Sitaare Zameen Par Review: 10 सितारे हैं आमिर खान की फिल्म के हीरो, जो हंसाते हैं, रुलातें हैं और सीख देते हैं

आमिर खान ने फिल्म सितारे जमीन पर का रिलीज के पहले खूब हल्ला किया। इंटरव्यू से लेकर पॉडकास्ट तक, हर जगह पहुंच प्रमोट किया। बज भी खूब बनाया। ट्रेलर आया हमने देखा, लेकिन फिर कुछ फ्रेम चैंपियंस के कॉपी लगे। मन उचट गया। प्रेस शो देखने पहुंचे। मन में यही था कि यार ये रीमेक है, कई चीजें कॉपी होंगी। मजा नहीं आएगा।

फिल्म शुरू हुई और धीरे-धीरे मेरा पूर्वाग्रह खत्म होना शुरू हो गया। क्योंकि पता चला कि ये फिल्म आमिर खान की नहीं है। बल्कि उनकी फिल्म के 10 सितारों की है। जो हर इमोशन को चरम पर ले जाकर छोड़ते हैं। चाहें हंसना हो या फिर रोना। तारीफ के हकदार डायरेक्टर आर एस प्रसन्ना भी हैं।

Sitaare Zameen Par Movie Review

फिल्म की कहानी गुलशन अरोड़ा की है। जो बॉस्केटबॉल कोच है। वो आत्ममुग्ध और अहंकारी भी है। वो हेड कोच बनना चाहता है। उसकी हाइट की वजह से उसका मजाक भी बनता है। अपने सीनियर को मुक्का मार चुका है। बीवी से भी नहीं बनती है। कुल मिलाकर एक बद्तमीज इंसान है। एक दिन शराब के नशे में पुलिसवालों की गाड़ी ठोक देता है। कोर्ट जुर्माने के साथ समाज सेवा की सजा सुनाती है। जिसके बाद उसे न्यूरो डाइवर्जेंट बच्चों को बास्केट बॉल की कोचिंग देनी है। वो इसकी शुरुआत भी करता है। परेशान हो जाता है। बच्चे नहीं संभाल पाता है। उन बच्चों के साथ वो असहज है, उनके साथ उसका मन नहीं लगता है। मन में एक अजीब से घिन्न भी है। लेकिन समय के साथ साथ वो भी उनके साथ एडजस्ट हो जाता है। उन्हें स्वीकार लेता है। उन बच्चों के साथ उसे मजा आने लगता है। टूर्नामेंट की तैयारी करवाता है। फाइनल तक टीम पहुंच जाती है। सितारे जमीन पर का जो गुलशन है, ऐसा ही एक छोटा गुलशन सबके भीतर है। कुछ को पता है, कुछ को नहीं। लेकिन वो स्वीकार भी नहीं करते हैं।

10 सितारों ने लूटा मजमा, आमिर को किया फेल

गुलशन का रोल आमिर खान ने किया है। इस फिल्म के लिए उन्होंने एक बॉडी लैंग्वेज पकड़ी है। जो पूरी फिल्म में उनके साथ चलती है। इस किरदार को उन्होंने संतुलित रखने की कोशिश की है। अहंकारी और बद्तमीज किस्म के लहजे को उन्होंने ठीक तरीके से पकड़ा है। लेकिन कुछ एक्शन में ऐसा लगता है कि इस आमिर को हमने धूम 3 में देखा है। वहीं, कुछ जगह उनका काम अच्छा भी लगता है। उनकी पत्नी सुनीता के किरदार में जेनेलिया देशमुख हैं। उनका रोल कम है, लेकिन जितना है उसमें वो दमकी हैं।

