Asha Bhosle Last Rituals: अलविदा 'सुरों की मल्लिका'! आशा भोंसले का निधन, कब और कहां होगा अंतिम संस्कार?
Asha Bhosle Last Rituals: भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। अपनी मखमली और चुलबुली आवाज से सात दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली गायिका आशा भोंसले (Asha Bhosle) अब हमारे बीच नहीं रही हैं।
92 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु की खबर फैलते ही संगीत जगत, बॉलीवुड और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।

आशा ताई की आवाज का जादू ऐसा था कि उनके दशक पुराने गाने 'चुरा लिया है' और 'दम मारो दम' आज की Gen Z पीढ़ी के भी पसंदीदा बने हुए हैं।
सांस की तकलीफ और कार्डियक अरेस्ट बना कारण
सूत्रों के मुताबिक, आशा ताई पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रही थीं। शनिवार, 11 अप्रैल को देर रात अचानक उन्हें सांस लेने में गंभीर समस्या और दिल से संबंधित दिक्कतें (Cardiac Issues) महसूस हुईं, जिसके बाद उन्हें तुरंत मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि जब उन्हें लाया गया, तब उनकी स्थिति काफी नाजुक थी और उन्हें आईसीयू (ICU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद, आज सुरों की यह देवी पंचतत्व में विलीन हो गई।
Shivaji Park Funeral Asha Bhosle: कब और कहां होगा अंतिम संस्कार
परिवार की ओर से आशा भोंसले के बेटे आनंद भोंसले ने इस दुखद खबर की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि आशा भोंसले का अंतिम संस्कार सोमवार, 13 अप्रैल को शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इससे पहले, सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित उनके निवास Casa Grande में आशा ताई का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा जिससे लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकेंगे।
सात दशक, हजार से ज्यादा फिल्में और आवाज की वो जादू जो कभी बूढ़ी नहीं हुई
आशा भोंसले केवल एक गायिका नहीं, बल्कि एक संस्था थीं। उन्होंने साल 1943 में अपना पहला गाना गाया था और तब से लेकर आज तक उनकी आवाज का जादू कभी कम नहीं हुआ। हर विधा में माहिर थी आशा ताई। 'इन आंखों की मस्ती में', 'दो लफ्जों की है दिल की कहानी', और 'पिया तू अब तो आजा' जैसे गीतों के जरिए उन्होंने साबित किया कि उनकी आवाज हर तरह के संगीत शास्त्रीय से लेकर पॉप तक के लिए बनी थी।
'ओ मेरे हमनवा' जैसा भावुक गीत आशा ताई ने हर भाव को अपनी आवाज से अमर कर दिया। उनके नाम दुनिया में सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी रहा है। उन्होंने 20 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं में हजारों गानों को अपनी आवाज दी। लता मंगेशकर के बाद आशा भोंसले का जाना संगीत के उस 'स्वर्ण युग' का अंत माना जा रहा है, जिसने भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई।
देशभर में शोक की लहर
आशा भोंसले के निधन पर देश में गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर #AshaBhosle ट्रेंड कर रहा है, जहां फैंस उनके पुराने गानों के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। सुरों की यह जादूगरनी भले ही शारीरिक रूप से विदा हो गई हों, लेकिन 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को' और 'पिया तू अब तो आजा' जैसे सदाबहार नगमे हमेशा उनके होने का अहसास कराते रहेंगे।












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