'चुनाव के समय धर्म परिवर्तन पर फिल्म...ऐसा क्यों', शत्रुघ्न सिन्हा ने 'द केरल स्टोरी' पर उठाए सवाल
Shatrughan Sinha On The Kerala Story: शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जो लोग बैन लगाए जाने को 'अभिव्यक्ति की आजादी' पर हमला बता रहे हैं, वह ये भूल रहे हैं कि सरकार को भी 'प्रशासन का अधिकार' है।

Shatrughan Sinha On The Kerala Story: बॉलीवुड एक्ट्रेस अदा शर्मा की फिल्म 'द केरल स्टोरी' बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रही है। इस फिल्म को देखने के लिए सिनेमाघरों में लोगों की भारी भीड़ हो रही है। वहीं इस फिल्म पर पश्चिम बंगाल में लगे बैन का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सुदीप्तो सेन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म पर राजनीतिक सरगर्मी भी हर दिन बढ़ती नजर आ रही है। अब दिग्गज एक्टर और राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने इस मामले में अपना बयान दिया है। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने फिल्म मेकर्स पर निशाना साधा है।
'द केरल स्टोरी' के बैन पर बोले शत्रुघ्न सिन्हा
आपको बता दें कि फिल्म द केरल स्टोरी ने गत 6 दिनों में बॉक्स ऑफिस पर 66 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है। वहीं इस फिल्म के बैन पर बवाल जारी है। इसी बीच शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जो लोग बैन लगाए जाने को 'अभिव्यक्ति की आजादी' पर हमला बता रहे हैं, वह ये भूल रहे हैं कि सरकार को भी 'प्रशासन का अधिकार' है। वहीं शत्रुघ्न सिन्हा ने फिल्म की रिलीज की टाइमिंग पर भी कई सवाल उठाए हैं।
ममता बनर्जी ने कोलकाता में लगाया इस फिल्म पर बैन
जानकारी के अनुसार इस फिल्म में हिंदू महिलाओं के धर्मांतरण और उन्हें आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठन में भर्ती किए जाने की कहानी दिखाई गई है। ममता बनर्जी ने इस फिल्म को 'विकृत कहानी' बताते हुए इसे पश्चिम बंगाल में बैन किया है। उन्होंने इसके लिए 'सामाजिक सौहार्द' और 'अशांति पर नियंत्रण' का हवाला दिया है। वहीं शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है- सबसे पहले, तो मैं ये साफ कर दूं कि मैंने द केरल स्टोरी फिल्म नहीं देखी है।
'अभिव्यक्ति का अधिकार' है, तो 'प्रशासन का अधिकार' भी है
ईटाइम्स से बात करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- ये कहने के बाद मैं अब ये भी कहना चाहूंगा कि मैं हमेशा अभिव्यक्ति की आजादी के लिए खड़ा रहा हूं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और सबके सामने कहने का अधिकार है, फिर चाहे वह जो भी कहना चाहता हो। लेकिन ये किसी राज्य की कानून और व्यवस्था की कीमत पर नहीं हो सकता। उन्होंने आगे कहा- अगर कोई फिल्म राज्य की शांति के लिए खतरा बन सकती है, तो उसकी आजादी पर अंकुश लगना चाहिए। अगर 'अभिव्यक्ति का अधिकार' है, तो 'प्रशासन का अधिकार' भी है।'
चुनाव के समय धर्म परिवर्तन की बात
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- मैं हमेशा स्वतंत्रता के अधिकार के लिए खड़ा रहा हूं। विवेक अग्निहोत्री की 'द कश्मीर फाइल्स' से बहुत पहले मैंने कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा के बारे में बात की थी। तब सरकार ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया था। संवेदनशील मुद्दों पर फिल्म बननी चाहिए लेकिन उन्हें संवेदनशील तरीके से बनाया जाना चाहिए। चुनाव के समय धर्म परिवर्तन के बारे में ये फिल्म क्यों आई है? इसकी टाइमिंग संदेह पैदा करती है।












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