मां की मौत ने पलट दी शाहरुख खान की दुनिया, बॉलीवुड का बादशाह बन पूरी की ये आखिरी इच्छा
Shah Rukh Khan Dream: बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान के करियर की शुरुआत ने कई लोगों को प्रेरित किया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह खुद कभी बॉलीवुड में नहीं आना चाहते थे? शाहरुख का सपना हमेशा से कुछ और था।
शाहरुख खान का जन्म और पढ़ाई लिखाई दिल्ली में हुई। उनके मन में हमेशा से एक अभिनेता बनने का सपना नहीं था। उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान थिएटर में भी भाग लिया, लेकिन उनके मन में फिल्म इंडस्ट्री के प्रति कोई विशेष आकर्षण नहीं था।

शाहरुख साल 1988 में सीरियल 'फौजी' में काम किया था। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में अपनी किस्मत आजमाई और वह एक सुपरस्टार बन गए। छोटे पर्दे से बड़े पर्दे तक का सफर तय करने वाले शाहरुख खान मां लतीफ फातिमा खान को पूरा करने के लिए ही फिल्मों में आए थे। ये एक्टर के करीबी दोस्त विवेक वासवानी ने एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया था।
सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू विवेक वासवानी ने कहा था कि, 'हम चर्च रोड के पास गहलोत गए। हमने वहां खाना ऑर्डर किया और तभी उसने मुझसे कहा कि मेरी मां मरने वाली है। फिर जब हम मैरीन ड्राइव पर जाकर बैठे तो उसने बताया कि मां को ऑर्गन फेलियर की समस्या है।'
शाहरुख खान की मां की जान बचाने के लिए उनके दोस्त विवेक ने काफी मदद की थी। मुंबई से उनके लिए दवाएं भी भेजते थे लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद शाहरुख की मां नहीं बच पाईं। मां के निधन के बाद शाहरुख खान ने मुंबई आने का फैसला किया और फिर उन्होंने फिल्में करना का मन बना लिया क्योंकि ये उनकी मां का सपना था।
शाहरुख खान ने अपने दोस्त विवेक को बताया था कि वह फिल्में इसलिए करना चाहते हैं क्योंकि उनकी मां चाहती थी कि वह एक सुपरस्टार बनें। शाहरुख ने हमेशा अपने जीवन में अपने सपनों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक आइकन बना दिया। यही वजह है कि वह आज एक ग्लोबल स्टार हैं।












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