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कैसे हॉलीवुड की 'Me2' चिंगारी ने बॉलीवुड को तपाया? अब टॉलीवुड में सुनाई दे रही दम तोड़ती चीखें

Harassment in Cinema's: फिल्मी दुनिया की चकाचौंध और ग्लैमर के पीछे कड़वा सच छिपा है। यहां सफलता का रास्ता अक्सर संघर्ष, समझौता और पीड़ा से होकर गुजरता है। 'मीटू' (#MeToo )और 'मलयालम फिल्म इंडस्ट्री पर जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट (Justice Hema Committee Report on Malayalam Film Industry) उत्पीड़न के मामलों की गवाही देते हैं। कई महिलाओं ने स्वीकार किया है कि सफलता की सीढ़ी चढ़ने के लिए उन्हें कई समझौते करने पड़े।

ऐसा लगता है कि यह इंडस्ट्री कभी-कभी उस "दरवाजे" के बिना नहीं खुलती, जिसके पीछे शोषण और उत्पीड़न की सच्चाई छुपी होती है। कई बार यह उत्पीड़न उनकी चमक और ग्लैमर के पीछे छिपा रहता है, जिसे देखने की कोशिश कोई नहीं करता। हालांकि, मीटू आंदोलन के दौरान, हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक इन कहानियों को सुना गया, और उस चुप्पी को तोड़ा गया, जो सालों से दबाई गई थी। लेकिन, इसके बावजूद, यह सिनेमा इंडस्ट्री अभी भी पूरी तरह से इस अंधकार से मुक्त नहीं हो पाई है। आइए जानते हैं कैसे हॉलीवुड की 'Me2' चिंगारी ने बॉलीवुड को तपाया?

harassment case in cinema

मीटू आंदोलन की शुरुआत हॉलीवुड से हुई, जब 2006 में अमेरिकी कार्यकर्ता तराना बर्क ने महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न और शोषण के मामलों को उजागर किया। लेकिन, यह 2017 में तब वैश्विक रूप से प्रसिद्ध हुआ, जब हॉलीवुड के फिल्म निर्माता हार्वी वाइंस्टीन पर एलिसा मिलानो ने यौन शोषण के आरोप लगाए। सोशल मीडिया पर #MeToo हैशटैग के जरिए लाखों महिलाओं ने अपनी कहानियों को साझा किया और दुनिया भर में एक बड़ी बहस छेड़ दी।

बॉलीवुड में 'मीटू' का असर
मीटू आंदोलन की चिंगारी बॉलीवुड में भी तेजी से फैली। एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता द्वारा नाना पाटेकर पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों ने बॉलीवुड में इस आंदोलन को एक नई दिशा दी। इसके बाद, कई अन्य महिलाओं और अभिनेत्रियों ने भी अपने साथ हुए शोषण की कहानियों को साझा किया। विकास बहल, साजिद खान, आलोक नाथ, अनु मलिक जैसे कई बड़े नाम सामने आए, जिन पर गंभीर आरोप लगे। इसने इंडस्ट्री के भीतर एक गहरी दरार और महिलाओं की सुरक्षा के सवालों को उजागर किया।

हालांकि, कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई हुई, लेकिन बहुत से मामलों में सबूतों की कमी और गवाहों के सामने न आने के कारण दोषियों को राहत मिली। इसके बावजूद, यह आंदोलन बॉलीवुड में महिलाओं की आवाज़ को मजबूती से सामने लाने में सफल रहा और इंडस्ट्री में एक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाए।

एक नजर डालते हैं
नाना पाटेकर:

  • आरोप: अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने 2008 में नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फिल्म "हॉर्न ओके प्लीज" के सेट पर नाना पाटेकर ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया।
  • कानूनी एक्शन: तनुश्री ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन 2019 में मुंबई पुलिस ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए नाना पाटेकर को क्लीन चिट दे दी।

विकास बहल:

  • आरोप: विकास बहल, जिन्होंने "क्वीन" जैसी फिल्में बनाई हैं, पर उनकी कंपनी की एक महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।
  • कानूनी एक्शन: इस आरोप के बाद विकास बहल को उनकी कंपनी फैंटम फिल्म्स से हटा दिया गया। हालांकि, बाद में उन्हें इस मामले में क्लीन चिट मिल गई और वह "सुपर 30" फिल्म के निर्देशक बने रहे।

साजिद खान:

  • आरोप: निर्देशक साजिद खान पर कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिनमें अभिनेत्री सिमरन सूरी और राचेल वाइट शामिल थीं।
  • कानूनी एक्शन: साजिद खान को इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) ने एक साल के लिए निलंबित कर दिया था।

आलोक नाथ:

  • आरोप: लेखक और निर्माता विंटा नंदा ने अभिनेता आलोक नाथ पर रेप का आरोप लगाया। इसके अलावा, कई अन्य अभिनेत्रियों ने भी उन पर अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया।
  • कानूनी एक्शन: विंटा नंदा ने आलोक नाथ के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई। हालाँकि, सबूतों की कमी के कारण उन्हें कोर्ट से राहत मिल गई।

टॉलीवुड में 'दम तोड़ती चीखों की गूंज'
टॉलीवुड (तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री) का ही एक हिस्सा है, मलयालम फिल्म इंडस्ट्री। इस इंडस्ट्री में महिला उत्पीड़न पर जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट ने प्रकाश डाला। रिपोर्ट में चीखों की गूंज सुलाई दी, जो लगभग भर के कारण दम तोड़ चुकी थीं। कई महिलाओं ने अपना दर्द साझा किया। कुछ अभिनेत्रियों ने यौन शोषण के आरोप लगाए, लेकिन अधिकतर मामलों में इन आवाज़ों को दबा दिया गया या नजरअंदाज किया गया।

रिपोर्ट में सामने आया कि उत्पीड़न के डर से महिला कलाकार शूटिंग के दौरान होटल के कमरों में अकेले समय बिताने से डरती हैं। अनेक महिला कलाकारों ने अपने दुखद अनुभव साझा किए हैं कि फिल्म उद्योग के पुरुष लगातार देर रात उनके दरवाजे खटखटाते रहते हैं, और कुछ को तो यह भी डर रहता है कि ये पुरुष जबरदस्ती उनके घर में घुस सकते हैं।

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