फिल्म के हीरो आरुष दत्ता, गोपी कृष्णन, वेदांत, नमन मिश्रा, ऋषि शाहनी, ऋषभ जैन, आषीश पेंडसे, संवित देसाई, सिमरन मंगेशकर और आयुष भंसाली हैं। इन्होंने सतबीर, गुड्डू, बंटू, शर्माजी, हरगोविंद, राजू, सुनील, करीम, गोलू और लोटस के किरदार को बड़ी ही संजीदगी से निभाया है। उनके सामने अच्छे एक्टर्स भी पानी भरते फिरेंगे। पूरी फिल्म इनकी है। डॉली अहलूवालिया, गुरपाल सिंह और ब्रिजेंद्र काला ने भी अपने किरदारों में मजा दिलाया है।

दिव्य निधि और प्रसन्ना की दमक से छाई चमक

फिल्म को आर एस प्रसन्ना ने डायरेक्ट किया है। उन्होंने हमें दिए इंटरव्यू में कहा था कि ये फिल्म मैं आमिर के पास गया था। क्योंकि ये फिल्म मेनस्ट्रीम सिनेमा से अलग है। सितारे जमीन पर जब देखते हैं तो ऐसा एहसास होता है। इस फिल्म की मेकिंग में प्रसन्ना ने मेहनत की है। फिल्म का एक सीन है जो अभी भी मेरे दिमाग में छपा है, जब गुलशन गुड्डू को नहाने के लिए उकसाता है। वो पूरा सीन छप सा जाता है। फिल्म को दिव्य निधि शर्मा ने लिखा है। उनकी लेखनी इतनी बढ़िया है कि स्क्रीन से आपकी नजर नहीं हटती है।

फिल्म का फ्लो ऐसा है, जैसे एक सांस में पानी पीना। उसके बाद आपको जो आनंद आता है, वही इस फिल्म को देखने पर भी आता है। दिव्य ने फिल्म में कई ऐसे डायलॉग दिए हैं जो आपके जेहन में रह जाते हैं। फिल्म की कास्टिंग अनमोल आहूजा 'कास्टिंग बे' ने की है। कास्टिंग के उनकी अतिरिक्त तारीफ होनी चाहिए। उन्होंने आमिर को 10 सितारे ढूंढ कर दिए हैं। फिल्म को जी श्रीनिवास रेड्डी ने शूट किया है। चारू श्री रॉय ने इसे एडिट किया है।

राम संपत के स्कोर ने फिल्म को बनाया झन्नाटेदार

फिल्म का म्यूजिक शंकर एहसान लॉय ने कंपोज किया है। जो बहुत अच्छा है। गाने पापा कहते हैं और टाइटल ट्रैक बेहतरीन है। लेकिन इस फिल्म को और समृद्ध बैकग्राउंड स्कोर बनाता है। राम संपत का स्कोर फिल्म के इमोशन को एक अलग ऊंचाई देता है।

कुल जमा बात

कुल जमा फिल्म को देख आइए। क्योंकि पूर्वाग्रह से ग्रसित रहने से कोई मतलब नहीं है। फिल्म हंसाती है, रुलाती है ये समझिए मार डालती है। 158 मिनट में आपको बेइंतहां प्रेम, उदार और करुण से भर देगा। आप आमिर के रीमेक कल्चर से गुस्सा हो सकते हैं। लेकिन जिस सब्जेक्ट पर उन्होंने फिल्म बनाई है, उसके लिए तारीफ करनी चाहिए। फिल्म 10 सितारों से प्यार करवाती है। भले ही आमिर इसे 'तारे जमीन पर' का स्प्रिचुअल सीक्वल बोलते रहें। लेकिन ये अपने आप में एक पूरी फिल्म है। जिसे सीक्वल की कैटेगरी में नहीं रखना चाहिए। इस फिल्म पर मेरी बात यहीं तक। आप भी 'सितारे जमीन पर' देखिए और अपनी राय बनाइए।

फिल्म- सितारे जमीन पर
डायरेक्टर- आर एस प्रसन्ना
कास्ट- आमिर खान, जेनेलिया देशमुख, डॉली अहलूवालिया, गुरपाल सिंह, ब्रिजेंद्र काला और 10 सितारे
रेटिंग- 4 स्टार्स

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