दीपिका पादुकोण को मिला अजय देवगन का सपोर्ट, बयान से संदीप रेड्डी वांगा पर साधा निशाना!
संदीप रेड्डी वांगा इन दिनों अपनी फिल्म 'स्पिरिट' पर काम कर रहे हैं। फिल्म की शूटिंग शुरू होने के पहले ही कॉन्ट्रोवर्सी शुरू हो गई है। 'स्पिरिट' में संदीप दीपिका पादुकोण को लेना चाहते थे। उन्होंने इसकी कहानी भी उन्हें सुना दी थी। दीपिका को पसंद भी आई थी। लेकिन उन्होंने संदीप के सामने मोटी फीस और काम करने की शिफ्ट को लेकर एक डिमांड रख दी। जिसके बाद उन्हें फिल्म से रिप्लेस कर दिया गया।
हाल ही में काजोल की फिल्म 'मां' का ट्रेलर रिलीज हुआ। इस इवेंट में काजोल के साथ उनके पति और एक्टर-प्रोड्यूसर अजय देवगन भी मौजूद थे। तभी उनसे सवाल पूछा गया कि दीपिका को स्पिरिट से इसलिए निकाल दिया क्योंकि उन्होंने 7-8 घंटे काम करने की बात की थी। अजय ने इसका जवाब भी दिया। जिसे सुनकर दीपिका के फैंस खुश जाएंगे।

अजय देवगन ने जवाब देते हुए कहा, ईमानदार फिल्म मेकर जो भी हैं, उन्हें किसी औरत की इस रिक्वेस्ट से परेशानी नहीं होगी। क्योंकि अब इंडस्ट्री भी बदल चुकी है, आर्टिस्ट 7-8 घंटे ही काम करते हैं। लेकिन ये हर एक इंसान के लिए अलग-अलग है। क्योंकि अधिकतर लोग इसी फॉर्मेट में काम करते हैं। बता दें, अजय देवगन फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय से एक्टिव हैं। जब इंडस्ट्री में उन्होंने अपनी एंट्री की थी, तब 3 शिफ्टों में काम होता था। ऐसे में आर्टिस्ट भी लंबी शिफ्ट करते थे। लेकिन अब समय बदल गया है।
#क्या थी दीपिका की डिमांड
रिपोर्ट्स की माने तो दीपिका ने मेकर्स के सामने एक हफ्ते में पांच दिन काम करने की मांग की थी। इसमें भी वो हर दिन 8 घंटे ही काम करना चाहती थी। इसके अलावा दीपिका ने भारी भरकम फीस मांगी और प्रॉफिट शेयर करने की बात भी कह दी। उन्होंने इस फिल्म के लिए 20 करोड़ रुपये की फीस मांगी थी। इसके बाद भी उन्होंने तेलुगु में डायलॉग्स बोलने से इनकार कर दिया था। इन सारी वजहों के कारण उन्हें फिल्म से बाहर होना पड़ा। इसके बाद मेकर्स ने फिल्म में तृप्ति डिमरी को बतौर लीड एक्ट्रेस लिया है।
#संदीप ने साधा निशाना
संदीप ने अपने ट्वीट पर लिखा, जब मैं किसी एक्टर को कहानी सुनाता हूं, तो मैं उस पर 100% भरोसा करता हूं। हमारे बीच एक अनकहा एनडीए (नॉन डिसक्लोजर एग्रीमेंट) होता है। लेकिन ऐसा करके, आपने उस व्यक्ति का 'खुलासा' कर दिया है जो आप हैं...एक युवा अभिनेता को नीचा दिखाना और मेरी कहानी को बाहर करना? क्या यही आपका नारीवाद है? एक फिल्म निर्माता के रूप में, मैंने अपने शिल्प के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत की है और मेरे लिए, फिल्म निर्माण ही सब कुछ है। आपको यह समझ में नहीं आया। आपको यह समझ में नहीं आएगा। आपको यह कभी नहीं समझ में आएगा। ऐसा करो... अगली बार पूरी कहानी बोलना... क्योंकि मुझे जरा भी फर्क नहीं पड़ता। मुझे एक कहावत बहुत पसंद है। खुंदक में बिल्ली खंबा नोचे।












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