जब अंडरवर्ल्ड डॉन से डरकर कपिल शर्मा ने अंडरवियर में छिपाए थे रुपये, बताया 1200 लेकर आए थे मुंबई
जब अंडरवर्ल्ड डॉन से डरकर कपिल शर्मा ने अंडरवियर में छिपाए थे रुपये, बताया 1200 लेकर आए थे मुंबई
नई दिल्ली, 28 जनवरी: कपिल शर्मा का नेटफ्लिक्स स्पेशल ''आई एम नॉट डन इट'' स्ट्रींम हो चुका है। इस कॉमेडी स्पेशल में कपिल शर्मा अपनी जिंदगी से जुड़े मजेदार किस्से सुनाते नजर आ रहे हैं। शो आई एम नॉट डन स्टिल में, कपिल शर्मा अपने जीवन, करियर, माता-पिता, पत्नी गिन्नी और डिप्रेशन से लेकर हर चीज के बारे में बात करते हैं। इस शो में कपिल शर्मा ने यह भी बताया है कि जब वह पहली बार मुंबई आए, तो उनका एक्सपीरियंस कैसा था। आज कपिल शर्मा भारत के सबसे बड़े कॉमेडियन हैं लेकिन एक वक्त था कि जब वह मुंबई सिर्फ 1200 रुपे लेकर आए थे।

'अंडरवर्ल्ड के डर से मैंने अंडरवियर में रुपये छिपाए थे...'
इसके साथ ही कपिल शर्मा ने कहा कि वह 1200 रुपए लेकर पहली बार मुंबई आए थे। कपिल शर्मा इस शो में कहते हैं, 'ग्रेजुएशन के बाद 3 महीने का ब्रेक तो होता है ना? मैं पहली बार संघर्ष करने के लिए 1200 रुपये लेकर मुंबई आया था। मेरे साथ मेरे कुछ कॉलेज के दोस्त भी थे। मुंबई को लेकर हमने बहुत सुना था कि मुंबई में अंडरवर्ल्ड है, इसके डर से मैंने अपने पैसे अंडरवियर में छुपा लिए थे।''

मुंबई में कैसे थे कपिल के शुरुआती दिन
कपिल शर्मा ने आगे कहा, ''जब मैं मुंबई आया तो लोग बहुत बातें करते हैं, मैं गरीब था और स्टेशन पर सोता था। मैं कहना चाहूंगा कि ऐसा नहीं होता है। पुलिस वाले लाठी लेकर भगा देते हैं, आदमी को सोचने का भी मौका नहीं मिलता। मैं और मेरा दोस्त रात साढ़े 11 बजे दादर स्टेशन पर उतरे थे। फिर वहां से हम दोस्त के रिश्तेदार के घर गए। उन्होंने हमसे कहा- नाश्ता करोगे? मैंने हां, कहा तो उसने हमें पोहा दिया। उस पोहा को देखकर मैं कंफ्यूज हो गया। मैंने सोचा कि हमें इसके साथ कुछ और मिलेगा। क्योंकि इतना अकेला पोहा मैंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं खाया था।''

'मुंबई में पोहा और लिफ्ट दोनों हमारे लिए नई थी'
मुंबई आने के बाद कपिल शर्मा के लिए कई चीजें नई थीं। इस बारे में कपिल अपनी कॉमेडी स्पेशल में कहते हैं, 'पोहा के साथ लिफ्ट भी हमारे लिए नई चीज थी। तब अमृतसर में इतनी बड़ी बिल्डिंग नहीं थी। तो हम अलग-अलग जगहों पर लिफ्टों के ऊपर और नीचे जाने में मजा करते थे और खुश रहते थे। ऐसे ही एक दिन हम गलती से टी-सीरीज के ऑफिस पहुंच गए। गेट खुला और सामने वाले ने पूछा, बोलिए किससे मिलना है, हमने कहा- बताइए कौन फ्री है। अच्छा हम पहुंच तो गए मुंबई लेकिन हमें पता नहीं था कि क्या करना है।

'मैंने मजदूरी करने के बारे में भी सोचा था...'
स्ट्रगल के दिनों में इंसान कई बार टूट जाता है। सपनों को भूलकर हकीकत से समझौता करने की सोचने लगते हैं। कपिल के साथ भी ऐसा ही हुआ। वह इसे मजाकिया अंदाज में बताते भी हैं। कपिल कहते हैं, 'मुंबई में एक जमाना था, हमारे पास पैसों की कमी थी। ऐसे में हम दोस्तों ने ताड़ी पीना शुरू कर दिया। हमारे तीन महीने खत्म होने वाले थे। साथ में पैसे भी खत्म होने वाले थे। एक दिन ताड़ी पीने के बाद हमें लगा कि हम मुंबई में मजदूरी कर लेते हैं, या जुहू बीच पर तेल लगाकर मसाज करने का काम करता। मेहंदी लगानी आती थी, वो भी कर लेता। या वड़ा पाव बेचता।'' कपिल कहते हैं, 'पैसा खत्म हो गया, छुट्टी हो गई और ताड़ी खत्म हो गई, उसके बाद हम सब अमृतसर में अपने घर वापस चले गए।'












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