Thugs Of Goa Review: क्राइम थ्रिलर 'ठग्स ऑफ गोवा' में दिखेगा चोर पुलिस का रोमांचक खेल, पढ़ें रिव्यू
मूवी रिव्यू: ठग्स ऑफ गोवा
कलाकार: सूर्यांश त्रिपाठी, गायत्री बनसोडे, रुचिका सिंह और मनवीर सिंह
रेटिंग: 3 स्टार्स
Thugs Of Goa Review: ठगी, धोखेबाजी और लोगों को बेवकूफ बनाने वालों की जिंदगी पर बॉलीवुड में कई फिल्में बनी हैं। जिनमे धूम सीरीज ने काफी लोकप्रियता हासिल की थी। इस सप्ताह सिनेमाघरों मे रिलीज हुई क्राइम थ्रिलर "ठग्स ऑफ गोवा" उसी शैली की एक तेज रफ़्तार मूवी है जिसमें एक्शन और रोमांच का जबर्दस्त तड़का है। इस पिक्चर के निर्देशक साई पाटिल ने इसकी बेहतर कहानी, चुस्त पटकथा और प्रभावी संवाद लिखे हैं। गोवा की लोकेशन फिल्म मे किरदार की तरह इस्तेमाल की गई है।

गोवा की पृष्ठभूमि में सेट इस फिल्म की कहानी अमर अग्निहोत्री के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक कुख्यात ठग है. वह अपने तीन साथियों सलोनी, नेहा और विक्की के साथ मिलकर लोगों को ठगकर मौज करता है। इस धोखे के खेल में तब एक मोड़ आता है जब क्राइम ब्रांच ऑफिसर विजय नेहा को धमकाता है और उसे भ्रष्ट मंत्री के बेटे राकेश के करीबी लोगों के बीच घुसकर काले धन से जुड़े दस्तावेज चुराने के लिए मजबूर करता है। जब नेहा अमर को इस खतरनाक काम के बारे में बताती है, तो तनाव बढ़ता है। अमर और ऑफिसर विजय के बीच एक भयंकर लड़ाई शुरू होती है. अंत में क्या होता है इसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
इस फिल्म में अमर की भूमिका में सूर्यांश त्रिपाठी ने बहुत ही आत्मविश्वास के साथ बिंदास और नेचुरल ऐक्टिंग की है। चरित्र के अनुसार उनकी बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी प्रभावी है। सलोनी की भूमिका में गायत्री बंसोडे ने भी अपनी छाप छोड़ी है। नेहा के रोल मे रुचिका सिंह बहुत अच्छी लगी है। खास तौर पर उस दृश्य में जब वह मंत्री के बेटे के घर पर दस्तावेज ढूंढ रही होती हैं। मनवीर सिंह ने विक्की के किरदार को विश्वसनीय बना दिया है।
अंकिता देसाई, विक्की मोटे, गिरिराज कुलकर्णी, सागर पब्बाले, हर्षित उपाध्याय, प्रणय तेली, सुनील कुसेगांवकर, राजदेव जमदादे, योगेश कुमावत, नवनाथ श्रीमंडिलकर जैसे कलाकारों ने भी अपने अपने हिस्से की भूमिकाओं के साथ न्याय किया है।
फिल्म के वन लाईनर्स याद रह जाते हैं। "यह हलवा नहीं मेरा जलवा है।" या "एक पुलिसवाला रेप की धमकी दे रहा है।" फिल्म के लेखक निर्देशक साई पाटिल ने कुशल निर्देशन किया है। सभी कलाकारों से बेहतरीन काम लिया है और स्टोरी को फास्ट ट्रैक पर रखा है। जिससे दर्शकों की जिज्ञासा बनी रहती है। हर मोड़ पर थ्रिल और रोमांच ऑडिएंस को इन्गेज रखता है। फिल्म का एक और प्लस पॉइंट इसका बैकग्राउंड म्युज़िक है। क्राइम थ्रिलर और चोर पुलिस के खेल को पसन्द करने वालों के लिए फिल्म 'ठग्स ऑफ गोवा' एक देखने लायक सिनेमा है। मेरी बात यहीं तक आप भी फिल्म देखें और अपनी राय बनाएं।












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