Divya Bharti की मौत के 33 साल बाद बेस्ट फ्रेंड ने सामने आकर किया शॉकिंग खुलासा, कहा- उसका इस्तेमाल हो रहा था
Divya Bharti Death: बॉलीवुड में बेहद कम समय में असाधारण सफलता हासिल करने वाली खूबसूरत एक्ट्रेस दिव्या भारती आज भी रहस्य, प्रतिभा और अधूरी कहानी का नाम हैं। 19 साल की उम्र में उनकी असमय मौत ने पूरी इंडस्ट्री को झकझोर कर रख दिया था। अब सालों बाद चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर पहचान बनाने वाले मास्टर राजू (राजू श्रेष्ठा) ने एक बातचीत में दिव्या भारती से जुड़ी निजी यादें शेयर की हैं।
दिव्या भारती को लेकर मास्टर राजू का चौंकाने वाला खुलासा
मास्टर राजू (Raju Shreshtha) द्वारा दिव्या भारती को लेकर शेयर की गईं बातें उनकी चमकदार प्रोफेशनल लाइफ के पीछे छिपे भावनात्मक संघर्ष की ओर इशारा करती हैं। मास्टर राजू ने दिव्या भारती को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

'वो अकेली थीं और अंदर से दुखी भी'
हालिया इंटरव्यू में मास्टर राजू ने बताया कि दिव्या भारती अपने काम से बेहद खुश रहती थीं लेकिन निजी जीवन में उन्हें सुकून नहीं मिल पा रहा था। उनके मुताबिक दिव्या अक्सर अपने मन की बातें शेयर करती थीं और कुछ उदाहरण देकर बताती थीं कि वह खुद को अकेला महसूस करती हैं। राजू ने नाम लेने से परहेज किया लेकिन ये जरूर कहा कि एक्ट्रेस अंदर ही अंदर काफी परेशान रहती थीं।
'दिव्या भारती फिल्मी व्यवहार और दिखावे से दूर रहती थीं'
मास्टर राजू ने कहा- इंडस्ट्री में मेरी दो अभिनेत्रियों से खास दोस्ती थी- दिव्या भारती और पूजा भट्ट। दिव्या के साथ बिताए वक्त को याद करते हुए उन्होंने कहा- दिव्या और मैं अक्सर साथ समय बिताते, लंबी बातें करते और सामान्य दोस्तों की तरह मिलते-जुलते थे। दिव्या का स्वभाव बेहद सरल था और वह फिल्मी व्यवहार और दिखावे से दूर रहती थीं।
'दिव्या भारती को लगता था कि उनका इस्तेमाल हो रहा है'
मास्टर राजू के अनुसार दिव्या भारती को इस बात का दुख था कि उनकी कमाई का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। उन्हें महसूस होता था कि कुछ लोग उनके आर्थिक पक्ष का अनुचित लाभ उठा रहे हैं। उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। यही बात उन्हें भीतर से कचोटती थी और वह इस कारण मानसिक रूप से असहज रहती थीं।
शादी के बाद मिली भावनात्मक स्थिरता
मास्टर राजू ने ये भी बताया कि प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला से शादी के बाद दिव्या भारती को भावनात्मक सहारा मिला था। वह अपने वैवाहिक जीवन को लेकर खुश थीं और भविष्य को पॉजिटिव नजर से देख रही थीं। मास्टर राजू के अनुसार दिव्या भारती अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा महसूस करती थीं।

'उस रात मैं सबसे पहले पहुंचा और सबसे आखिर में निकला था'
5 अप्रैल 1993 की रात को याद करते हुए मास्टर राजू भावुक हो गए थे। उन्होंने बताया कि हादसे की खबर मिलते ही वह मौके पर पहुंचे थे। उनके मुताबिक वह घटनास्थल पर पहुंचने वाले पहले लोगों में से थे और आखिरी तक वहीं रहे। उन्होंने उस रात को बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला बताया।
कैसे हुई थी दिव्या भारती की मौत?
जानकारी के अनुसार 5 अप्रैल 1993 को दिव्या भारती अपने अपार्टमेंट की 5वीं मंजिल से गिर गई थीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। बाद में इस घटना को दुर्घटना माना गया लेकिन ये हादसा आज भी लोगों के मन में कई सवाल छोड़ जाता है।
संघर्ष और अधूरी रह गई जिंदगी की कहानी
दिव्या भारती की कहानी सिर्फ सफलता की नहीं बल्कि संवेदनाओं, संघर्ष और अधूरी रह गई जिंदगी की भी है। मास्टर राजू की यादें उस चमक के पीछे छिपे इंसानी पक्ष को सामने लाती हैं जिसे अक्सर ग्लैमर की दुनिया ढक देती है। उनकी बातें ये याद दिलाती हैं कि शोहरत के बीच भी इंसान को सुकून और अपनापन चाहिए होता है।












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