Raat Akeli Hai 2 Review: आखिरी ट्विस्ट बदल देता है पूरी कहानी, मजेदार है 'रात अकेली है – द बंसल मर्डर्स'
Raat Akeli Hai the Bansal Murders Movie Review: कहानी बंसल परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक ही रात में कई हत्याएं हो जाती हैं। इन मर्डर्स की गुत्थी सुलझाने के लिए जटिल यादव (नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी) की एंट्री होती है और यहीं से शुरू होती है एक पेचीदा जांच। शुरुआती हिस्से में ही यह साफ हो जाता है कि कातिल कौन है, लेकिन मामला उतना आसान नहीं जितना दिखाई देता है। जटिल निष्पक्ष जांच करना चाहता है, मगर रास्ते में कई तरह की अड़चनें और सिस्टम की सच्चाइयां सामने आती हैं। असली कातिल कौन है, यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

अभिनय की बात करें तो नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने एक बार फिर जटिल यादव के किरदार में जान फूंक दी है। पूरी फिल्म में उनके चेहरे के भाव यह साफ जाहिर करते हैं कि जांच में कुछ न कुछ गड़बड़ है और वह मौजूदा हालात से संतुष्ट नहीं हैं। चित्रांगदा सिंह भी अपने दमदार अभिनय से प्रभावित करती हैं और साबित करती हैं कि उन्हें बेहतरीन अभिनेत्रियों में क्यों गिना जाता है। उन्होंने अपने किरदार को गंभीरता और गहराई के साथ निभाया है। इसके अलावा रजत कपूर, संजय कपूर, अखिलेंद्र मिश्रा, प्रियंका सेतिया, दीप्ति नवल और रेवती ने भी अपनी भूमिकाओं के साथ पूरा न्याय किया है। राधिका आप्टे का किरदार इस बार सीमित जरूर है, लेकिन वह अपनी मौजूदगी से असर छोड़ती हैं।
साल 2020 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई फिल्म 'रात अकेली है' को दर्शकों से काफी सराहना मिली थी। अब करीब पांच साल बाद इसका सीक्वल 'रात अकेली है - द बंसल मर्डर्स' सामने आया है। फिल्म की कहानी का कनेक्शन पहले पार्ट से जरूर है, लेकिन अगर आपने पहली फिल्म नहीं भी देखी है, तब भी कहानी समझने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। फिल्म में नवाजुद्दीन और राधिका की कैमिस्ट्री भी प्यारी लगती है।
'रात अकेली है - द बंसल मर्डर्स' कोई टिपिकल मसाला फिल्म नहीं है, बल्कि यह एक स्लो-बर्न क्राइम थ्रिलर है जो धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए दर्शकों को बांधे रखती है। एडिटिंग थोड़ी और टाइट हो सकती थी, हालांकि सिनेमैटोग्राफी सराहनीय है। फिल्म का स्क्रीनप्ले और बैकग्राउंड स्कोर कहानी को मजबूती देते हैं। कुल मिलाकर, यह एक असरदार क्राइम ड्रामा है।












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