मधुबाला की 96 वर्षीय बहन को बहू ने घर से निकाला, बिना पैसे दिए भेजा भारत, सामने आई दर्द भरी कहानी

मुंबई, 04 जनवरी। बीते जमाने की सबसे हसीन अदाकारा मधुबाला का नाम लेते ही आंखों के सामने एक बेइंतहा सुंदर और चंचल हसीना का चेहरा घूम जाता है। अपने एक्टिंग और अदाकारी के दम पर करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करने वाली मधुबाला अपनी निजी जिंदगी में काफी कष्ट से गुजरी थीं। अपने 11 भाई-बहनों में 5वें नंबर पर आने वाली मधुबाला को आर्थिक तंगी के चलते ही बहुत छोटी ही उम्र से काम करना पड़ा था। मात्र 36 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली मधुबाला के परिवार के बारे में एक बहुत ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है।

मधुबाला की 96 वर्षीय बहन को बहू ने घर से निकाला

मधुबाला की 96 वर्षीय बहन को बहू ने घर से निकाला

दरअसल मधुबाला की बड़ी बहन कनीज बलसारा, जिनकी उम्र इस वक्त 96 साल है, को उनकी बहू समीना ने घर से निकाल दिया है, यही नहीं उन्हें बिना पैसे और कपड़ों को आकलैंड से अकेले मुंबई भी भेज दिया। उसने 29 जनवरी को मानसिक प्रताड़ना देते हुए कनीज को मुंबई जाने वाली फ्लाइट में रात 8 बजे बिठा दिया। आलम ये था कि कनीज जब मुंबई एयरपोर्ट पहुंची तो उनके पास RT-PCR टेस्ट कराने के भी पैसे नहीं थे और फिर जब एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कनीज की बेटी परवीज को फोन किया तब जाकर ये कड़वा सच सामने आया।

समीना ने परवीज को भी कुछ नहीं बताया

समीना ने परवीज को भी कुछ नहीं बताया

समीना ने कनीज के बारे में उनकी बेटी परवीज को भी कुछ नहीं बताया था। एयरपोर्ट से फोन आने के बाद परवीज ने तुरंत पैसे भिजवाए और अपनी मां को अपने घर ले आईं। इस बारे में उन्होंने Etimes को एक इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने अपनी मां की दर्द भरी कहानी को बयां किया है।

'मेरा मां, मेरे भाई फारुक से बहुत प्यार करती थीं'

'मेरा मां, मेरे भाई फारुक से बहुत प्यार करती थीं'

उन्होंने कहा कि मेरा मां, मेरे भाई फारुक से बहुत प्यार करती थीं, वो न्यूजीलैंड में अपने परिवार के साथ रहते थे। वो वहां के करेक्शन डिपार्टमेंट में काम करते थे और अच्छा-खासा पैसा कमाते थे। मेरे मां-पापा 17 साल पहले फारुक के पास न्यूजीलैंड चले गए थे। मेरी मां साल में एक बार इंडिया जरूर आती थीं लेकिन पिचले पांच साल से वो भारत नहीं आईं। मेरे भाई तो मेरे मां-पापा को बहुत प्यार करते थे लेकिन समीना उन्हें पसंद नहीं करती थी। मां ने हमें बताया था कि वो कभी भी उनके लिए खाना नहीं बनाती थी, फारुक अपने घर के पास वाले होटल से उनके लिए खाना लेकर आते थे।

'मैं उसे कब्र में डालकर आई हूं'

'मैं उसे कब्र में डालकर आई हूं'

लेकिन 8 जनवरी को मेरे भाई फारुक ने दुनिया को अलविदा कह दिया और उसके बाद समीना का अत्याचार चरम सीमा पर आ गया है। अभी मेरे भाई को गए एक महीना भी नहीं हुआ है और उसने मेरी मां को बेघर कर दिया है। उसने उनके सारे जेवर और पैसे भी रख लिए। परवीज ने कहा कि मैंने जब अपनी मां की हालत देखी तो वो बहुत ज्यादा खराब हालत में थीं, उन्होंने मुझसे कहा कि 'मेरा बेटा फारुक मर गया, मैं उसे कब्र में डालकर आई हूं, मैं बहुत भूखी हूं और क्या मुझे खाना मिलेगा? '

ऐसा तो बर्ताव कोई किसी जानवर संग भी नहीं करता

यही नहीं मधुबाला और कनीज की छोटी बहन मधुर भूषण ने भीा ईटाइम्स को बताया, 'मैं शब्दों से परे हैरान हूं कि मेरी बहन के साथ इस तरह का व्यवहार किया गया है, ऐसा तो बर्ताव कोई किसी जानवर संग भी नहीं करता है।'

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