लिव-इन पार्टनर ने स्टार एक्ट्रेस को 'बाजार' में बेचा, पति ने लगाई नशे की लत, 34 साल में मिली ऐसी दर्दनाक मौत
Vimi: हिंदी सिनेमा में कई ऐसी कहानियां हैं, जहां सफलता की ऊंचाइयों के साथ दर्द की गहरी खाई भी जुड़ी होती है। बॉलीवुड की लिजेंड्री एक्ट्रेस रह चुकीं मीना कुमारी को ट्रेजेडी क्वीन कहा गया लेकिन एक और अभिनेत्री की जिंदगी भी कुछ ऐसी ही त्रासदी से भरी रही थी।
एक्ट्रेस विमी की दर्दनाक कहानी
ये कहानी है 60 और 70 के दशक की खूबसूरत एक्ट्रेस विमी (Vimi) की, जिन्होंने बहुत कम समय में शोहरत हासिल की लेकिन उनका अंत बेहद दर्दनाक रहा। उनकी दर्दनाक कहानी ने सबको झकझोर कर रख दिया था।

पहली फिल्म से बनीं स्टार, रातों-रात मिली पहचान
-आपको बता दें कि विमी ने हिंदी सिनेमा में कदम रखते ही दर्शकों का दिल जीत लिया था। उनकी पहली फिल्म 'हमराज' (Hamraaz) सुपरहिट साबित हुई थी, जिसमें उन्होंने सुनील दत्त, शशि कपूर और राज कुमार जैसे बड़े स्टार्स के साथ काम किया था।
-इस फिल्म के बाद विमी इंडस्ट्री की नई सेंसेशन बन गई थीं। इसके बाद वह निर्माता-निर्देशकों की पहली पसंद बनती चली गईं। 60 के दशक में विमी एकमात्र ऐसी एक्ट्रेस थीं जो एक फिल्म के लिए 3 लाख रुपए की फीस लेती थीं।
रईस परिवार से थीं विमी, फिल्मों के लिए छोड़ा सबकुछ
-विमी एक संपन्न परिवार से ताल्लुक रखती थीं। वह काफी पढ़ी-लिखी थीं, कला और संगीत में गहरी रुचि रखती थीं और उनकी आवाज भी बहुत मधुर थी लेकिन परिवार को उनका फिल्मों में आना मंजूर नहीं था। अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने घर-परिवार से दूरी बना ली और मुंबई का रुख किया था।
-कम उम्र में विमी की शादी एक बिजनेसमैन परिवार में हुई थी और उनके दो बच्चे भी थे। बावजूद इसके, उन्होंने अपने करियर को प्राथमिकता दी थी, जिसका असर उनके निजी जीवन पर धीरे-धीरे दिखने लगा था।
फिल्ममेकर बीआर चोपड़ा ने विमी को बनाया था स्टार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक पार्टी के दौरान विमी की मुलाकात मशहूर संगीतकार रवि से हुई थी। उनकी खूबसूरती और व्यक्तित्व से प्रभावित होकर रवि ने उन्हें फिल्मों में आने की सलाह दी थी। इसके बाद संगीतकार रवि ने ही विमी की मुलाकात फिल्ममेकर बीआर चोपड़ा से कराई थी, जिन्होंने उन्हें 'हमराज' मूवी में मौका देकर स्टार बना दिया था।
ससुराल वालों ने घर से निकाला, संपत्ति से किया बेदखल
हालांकि इस फैसले की कीमत विमी को अपने परिवार से दूरी और संपत्ति से बेदखल होने, के रूप में चुकानी पड़ी थी। इसके बाद अचानक घर की जिम्मेदारियां भी उनके कंधों पर आ गई थीं। दरअसल फिल्मों में काम करने को लेकर विमी के ससुराल वालों ने उन्हें और उनके पति, दोनों को घर और संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसके बाद घर चलाने की जिम्मेदारी विमी पर आ गई थी।
कॉन्ट्रैक्ट विवाद और करियर की ढलान
