कियारा आडवाणी ने बताया बॉलीवुड का सच, बोलीं- पहले कॉल न करने वाले अब देते हैं ऑफर
कियारा आडवाणी ने एक इंटरव्यू में खुद कहा कि पहले जो लोग उनसे मिलने में भी कतराते थे, अब वही लोग उन्हें खुद से फिल्म का ऑफर देने लगे हैं और ये उनके लिए एक बड़ी बात है।
मुंबई, 26 जुलाईः बॉलीवुड एक्ट्रेस कियारा आडवाणी ने सुपहरहिट फिल्में जैसे कबीर सिंह, शेरशाह, भूल भुलैया-2 और जुग-जुग जियो में लीड हीरोइन का रोरल निभाकर ये साबित कर दिया है कि वह अब इस इंडस्ट्री में अपनी एक अच्छी जगह बना चुकी हैं। एक के बाद एक हिट फिल्में देने वाली कियारा आडवाणी को लगता है कि अब इंडस्ट्री के बहुत सारे लोगों का नजरिया उनके लिए बदल गया है। कियारा आडवाणी ने एक इंटरव्यू में खुद कहा कि पहले जो लोग उनसे मिलने में भी कतराते थे, अब वही लोग उन्हें खुद से फिल्म का ऑफर देने लगे हैं और ये उनके लिए एक बड़ी बात है। कियारा ने अपने इंटरव्यू में बॉलीवुड से जुड़े ऐसे कई राज खोले जिनके बारे में शायद ही किसी को पता हो।

हेमा मालिनी से की जाती है कियारा की तुलना
बीबीसी हिन्दी को दिए इंटरव्यू में कियारा ने अपने फिल्मी सफर को लेकर कई बातें बताई हैं। जानकारी के अनुसार कियारा आडवाणी की तुलना कुछ लोग हेमा मालिनी से करते हैं और उन्हें 'ड्रीम गर्ल' का टैग भी देते हैं। ऐसी तुलना को कियारा आडवाणी अपनी सबसे बड़ी तारीफ मानती हैं। उन्होंने बताया- मुझे ये सुनकर अंदर से खुशी मिलती है। ड्रीम गर्ल का जो टाइटल दिया जाता है ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। ये हेमा जी का टाइटल है, मैंने बहुत सुना है कि हम दोनों में समानता की बात लोग करते हैं। मैं हेमाजी की बहुत बड़ी फैन हूं। मुझे बहुत खुशी होती है।

स्टाकडम तो अस्थायी है, इसके पीछे क्या भागना
स्टारडम को लेकर कियारा ने बताया- मैं कभी नहीं बदली और इसका श्रेय मैं अपने परिवार और टीम को देती हूं। मैं मानती हूँ कि ये सब लोग मुझे तब से जानते थे जब मैंने करियर की शुरुआत की थी, तो एक ऐसा रिश्ता बन गया कि हम आपस में बहुत खुले हुए हैं, वो लोग मेरे लिए नहीं बदले तो मैं भी कभी नहीं बदली। जब आपने अपनी लाइफ में उतार-चढ़ाव देखा हो तो एक एहसास होता है कि ये सब अस्थायी है और मोटिवेशन मिलता है कि बस काम करते रहो, अच्छा काम करते जाओ।

दिल से कनेक्ट करने वाली फिल्में करती हैं कियारा
कियारा आडवाणी का कहना है कि वो अपनी फिल्में भी दिल से तय करती हैं। उन्होंने कहा- 'शेरशाह', 'भुल भुलैया-2' और अब 'जुग-जुग जियो' इन फिल्मों ने मुझे ढेर सारा प्यार दिया है। मैं हमेशा यही करती हूं कि जो फिल्म मुझे दिल से अच्छी लगती है वो मैं साइन कर लेती हूं। अगर स्क्रिप्ट दिल से कनेक्ट हुई तो वो फिल्म जरूर कर लेती हूं।
ये सीख हमेशा याद रखनी चाहिए
कियारा आडवाणी से जब ये पूछा गया कि किसी फिल्म में लीड कैरेक्टर अगर मेल होता है, ऐसी फिल्मों में अपनी जगह बनाने के लिए वह क्या करती हैं? इस पर कियारा कहती हैं कि उन्हें अपने दादा से हासिल की गई सीख हमेशा याद रहती है। कियारा ने कहा- मैंने एम एस धोनी के समय ये सोचा था कि ये बायोग्राफी है, जिसमें पुरुष किरदार पर फिल्म बनाई जा रही है। वो ऐसा दौर था जब मेरे ग्रैंड अंकल सईद जाफरी का निधन हुआ था।
बस काम करों और पीछे मुड़कर मत देखो
कियारा ने बताया- तब मैंने उन पर काफी कुछ कुछ पढ़ा था और इस दौरान मैंने एक सीख हासिल की, वो अब तक मेरे साथ है। वो ये था कि कोई रोल छोटा या बड़ा नहीं होता। दो मिनट का सीन हो या 10 मिनट का सीन हो। आप उस किरदार पर खूब रिसर्च कीजिए, फिर पीछे मुड़कर मत देखिए। लोग आपको जरूर याद रखेंगे। कियारा ने बताया कि बॉलीवुड में आपको वही याद रखता है जो आपको अच्छे से परखता हो। स्ट्रग्लिंग के दिनों में सब आपसे दूरियां बनाते हैं लेकिन बाद में वही लोग आपका अच्छा काम देखकर आपको फिल्मों में लेने का ऑफर देते हैं।












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