KBC 13: केबीसी के मंच पर दिखा नारी शक्ति का दम, अमिताभ ने किया सलाम, देखें Video
मुंबई, 26 अगस्त। केबीसी के 13वें सीजन की धमाकेदार शुरुआत हो चुकी हैं। शो में अब तक चार प्रतियोगी सामने आ चुके हैं। जिसमें पहले प्रतियोगी ज्ञानरज को छोड़कर बाकी तीनों महिलाएं हैं और ये तीनों महिलाएं ही बेहद खास हैं। जिनको होस्ट अमिताभ बच्चन ने भी सैल्यूट किया है। मालूम हो कि शो की तीनों महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्र में एक खास मुकाम हासिल किया है और अपने दम पर अपनी एक नई पहचान बनाई है। इन सभी के लिए पैसे से ज्यादा खुद का आत्मसम्मान मायने रखता है और इन सभी ने ना केवल अपने शानदार खेल से अपनी बुद्दि कौशल का परिचय दिया बल्कि समाज में सशक्त महिला की अनूठी तस्वीर को भी पेश किया है।

पहली महिला प्रतियोगी- 'डॉ. नेहा बाठला'
केबीसी 13 की दूसरी और शो की पहली महिला प्रतियोगी 'डॉ. नेहा बाठला' थीं, जो कि एक वेटनरी ऑफिसर थीं। उत्तरखंड के चंपावत की रहने वाली डॉ. नेहा ने शो में 12 लाख 50 हजार रु जीते। उन्होंने शो में कहा कि उनका यहां आने का मकसद पैसे जीतने नहीं बल्कि सम्मान पाना था और ये मैसेज देना था कि जानवरों का डॉक्टर होना भी आसान नहीं है।

दूसरी महिला प्रतियोगी -स्वाति श्रीलेखा
केबीसी 13 की दूसरी महिला प्रतियोगी ओडिशा के कटक शहर की रहने वाली स्वाती श्रीलेखा थीं। मिजाज से बेहद मस्त मौला और पेशे से अंग्रेजी की टीचर श्रीलेखा ने शो में 6 लाख 40 हजार रु जीते। उन्होंने शो के मंच से बड़ा और कड़ा संदेश भी लड़कियों को दिया कि 'हमेशा शादी उससे करनी चाहिए जो आपके दिल को देखे ना कि आपके वजन को।' आपको बता दें कि वजन के ही कारण टॉपर होते हुए भी स्वाति की शादी आज तक नहीं हुई लेकिन उन्हें इस बात कोई अफसोस नहीं है बल्कि वो खुशी-खुशी अपने हिसाब से और अपनी पहचान के साथ जीवन जी रही हैं। वो आत्मनिर्भर हैं।

तीसरी महिला प्रतियोगी -निमिशा अहिरवार
केबीसी 13 की तीसरी महिला प्रतियोगी हैं मध्य प्रदेश के सागर की निमिशा अहिरवार, जो कि इस वक्त हॉट सीट पर हैं। 30 वर्ष की निमिशा पेशे से सब इंस्पेक्टर हैं और सागर में सेवारत हैं। निमिशा के पति हेली पांडे कंप्यूटर से जुड़ी चीजों का शोरूम चलाते हैं।
'लड़कियों को उच्च शिक्षा देने के लिए जागरूक कर सकूं'
निमिशा का मायका टीकमगढ़ के एक छोटे से गांव उदयपुरा में है। जहां आज भी लड़कियां ज्यादा पढ़ लिख नहीं पाती हैं। उस माहौल में पली बढ़ी निमिशा ना केवल सब इंस्पेक्टर बनीं बल्कि वो आज अपने गांव के लिए एक मिसाल हैं। निमिशा ने कहा कि इस शो में आने का मकसद सिर्फ इतना ही है कि मैं इस मंच से अपने गांववालों को लड़कियों को उच्च शिक्षा देने के लिए जागरूक कर सकूं क्योंकि मेरा मानना है कि लड़कियों के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है।












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