दिग्गज एक्टर गुरु दत्त को एक सीन के 104 रीटेक करने पड़े, जानें ऑकनिक फिल्म का दिलचस्प वाकया
गुरु दत्त की आइकॉनिक फिल्म प्यासा के एक सीन में एक्टर रहमान और माला सिन्हा के सीन में 52 रीटेक कराने पड़े। guru dutt pyaasa movie actor rahman 52 retakes with mala sinha
मुंबई, 19 सितंबर : फिल्मों की दुनिया में गुरु दत्त किसी परिचय के मोहताज नहीं है। गुरु दत्त को आइकॉनिक फिल्मों से जुड़ी कई ऐसी कहानियां हैं जो रोमांचित करती है। ऐसी ही एक कहानी है 'प्यासा' मूवी की। एक्टर रहमान और दिग्गज अभिनेत्री माला सिन्हा पर फिल्माए गए सीन में ऐसा क्या था कि 52 रीटेक करने पड़े। गुरुदत्त फिल्म में एक्टर और निर्देशक दोनों भूमिकाओं में थे। खुद उन्हें भी एक सीन में 104 रीटेक करने पड़े थे। जानिए ये दिलचस्प वाकया (सभी फोटो वीडियो ग्रैब- साभार यूट्यूब वीडियो)

अभिनेत्री माला सिन्हा पर शक
ऑल टाइम क्लासिक में शामिल Pyaasa मूवी के एक सीन में कहानी कुछ ऐसी थी कि रहमान को फिल्म में बीवी का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री माला सिन्हा पर शक करना था। बता दें कि माला सिन्हा 1954 से 1994 के बीच सक्रिय रहीं। 40 साल के करियर में उन्होंने आंखें, अंधपथ, धूल का फूल और गुमराह कई शानदार फिल्मों में काम किया।

माला सिन्हा हीरो गुरु दत्त की प्रेमिका
फिल्म प्यासा में जब निर्देशक की भी भूमिका निभा रहे लेजेंड गुरु दत्त ने रहमान को नेगेटिव रोल में कंसीव किया था। यानी उन्हें विलेन जैसा किरदार निभाना था। माला सिन्हा हीरो गुरु दत्त की प्रेमिका मीना की भूमिका में थीं। हालांकि, उनकी शादी रहमान से हो जाती है। रहमान फिल्म में करोड़पति बिजनेस मैन की भूमिका में थे।

बिना एक भी शब्द बोले शक करना
65 साल पहले बनी इस फिल्म से जुड़े कई रोचक वाकये आज भी लोकप्रिय हैं। एक सीन की शूटिंग के समय गुरु दत्त के अनुसार शॉट पर्फेक्ट नहीं हो रहा था। ये वही सीन था जिसमें 52 रीटेक करने पड़े। सीन में रहमान को माला सिन्हा के कैरेक्टर यानी मीना पर बिना एक भी शब्द बोले शक करना था।

52 रीटेक के बाद फाइनल कट
कई बार रीटेक करने के बाद भी सीन फाइनल नहीं हो रहा था। एक, दो, 10 या 20 नहीं पूरे 50 अटेंप्ट में भी रहमान अपना सीन फाइनल नहीं कर सके। आखिरकार 52 कोशिशों यानी 52 रीटेक्स के बाद डायरेक्टर गुरु दत्त ने फाइनल कट कहा।

माला सिन्हा पर शक करना भारी पड़ा
प्यासा के इस सीन में गुरु दत्त चाहते थे कि रहमान बिना एक्सप्रेशन के माला सिन्हा पर शक जाहिर करें। सीन के मुताबिक पत्नी पर शक करने के लिए रहमान को माला सिन्हा के करीब आकर खास अंदाज से देखना है। डाउटफुल अंदाज से देखते हुए उन्हें पाइप का तंबाकू जलाकर पीना था। सीन फाइनल होने के बाद रहमान गुरु दत्त के पास पहुंचे। उन्होंने मजाकिया लहजे में गुरु दत्त से कहा माला सिन्हा पर शक करना भारी पड़ गया।

