, एक मकसद लेकर आती है, और एक अटूट जुनून के साथ आगे बढ़ती है।












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