Pritish Nandy Died: सुर, कांटे, चमेली जैसी फिल्में देने वाले निर्माता प्रीतिश नंदी का निधन, कैसा रहा सफर?
Pritish Nandy Passed Away: मशहूर फिल्ममेकर और पत्रकार प्रीतीश नंदी का 8 जनवरी को 73 साल की उम्र में निधन हो गया। उनकी मौत से फिल्म और पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। नंदी के निधन की खबर से उनके दोस्त और अभिनेता अनुपम खेर बेहद आहत हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रीतिश मेरे सपोर्ट सिस्टम थे। वे एक शानदार कवि, लेखक और फिल्म निर्माता थे। उनकी मौत से मैंने अपना एक करीबी दोस्त खो दिया। अभिनेता नील नितिन मुकेश और अन्य फिल्मी हस्तियों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। आइए आपको रूबरू कराते हैं नंदी के सफर से..

कौन थे प्रीतिश नंदी?
1951 में बिहार के भागलपुर में जन्मे प्रीतिश नंदी ने पत्रकारिता, फिल्म निर्माण और साहित्य में अपनी पहचान बनाई। वे एक बेहतरीन कवि, लेखक और फिल्म निर्माता थे। प्रीतिश ने 1993 में प्रीतिश नंदी कम्युनिकेशंस की स्थापना की और इसके बैनर तले कई सफल फिल्मों का निर्माण किया।
पत्रकारिता से सिनेमा तक का सफर
प्रीतिश नंदी ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की। 90 के दशक में उनका दूरदर्शन पर प्रसारित शो द प्रीतिश नंदी शो बेहद लोकप्रिय हुआ। वे द इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया के संपादक भी रहे और इसे देश के सबसे सम्मानित प्रकाशनों में से एक बना दिया।
फिल्म निर्माण में योगदान
प्रीतिश नंदी ने अपने प्रोडक्शन हाउस के तहत कई बेहतरीन फिल्मों का निर्माण किया। उनकी कुछ यादगार फिल्में हैं:
- सुर
- कांटे
- झंकार बीट्स
- चमेली
- हजारों ख्वाहिशें ऐसी
- प्यार के साइड इफेक्ट्स
उन्होंने वेब सीरीज की दुनिया में भी कदम रखा और फॉर मोर शॉट्स प्लीज और मॉर्डन लव मुंबई जैसी हिट सीरीज का निर्माण किया।
राजनीति में कदम
प्रीतिश नंदी ने 1998 में शिवसेना के टिकट पर राज्यसभा सदस्य के रूप में राजनीति में भी अपनी पहचान बनाई। वे संसद में छह साल तक रहे और समाज के मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए जाने गए।
मशहूर हस्तियों का शोकप्रीतिश नंदी के निधन की खबर से उनके दोस्त और अभिनेता अनुपम खेर बेहद आहत हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "प्रीतिश मेरे सपोर्ट सिस्टम थे। वे एक शानदार कवि, लेखक और फिल्म निर्माता थे। उनकी मौत से मैंने अपना एक करीबी दोस्त खो दिया।" अभिनेता नील नितिन मुकेश और अन्य फिल्मी हस्तियों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
हमेशा याद रहेंगे
प्रीतिश नंदी ने अपने जीवन में जो भी काम किया, वह भारतीय सिनेमा और पत्रकारिता में एक अमूल्य योगदान बनकर रह गया। उनकी कविताओं, फिल्मों और लेखों के जरिए वे हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे।
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