OI Exclusive: चुनाव का दारोमदार लौकी और समोसे पर, 'पंचायत' सीरीज के हर सीजन में हैं खाने की छाप

Panchayat 4: पंचायत के चौथे सीजन की अनाउंसमेंट हुई और ट्रेलर आया। जिससे ये पता चला कि इस बार के सीजन में चुनावी घमासान नजर आएगा। प्रचार प्रसार भी ज़ोरों पर है। एक तरफ़ मंजू देवी (मौजूदा प्रधान) हैं, तो दूसरी तरफ क्रांति देवी चुनावी मैदान में हैं।

ग्राम फुलेरा की हर गली-नुक्कड़ पर नारेबाज़ी और कुछ तीखी-मीठी तकरारें चल रही हैं। लेकिन एक चीज़ आज भी वैसी ही है इस शो का असली हीरो? वो है भाई, खाना। क्योकि चुनाव तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन पंचायत की मोहब्बत खाने से कभी नहीं बदली। खाने के लिए जो प्यार है, वो ऐसा है जैसे हर हिंदुस्तानी घर की रसोई को शो में कैमियो मिल गया हो। लौकी, जो रिंकी के पापा हर किसी को देते हैं। वो लौकी तो इतनी फेमस हो गई कि अब वो मंजू देवी के चुनाव प्रचार की ऑफिशियल पार्टी सिम्बल बन चुकी है।

Panchayat 4

इस शो के हर सीजन में खाने की चीजों के बड़े ही करीने से दिखाया गया है। शो की शुरुआत से ही पंचायत में खाना एक अनऑफिशियल पार्टी मेंबर बना हुआ है। वो है 'मीठाई'। कैसे- याद है वो हर जगह दिखने वाले नारे जैसे "दो बच्चे मीठी खीर", या जब अभिषेक पहली बार गांव आया तो उसे मिठाई खिलाई गई थी? और प्रधान जी की लौकी पे चर्चा तो जैसे उनकी पहचान बन गई है। कभी खाने की प्लेट पर गरमा-गरम बहस, तो कभी चाय की चुस्की के साथ टपरी पर गॉसिप।

अब पंचायत के चौथे पार्ट में, जब मंजू देवी और क्रांति देवी की टीमों के बीच टक्कर जोरों पर है। ऐसे में खाना कैसे पीछे छूट सकता है। फिर से इस सीजन में सेंटर स्टेज पर खाना आ गया है। कभी खीर-लौकी की घूस, तो कभी क्रांति देवी का गांव में घूम-घूमकर "आलू ले लो" वाला दृश्य। इसके बाद आता है समोसा वाला सीन। जहां बनराकस ने ऐलान किया, "ऊपर का मैदा उनकी तरफ से है, अंदर का आलू हमारा है"।

मंजू देवी यानी नीना गुप्ता कहती हैं, "पंचायत करने के बाद मैंने लौकी को सच में दिल से अपना लिया है, जो मैं कभी सोच भी नहीं सकती थी। ये अब मेरी पहचान का हिस्सा बन गई है शो की वजह से। मैंने घर पर भी एक्सपेरिमेंट करना शुरू कर दिया - लौकी की सब्ज़ी, कोफ्ता, यहां तक कि हलवा भी! अब ये सिर्फ एक सब्ज़ी नहीं रही, ये एक एहसास बन गई है। पंचायत ने जैसे लौकी को अहमियत दी है, वो काबिल-ए-तारीफ है, फुलेरा में तो ये प्यार की निशानी जैसी हो गई है। इलेक्शन स्ट्रैटेजी से लेकर पर्सनल इमोशन्स तक, लौकी हर सीन में अपनी जगह बना ही लेती है।"

क्रांति देवी का किरदार निभा रहीं सुनीता राजवार कहती हैं, "पंचायत में खाना सिर्फ सीन का हिस्सा नहीं है बल्कि वो खुद एक कैरेक्टर है। इस सीज़न में आप देखेंगे कि कैसे आलू भी फुलेरा की पॉलिटिक्स में पावर प्ले का हथियार बन जाता है।"

पंचायत का ये चटपटा रिश्ता खाने से कुछ ऐसा है जो गजब है। इसे वैसे भी कह सकते हैं जैसे जलेबी गलती से रबड़ी में गिर जाए। द वायरल फीवर द्वारा प्रोड्यूस की गई ये सीरीज़ दीपक कुमार मिश्रा और चंदन कुमार की क्रिएशन है, जिसे लिखा है चंदन कुमार ने और दीपक कुमार मिश्रा और अक्षत विजयवर्गीय ने डायरेक्ट किया है। 'पंचायत सीजन 4' 24 जून से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+