'शर्माओ मत, तुम्हारी बॉडी तो', फेमस डायरेक्टर ने काम के बदले सुपरहिट हीरोइन से की गंदी डिमांड और फिर जो हुआ
Rani Chatterjee: फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच (Casting Couch) का मुद्दा समय-समय पर सुर्खियों में आता रहा है। बॉलीवुड, टॉलीवुड और टीवी के साथ-साथ क्षेत्रीय सिनेमा से भी ऐसी आवाजें उठती रही हैं। इसी कड़ी में भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) की पॉपुलर एक्ट्रेस रानी चटर्जी ने कुछ समय पहले अपने साथ हुए एक पुराने अनुभव को शेयर किया था, जिसने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी थी।
कास्टिंग काउच को लेकर रानी चटर्जी का शॉकिंग खुलासा
रानी चटर्जी ने बताया था कि साल 2013 में रानी चटर्जी फिल्म से जुड़े एक काम के सिलसिले में एक मशहूर डायरेक्टर से मिलने गई थीं। एक्ट्रेस ने बताया कि डायरेक्टर ने उन्हें मिलने के लिए घर पर बुलाया था,जहां बातचीत के दौरान माहौल असहज होता चला गया।

'शारीरिक बनावट' को लेकर रानी चटर्जी का शॉकिंग खुलासा
-रानी चटर्जी के अनुसार उन्हें एक गाने में कास्ट करने की बात कही गई थी और बातचीत के दौरान उनके पहनावे और शारीरिक बनावट को लेकर सवाल किए गए थे, जिससे वह असहज महसूस करने लगी थीं। डायरेक्टर ने एक्ट्रेस से कहा था- शर्माओ मत, तुम्हारी बॉडी तो सुपर कूल है।
-रानी चटर्जी ने ये भी बताया कि बातचीत पेशेवर दायरे से बाहर जाकर निजी सवालों तक पहुंच गई थी। उस समय उन्हें स्थिति ठीक नहीं लगी और उन्होंने वहां से निकलने का फैसला किया था। रानी का कहना था कि उन्हें लगा कि बातचीत का स्वरूप काम से हटकर व्यक्तिगत दिशा में जा रहा था, जिससे वह काफी घबरा गई थीं।
घटना के बाद रानी चटर्जी को लगने लगा था डर
-रानी चटर्जी ने शेयर किया था कि उन्होंने लंबे समय तक ये बात सार्वजनिक नहीं की थी क्योंकि उन्हें डर था कि एक बड़े फिल्ममेकर के खिलाफ आवाज उठाने से उनके एक्टिंग करियर पर असर पड़ सकता है। इंडस्ट्री में बैन होने का भय उन्हें चुप रहने पर मजबूर करता रहा।
-रानी चटर्जी का ये अनुभव उन कई आवाजों में से एक है, जो समय-समय पर सामने आती रही हैं। उनका मानना है कि कलाकारों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए ताकि वह बिना किसी दबाव के काम कर सकें।
कलाकारों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक काम
-आपको बता दें कि रानी चटर्जी की ये आपबीती सिर्फ एक व्यक्तिगत अनुभव नहीं है बल्कि उस बड़े मुद्दे की ओर इशारा करती है, जिस पर फिल्म इंडस्ट्री में लगातार चर्चा होती रही है। ऐसे खुलासे ये याद दिलाते हैं कि कलाकारों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण कितना जरूरी है।
-आज जब कई अभिनेता-अभिनेत्रियां खुलकर अपने अनुभव शेयर कर रहे हैं, तो ये उम्मीद भी बढ़ती है कि इंडस्ट्री में काम करने वाले हर व्यक्ति को प्रोफेशनल स्पेस और गरिमा मिले। रानी चटर्जी की बात भी इसी दिशा में एक अहम आवाज मानी जा रही है, जो आने वाले समय में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगाती है।












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