बेस्ट डॉक्युमेंट्री में भारत की 'राइटिंग विद फायर' ऑस्कर अवॉर्ड से चूकी
लॉस एंजिलिस, 28 मार्च। भारत की ओर से ऑस्कर अवॉर्ड के लिए नामित डॉक्युमेंट्री राइटिंग विद फायर ऑस्कर अवॉर्ड जीतने से दूर रह गई है। समर ऑफ सोल को बेस्ट डॉक्युमेंट्री फीचर की कैटेगरी में ऑस्कर अवॉर्ड से नवाजा गया है। भारत की ओर से नामित राइटिंग विद फायर को दिल्ली के फिल्म मेकर रिंटू थॉमसर और सुश्मित घोष ने डायरेक्ट किया था। यह डॉक्युमेंट्री खबर लहरिया नाम के न्यूजपूपेर पर आधारित है। बता दें कि खबर लहरिया देश के एकमात्र ग्रामीण अखबार पर आधारित है जिसे दलित महिलाएं 2002 से चला रही हैं। इसे दिल्ली के एनजीओ निरंतर ने शुरू किया, इसे मुख्य रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र के चित्रकूट से जारी किया जाता है।

इस डॉक्युमेंट्री में खबर लहरिया के सफर को दिखाया गया है, जो पहले न्यूजपेपर के रूप में आता था, लेकिन अब इसे पिछले कुछ सालों में ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी शुरू किया गया है। अखबार की चीफ रिपोर्टर मीरा और उनके साथी पत्रकार पुरानी परंपराओं को तोड़ रही हैं, वह देश के सबसे बड़े मुद्दे को एक नई धार दे रही हैं। अपने घर की चारदीवारों से बाहर निकलकर ये महिलाएं खोजी पत्रकारिता, पुलिस की विफलता, जाति और लिंग के आधार पर भेदभाव के मुद्दे को लोगों के सामने लेकर आ रही हैं। यह पहली भारतीय डॉक्युमेंट्री है जिसे ऑस्कर में नामांकन मिला था। भारत की इस डॉक्युमेंट्री का मुकाबला एसेंशन, एटिका, फ्ली से मुकाबला था।
लेकिन समर ऑफ सोल को ऑस्कर अवॉर्ड मिला। यह डॉक्युमेंट्री 1969 में लोकप्रिय हर्लेम कल्चरल फेस्टिवल पर आधारित है जोकि अफ्रीकी-अमेरिकी संगीत और संस्कृति को बढ़ावा देता है, ब्लैक प्राइड और यूनिटी को बढ़ावा देता है। इससे पहले 2009 में एआर रहमान ने फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर के लिए जय हो गाने के लिए बेस्ट ओरिजिनल स्कोर का ऑस्कर अवॉर्ड जीता था। जबकि गुलजार ने बेस्ट संगीत लेखन के लिए ऑस्कर अवॉर्ड जीता था। गौर करने वाली बात है कि 94 अकादमी अवॉर्ड को एक बार फिर से डॉल्बी थियेटर में आयोजित किया गया। सभी नामांकन का ऐलान 8 फरवरी को कर दिया गया था।












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