65 साल बाद भी वैसी ही पॉपुलैरिटी
प्यासा की शूटिंग के दौरान का यह दिलचस्प वाकया इस बात की नजीर है कि गुरु दत्त कितनी गंभीरता और बारीकी से फिल्म के एक-एक सीन को शूट कर रहे थे। ये फिल्म उनके दिल के काफी करीब रही। 65 साल बाद भी कंटेंट की क्वालिटी का अंदाजा इसी बात से मिलता है कि दशकों बाद आज भी इस फिल्म को IMDb रेटिंग में 10 में 8 से अधिक अंक दिए जाते हैं।

बड़ी मुश्किल से होता है...
प्यासा फिल्म की इस एक छोटी सी घटना से ये भी साफ है कि कला के प्रति समर्पित गुरु दत्त ऐसे ही नहीं बनते। शायद ऐसे ही किसी मौके पर शायर अल्लामा इकबाल ने लिखा होगा, 'हजारों साल नरगिस अपनी बे-नूरी पे रोती है, बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा।'

खुद गुरु दत्त को लेना पड़ा 104 रीटेक !
बारीकियों का ध्यान रखने वाले गुरु दत्त की फिल्में आज दशकों बाद भी मिसाल के रूप में पेश की जाती हैं। इंडिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक गुरु की फिल्म प्यासा में सिनेमैटोग्राफर वीके मूर्ति ने एक वाकये का जिक्र कर कहा था कि शूटिंग के दौरान एक समय तो ऐसा भी आया था जब 104 रीटेक के बाद भी खुद गुरु दत्त का सीन फाइनल नहीं हुआ। शाम पांच बजे से शुरू हुई शूटिंग रात 11-12 बजे तक चली लेकिन फाइनल कट नहीं हुआ। यह भी रोचक है कि अगले दिन पहले ही शॉट और टेक में सीन फाइनल हो गया।

Pyaasa से जुड़े रोचक तथ्य
गुरु दत्त के समय की फिल्मों पर नजर रखने वाले क्रिटिक और प्रशंसक जानते हैं कि में हास्य कलाकार जॉनी वॉकर और एक्टर रहमान का रहना जरूरी था। अबरार अल्वी की लिखी गई फिल्म Pyaasa में वहीदा रहमान को भी कास्ट किया गया था। गुरु दत्त की पहली पसंद ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार थे, लेकिन उन्होंने देवदास जैसा बताकर इस फिल्म में काम नहीं किया। आज से 60 साल से भी अधिक पहले महज 29 रुपये कमाने वाली इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में आज के 200 करोड़ के बराबर माना जाता है।

किरदारों के लिए पहली पसंद कोई और
लेखक अब्रार अल्वी की किताब 'टेन ईयर्स विद गुरुदत्त' में Pyaasa से जुड़े कई और रोचक प्रसंगों का भी जिक्र है। मसलन माला सिन्हा वाला किरदार पहले नरगिस को ऑफर हुआ था। वहीदा रहमान के किरदार के लिए भी पहली पसंद मधुबाला थीं।

ऐसे सामने आई ऑल टाइम क्लासिक Pyaasa
अल्वी के अनुसार, प्यासा की कहानी मुंबई की वेश्या गुलाबो की रियल लाइफ स्टोरी पर आधारित है। स्कूपव्हूप की रिपोर्ट में अल्वी बताते हैं कि टीबी के कारण गुलाबो चल बसी, लेकिन उनकी शवयात्रा में चेहरा ढका नहीं गया। बाद में गुरु दत्त से इस प्रसंग पर चर्चा हुई और Pyaasa जैसी आइकॉनिक क्लासिक फिल्म बनी। कुछ डायलॉग गुलाबो की रियल लाइफ स्टेटमेंट हैं।

गुरु दत्त के साथ 'बरगद' वीके मूर्ति
वीके मूर्ति को भी गुरु दत्त की फिल्म को शानदार बनाने का पूरा श्रेय जाता है। प्यासा में सिनेमैटोग्राफी के लिए दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। 2008 में सिने जगत का शीर्ष पुरस्कार जीतने वाले वीके मूर्ति पहले सिनेमैटोग्राफर थे जिन्हें दादा साहेब फाल्के सम्मान मिला। फिल्म इंडस्ट्री और साहित्य से जुड़े आशुतोष राणा ने सम्मान दिए जाने के मौके पर कहा था
ये पता न चला कि आज ये कद हो गया
मैं तो एक पौधा था और आज बरगद हो गया












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