दिग्‍गज एक्‍टर संजय मिश्रा ने खोला राज- मुख्य भूमिका निभाने की भूख नहीं थी लेकिन अब मेरे जैसे एक्‍टर.....

संजय मिश्रा ने खोला राज- मुख्य भूमिका निभाने की भूख नहीं थी लेकिन अब मेरे जैसे एक्‍टर.....

मुंबई, 10 फरवरी: बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार संजय मिश्रा अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुके हैं। नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा कोर्स के बाद, जब अभिनेता संजय मिश्रा ने 90 के दशक की शुरुआत में अभिनय करना शुरू किया, तो उनकी एकमात्र खोज प्रभावशाली भूमिकाएं सर्च करने की थी। वहीं अब एक्‍टर संजय मिश्रा ने मीडिया को दिए इंटरव्‍यू में खुलासा किया कि उन्हें कभी भी मुख्य भूमिका निभाने की भूख नहीं थी, लेकिन हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ शॉट देने की इच्छा जरूर थी। चाहे फिल्म की लंबाई या उसके पैमाने कुछ भी हो।

मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि....

मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि....

लखनऊ में शूटिंग के दौरान दिए इंटरव्‍यू में संजय मिश्रा ने कहा "मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि किसी दिन मैं किसी प्रोजेक्ट का प्रमुख चेहरा बनूंगा। मेरा उद्देश्य सिर्फ एक था - फिल्म चाहे जैसे भी हो लोग कहें कि 'आप बहुत अच्छे थे' चाहे वह किसी भी अन्य शैली की कॉमेडी हो। लेकिन, आंखो देखी ने खेल को बदल दिया, उसके बाद मसान, कड़वी हवा, दम लगा के हईशा और शुक्र है कि अब तो कमाल का काम आ गया है।

हम जैसे अभिनेताओं को प्रमुख चेहरे के रूप में देखना दुर्लभ है

हम जैसे अभिनेताओं को प्रमुख चेहरे के रूप में देखना दुर्लभ है

अभिनेता संजय मिश्रा इस बात से खुश हैं कि चलन बदल गया और पात्र मुख्य सितारे बनने लगे। उन्‍होंने कहा यह दुर्लभ है कि निर्माता हम जैसे अभिनेताओं को किसी प्रोजेक्ट के प्रमुख चेहरे के रूप में देखते हैं। उन्‍होंने कहा मुख्‍य पात्र के रूप में लोग देखते जरूर हैं लेकिन हिम्मत बहुत कम लोग करते हैं। लेकिन धीरे-धीरे अब ऐसा होने लगा है। बहाव आया है और दर्शकों का स्वाद भी बदल गया है। हीरो, हीरोइन के अलावा भी अब कहानियां हैं... जिसके कारण, अब बड़े प्रोडक्शन हाउस हमें एक प्रमुख चेहरे के रूप में देखते हैं!"

....वरना लोग पगला जाते हैं

....वरना लोग पगला जाते हैं

संजय मिश्रा ने कहा "मेरे साथ सबसे अच्छी बात यह हुई कि तथाकथित सफलता मुझे धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से मिली - वरना लोग पगला जाते हैं। कदम-कदम पर चढ़कर मैंने अपने पैर जमीन पर टिकाए रखे और यही कारण है कि मुझे गहरे चरित्रों की खोज करने वाली लघु फिल्में करने में मजा आता है। कुछ नया करने की भूख मुझमें चलती रहती है। मैं आंखो से इतना जुड़ गया कि मुझे डायबिटिक हो गया और ग्वालियर नाम की इस डार्क फिल्म को लपेटने के बाद, मैं एक महीने से अधिक समय तक सदमे में रहा।

संजय मिश्रा की आने वाली फिल्‍में

संजय मिश्रा की आने वाली फिल्‍में

संजय मिश्रा ने अपनी आने वाली फिल्‍मों के बारे में बताया कि "मैंने रोहित शेट्टी की सर्कस, अनीस बज्मी की भूल भुलैया 2, कलर ब्लाइंड, वो तीन दिन के लिए चुनार-वाराणसी में शूटिंग की है। मैंने लेह-लद्दाख में एक प्यारी सी फिल्म की शूटिंग की, इसके अलावा शिक्षक दिवस और भगोड़ा दोनों देहरादून में। कुछ और प्रोजेक्ट हुए हैं लेकिन आजकल वो नॉन-डिस्क्लोजर साइन करवा लेते हैं।

काम की वजह से बच्‍चों को समय नहीं दे पाते संजय मिश्रा

काम की वजह से बच्‍चों को समय नहीं दे पाते संजय मिश्रा

बता दें संजय मिश्रा आखिरी बार 36 फार्महाउस में नजर आए थे। उन्‍होंने कहा "मेरे जीवन में, शुरुआती चरण के बाद, यह हमेशा काम का अतिप्रवाह रहा है और महामारी में भी मैंने बैक-टू-बैक काम किया है। मेरे पास अपने परिवार से मिलने का समय नहीं है और मेरे बच्चे पूरी तरह से अपनी मां पर निर्भर हैं क्योंकि मैं उन्हें ज्यादा समय नहीं दे सकता।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+