Mohena Singh हैं बीजेपी के दिग्गज नेता की बहू, रीवा की राजकुमारी ने क्यों छोड़ी एक्टिंग?
Mohena Singh: पूर्व टेलीविजन एक्ट्रेस और खूबसूरत राजकुमारी मोहिना कुमारी अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय रहती हैं, देखने में बेइंतहा खूबसूरत मोहिना इन दिनों लोगों को आध्यात्मिक प्रवचन भी देते नजर आती है। आपको बता दे कि टीवी की ये ग्लैमरस एक्ट्रेस एक बड़े सियासी घराने से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने शादी के बाद शो बिजनेस को अलविदा कह दिया लेकिन वो लोगों से सोशल मीडिया के जरिए जुड़ी हुई हैं।
टीवी के दर्शक आज भी उन्हें 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' की कीर्ति गोयनका सिंघानिया के रूप में पहचानते हैं। आपको बता दें कि मोहिना कुमारी सिंह रीवा शाही घराने की राजकुमारी हैं, वो रीवा रियासत के आखिरी शासक महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव बहादुर की पोती और महाराजा पुष्पराज सिंह की बेटी हैं।

उन्हें अभिनय और डांस का बेहद शौक है और इसी वजह से उन्होंने 2012 में 'डांस इंडिया डांस' से पहली बार टीवी की दुनिया में कदम रखा, इसके बाद उन्होंने 'स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर', 'डेढ़ इश्किया' और 'ये जवानी है दीवानी' जैसे कई प्रोजेक्ट्स में रेमो डिसूज़ा की असिस्टेंट कोरियोग्राफ़र के तौर पर काम किया। उन्होंने 'दिल दोस्ती डांस' (2015) में सारा के किरदार से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की।

'ये रिश्ता क्या कहलाता है' से घर-घर लोकप्रिय हुई थीं मोहिना
वह 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' के अलावा 'सिलसिला प्यार का' जैसे शो में नजर आ चुकी हैं। वो ऋषि देव और गौरव वाधवा के साथ वो यूट्यूब चैनल 'रिमोराव व्लॉग्स' का भी हिस्सा रह चुकी हैं। 14 अक्टूबर 2019 को उन्होंने सुयश रावत से शादी की, जो भाजपा के कद्दावर नेता सतपाल महाराज के बेटे हैं। ये कपल दो बच्चों का माता-पिता है।

शादी के बाद मैं एक्टिंग नहीं करूंगी: मोहिना कुमारी
शादी से पहले ही एक इंटरव्यू में मोहिना कुमारी ने साफ कहा था कि 'वो मैरिज के बाद टीवी की दुनिया में वापसी नहीं करेंगी क्योंकि वो अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को मिक्स नहीं करना चाहती हैं और इसी वजह से उन्होंने अपनी सगाई की बात भी लोगों को देर से बताई थी, जिससे की लोगों के बीच हो हल्ला ना हो।'आपको बता दें कि उन्होंने गोवा में 8 फरवरी 2018 को सुयश संग सगाई की थी, हालांकि दोनों की सगाई की तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।

रीवा रियासत के बारे में खास बातें
रीवा रियासत मध्य भारत की एक प्रमुख रियासत थी, जिस पर बघेल (वाघेला) राजपूत शासकों का शासन था। इसकी स्थापना 15वीं शताब्दी में मानी जाती है। ब्रिटिश शासन के दौरान रीवा, Bagelkhand क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण रियासतों में गिनी जाती थी। इसका क्षेत्रफल लगभग 13,000 वर्ग मील से अधिक था।

रीवा का नाम दुनिया भर में सफेद बाघों के कारण प्रसिद्ध हुआ। 1951 में महाराजा Martand Singh को "मोहन" नाम का दुर्लभ सफेद बाघ मिला था, जिसे आधुनिक सफेद बाघों का पूर्वज माना जाता है। आजादी के बाद रीवा कुछ समय के लिए Vindhya Pradesh की राजधानी भी रहा।
संगीत, साहित्य और कला के लिए मशहूर रहा राज-घराना
बाद में यह क्षेत्र मध्य प्रदेश में शामिल कर दिया गया। रीवा दरबार ने शास्त्रीय संगीत, साहित्य और कला को बढ़ावा देने लिए जाना जाता था, रीवा राजघराने के सदस्य स्वतंत्र भारत की राजनीति में भी सक्रिय रहे।














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