Rajpal Yadav को लेकर बड़ी खबर, 4 फरवरी को सरेंडर करने का आदेश, क्या जेल जाएंगे एक्टर? क्या है मामला?
Rajpal Yadav: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव इस समय सुर्खियों में छाए हुए हैं। खबर है कि राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए एक्टर को आज यानी 4 फरवरी 2026 (बुधवार) शाम 4 बजे तक संबंधित जेल सुप्रीटेंडेंट के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
राजपाल यादव को सरेंडर करने का आदेश
अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद भुगतान न करना न्यायिक प्रक्रिया के साथ गंभीर खिलवाड़ है। ये मामला दिल्ली की कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसने राजपाल यादव की कंपनी को फिल्म निर्माण के लिए बड़ी रकम उधार दी थी।

साल 2010 में ली थी फिल्म के लिए बड़ी रकम
-जानकारी के अनुसार साल 2010 में एक्टर राजपाल यादव ने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म अता-पता लापता बनाने के लिए इस कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थी, जिसके बाद कर्ज चुकाने में देरी शुरू हो गई।
-शिकायतकर्ता कंपनी का आरोप है कि रकम लौटाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हो गए थे। इसके बाद राजपाल यादव और उनकी कंपनी के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत केस दर्ज कराया गया।
राजपाल यादव पहले भी जा चुके हैं जेल
-मामले की सुनवाई के दौरान कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को कई बार पेश होने के नोटिस भेजे थे। लंबे समय तक कोर्ट में पेश न होने पर साल 2013 में उन्हें 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। वह 3 से 6 दिसंबर 2013 तक जेल में रहे थे। बाद में हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दी थी।
-निचली अदालत ने बाद में राजपाल यादव और उनकी पत्नी को 6 महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी, जिसे उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
साल 2024 में शर्तों के साथ मिली थी राहत
-जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने ये कहते हुए सजा पर अस्थायी रोक लगा दी थी कि राजपाल यादव कोई आदतन अपराधी नहीं हैं और उनके मामले में सुधार की संभावना है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को समझौते की राह तलाशने के लिए मामला मेडिएशन सेंटर भेज दिया था। मध्यस्थता के दौरान राजपाल यादव ने कंपनी को 2.5 करोड़ रुपए चुकाने का आश्वासन दिया था।
-इसमें 40 लाख रुपए की पहली किश्त और 2.10 करोड़ रुपए की दूसरी किश्त शामिल थी। आपको बता दें कि अदालत के अनुसार तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी एक भी किश्त जमा नहीं की गई।
ड्राफ्ट में 'टाइपिंग मिस्टेक' की दलील खारिज
राजपाल यादव की ओर से ये तर्क दिया गया कि ड्राफ्ट में टाइपिंग की गलती हो गई थी। अदालत ने इस दलील को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि गलती की जानकारी होने के बावजूद न तो भुगतान किया गया और न ही कोई औपचारिक स्पष्टीकरण दिया गया। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अभिनेता को कई मौके दिए गए लेकिन उन्होंने हर बार अदालत का भरोसा तोड़ा।
अब 4 फरवरी 2026 तक सरेंडर का आदेश
जनवरी 2026 में कोर्ट ने राजपाल यादव को अंतिम अवसर दिया था लेकिन इसके बाद भी भुगतान नहीं हुआ। अब अदालत ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें आज यानी 4 फरवरी 2026 शाम 4 बजे तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। ये समय उनके वकील के अनुरोध पर दिया गया जिन्होंने बताया कि अभिनेता मुंबई में पेशेवर कार्यों में व्यस्त हैं।
5 फरवरी 2026 को होगी अगली सुनवाई
साथ ही कोर्ट ने पहले से जमा रकम को शिकायतकर्ता कंपनी को जारी करने का आदेश भी दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई आगामी 5 फरवरी 2026 को होगी। अदालत ने जेल सुप्रीटेंडेंट से अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) भी मांगी है।












Click it and Unblock the Notifications