शशि कपूर के जन्म से खुश नहीं थीं उनकी मां, प्रेग्नेंसी खत्म करने के लिए खाई थी ये दवा
शशि कपूर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी मां रामसरनी कपूर उन्हें इस दुनिया में लाना ही नहीं चाहती थीं। उनकी मां मानती थीं कि वह 'संयोगवश' इस दुनिया में आ गए हैं इसलिए वह इस प्रेग्नेंसी से छुटकारा पाना चाहती थीं।
मुंबई, 4 जुलाईः हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार रह चुके दिवंगत एक्टर शशि कपूर ने एक बार अपनी मां के बारे में लोगों को कुछ ऐसा बताया था जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो गया था। शशि कपूर की ये बात सुनने के बाद हर कोई ये सोचने पर मजबूर हो गया था कि एक मां अपने बच्चे के साथ ऐसा कैसे कर सकती है। शशि कपूर ने बताया था कि उनकी मां रामसरनी कपूर उन्हें इस दुनिया में लाना ही नहीं चाहती थीं। उनकी मां मानती थीं कि वह 'संयोगवश' इस दुनिया में आ गए हैं इसलिए वह इस प्रेग्नेंसी से छुटकारा पाना चाहती थीं।

प्रेग्नेंसी को खत्म करने के लिए उठाए खतरनाक कदम
साल 1995 में शशि कपूर ने फिल्मीबीट को दिए इंटरव्यू के दौरान बताया था कि उनकी मां को जब पता चला कि वह प्रेग्नेंट हैं तो काफी शर्मिंदा महसूस कर रही थीं। शशि कपूर ने बताया था कि वह बच्चा नहीं चाहती थीं। अबॉर्शन के लिए उन्होंने कई खतरनाक कदम उठाए थे। कभी वह साइकिल से गिर जातीं तो कभी सीढ़ियों से। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बहन के जन्म के बाद उनके माता-पिता रामसरनी और पृथ्वीराज कपूर काफी खुश थे।

फ्लूकी कहकर बुलाती थी मां
आपको बता दें कि शशि कपूर का जन्म 18 मार्च 1938 को हुआ था। वह पृथ्वीराज कपूर और रामसरनी कपूर के सबसे छोटे बेटे थे। उनके दो भाई थे- राज कपूर और शम्मी कपूर और एक बहन थी उर्मिला। पृथ्वीराज कपूर और रामसरनी के दो बेटों- देविंदर और रविंदर का निधन हो गया था। उनकी जन्म के एक हफ्ते के अंदर ही मौत हो गई थी। वो दोनों बेटे शशि कपूर से बड़े थे। इंटरव्यू में शशि कपूर ने बताया- मेरी मां मुझे 'फ्लूकी'( संयोगी) बोलती थी क्योंकि मैं बिना प्लान के पैदा हुआ था। उनके पहले से ही चार बेटे थे (शम्मी कपूर और राज कपूर के बीच दो जवान बेटों को निधन हो गया था) और मेरी मां और मेरे डैड हमेशा बेटी के लिए प्रार्थना करते रहते थे। साल 1933 में मेरी बहन उर्मिला का जन्म हुआ और उसके जन्म के बाद मेरे माता-पिता काफी खुश थे।

बेटी के जन्म से खुश थी फैमिली
शशि कपूर ने बताया था- बेटी के जन्म के बाद परिवार पूरा होने से मेरे पैरेंट्स बहुत खुश थे। अचानक पांच साल बाद मेरी मां को पता लगा कि वह फिर से प्रेग्नेंट हो गई हैं। उनके लिए यह बेहद शर्मिंदगी भरा था। उन्होंने मुझसे छुटकारा पाने की पूरी कोशिश की थी। पुराने जमाने में अबॉर्शन जैसी चीजें तो थीं नहीं लेकिन वह मुझे पैदा न कर सकें इसके लिए उन्होंने घर में ही कई कोशिशें की थीं।

खा ली थी क्यूनाइन दवा
शशि कपूर ने आगे बताया- मां मुझे बताया करती थीं कि वह प्रेग्नेंसी को खत्म करने के लिए साइकिल से गिर जाती थीं, सीढ़ियों से गिर जाती थीं, रस्सी कुदने लगती थीं। शशि कपूर ने आगे बताया- उन्होंने प्रेग्नेंसी को खत्म करने के लिए एक बार क्यूनाइन दवा भी खा ली थी। लेकिन शशि कपूर भी जिद्दी थे। उन्होंने कहा- मेरा भविष्य था। मैं एक फ्लूक ऐक्टर हूं, फ्लूक स्टार हूं और फ्लूक पर्सन हूं।

चाइल्ड एक्टर के रूप में शुरू हुआ था करियर
आपको बता दें कि शशि कपूर ने राज कपूर के निर्देशन में बनी फिल्म आग (1948) में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में अपना करियर शुरू किया था। वहीं लीड हीरो के तौर पर उनकी पहली फिल्म यश चोपड़ा की धर्मपुत्र (1961) थी। शशि कपूर ने अपने करियर में कन्यादान (1968), रोटी कपड़ा और मकान (1974), प्रेम कहानी और दीवार (1975), चक्कर पे चक्कर और कभी कभी (1976), सत्यम शिवम सुंदरम जैसी कई फिल्मों में शानदार अभिनय किया है।












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