फिल्म 'हमराज' की सफलता के बाद विमी को कई फिल्मों के ऑफर मिले थे लेकिन बी.आर. चोपड़ा के साथ किए गए कॉन्ट्रैक्ट के चलते वह दूसरे प्रोजेक्ट्स नहीं कर सकीं। जब दोनों के बीच मतभेद बढ़े और कॉन्ट्रैक्ट खत्म हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इसके बाद जो फिल्में विमी को मिलीं, वो बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। धीरे-धीरे निर्माता-निर्देशकों ने उनसे दूरी बना ली और उनका करियर पटरी से उतर गया।
टूटा रिश्ता, बढ़ी परेशानियां और अकेलापन
पैसों की कमी ने विमी के वैवाहिक जीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया था। उनके पति को नशे की लत लग गई थी। दोनों के बीच तनाव शुरू हो गया था, मारपीट होने लगी थी। फिर रिश्ते में दरार आई और हालात इतने बिगड़ गए कि दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया था।
लिव इन पार्टनर ने प्रॉस्टिट्यूशन में धकेला
-तलाक के बाद विमी मुंबई से कोलकाता शिफ्ट हो गई थीं, जहां वह एक फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर, जॉली के साथ लिव इन में रहने लगी थीं। विमी ने कोलकाता में कपड़ों का बिजनेस शुरू किया था जो कि फेल हो गया था। विमी का ये फैसला भी उनके खिलाफ ही गया। वहीं जॉली के साथ भी उनका रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला और उनकी जिंदगी में मुश्किलें और बढ़ती चली गईं।
-दरअसल जॉली के साथ उनका 'प्यार' कुछ वक्त तक ही रहा लेकिन इस रिश्ते ने उन्हें शराब और कई तरह के नशे की लत लगा दी थी। सिर्फ इतना ही नही, कहा जाता है कि जॉली ने उन्हें प्रॉस्टिट्यूशन में भी धकेल दिया था। जॉली पर एक्ट्रेस को बर्बाद करने का आरोप लगा था। इन सबके चलते विमी के करियर के साथ साथ उनकी सेहत भी चौपट हो गई।
नशे की लत और एक्ट्रेस का दर्दनाक अंत
-जीवन की असफलताओं और अकेलेपन ने विमी को शराब की ओर धकेल दिया था। धीरे-धीरे उनकी सेहत खराब होती चली गई और उनका करियर पूरी तरह खत्म हो गया। पैसों की कमी के चलते हालात काफी बिगड़ गए थे। वहीं विमी के आसपास रहने वाले लोग भी उन्हें परेशान करने लगे थे। ऐसे में विमी को आर्थिक और सामाजिक, दोनों तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
-जानकारी के अनुसार साल 1977 में महज 34 साल की उम्र में लीवर फेल होने के कारण विमी की दर्दनाक मौत हो गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विमी ने मुंबई के नानावटी अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। सबसे दर्दनाक बात ये रही कि उनके अंतिम समय में उनके पास कोई अपना नहीं था। कहा जाता है कि उनकी अंतिम यात्रा में सिर्फ सुनील दत्त शामिल हुए थे।
एक अधूरी कहानी, जो आज भी सिनेमा जगत को झकझोरती है
विमी की जिंदगी एक ऐसी कहानी है, जिसमें सफलता, संघर्ष और त्रासदी तीनों शामिल हैं। एक समय पर इंडस्ट्री की सबसे चर्चित एक्ट्रेस रहीं विमी का अंत इस कदर अकेलेपन में होगा, ये किसी ने नहीं सोचा था। उनकी कहानी आज भी फिल्मी दुनिया के उस कठिन सच को उजागर करती है, जहां चमक-दमक के पीछे कई दर्द छिपे होते हैं।












Click it and Unblock the Notifications