Chhaava Review: कई सालों में सिर्फ एक बार बनती है 'छावा' जैसी फिल्म, विक्की कौशल का अब तक का सबसे बेस्ट काम
फिल्म- छावा
स्टारकास्ट- विक्की कौशल, अक्षय खन्ना, रश्मिका मंदाना
डायरेक्टर- लक्ष्मण उतेकर
प्रोड्यूसर- दिनेश विजन (मैडॉक फिल्म्स)
स्टार- ****
Chhaava Review: कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जिन्हें देखकर हर कोई किसी दूसरी दुनिया में खो जाता है। लोग सिनेमाघरों में बैठकर फिल्म की कहानी के बारे में सोचने लगते हैं और उसके किरदारों में खुद को ढूंढने लगते हैं। कुछ ऐसी ही फिल्म बनकर उभरी है विक्की कौशल की 'छावा'।
14 फरवरी 2025 को रिलीज हुई है 'छावा'
विक्की कौशल तो कमाल के एक्टर है हीं, साथ ही फिल्म 'छावा' की कहानी भी बहुत ही शानदार है। आपको बता दें कि बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल की फिल्म 'छावा' आज यानी 14 फरवरी 2025, वैलेंटाइन डे के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म लोगों को पंसद आ रही है।

'छावा' की कहानी का करिश्मा
ये फिल्म विक्की कौशल को एक एक्टर के तौर पर नए मुकाम पर ले आई है और 'छावा' की कहानी का करिश्मा भी कुछ और ही बयां कर रहा है। ये फिल्म कमाल की है और इस फिल्म में विक्की ने अपनी आत्मा डाल दी है। खुद को पूरी तरह से झोंक दिया है और ये बात आप हर फ्रेम में महसूस कर सकते हैं।
फिल्म 'छावा' की कहानी
-इस फिल्म की कहानी छत्रपति संभाजी महाराज के ऊपर है। कैसे छत्रपति शिवाजी महाराज के जाने के बाद जब मुगलों के हौसले बुलंद होने लगे तो छत्रपति संभाजी महाराज ने उनके नापाक इरादों को पूरा नहीं होने दिया था। यहां कहानी अहम है। साथ ही संभाजी महाराज की महानता, वीरता और कौशल भी देखने लायक है।
-इस फिल्म के जरिए हमारे इतिहास की ये गौरव गाथा देश विदेश तक पहुंचेगी, करोड़ों लोग जानेंगे कि छत्रपति संभाजी महाराज कौन हैं। फिल्म का मकसद बड़ा है, नीयत साफ है और स्केल ग्रैंड है। फिल्म की कहानी को समझने के लिए इसे थिएटर में देखना होगा।
कैसी है फिल्म
-एक सीन में जब छत्रपति संभाजी महाराज की पत्नी के भाई छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में कुछ उल्टा कहते हैं तो संभाजी गरज उठते है। इस सीन में विक्की कौशल की पावर ऐसी है कि थियेटर में बैठा दर्शक भी कांप सकता है।
- फिल्म के आखिरी सीन में औरंगजेब की बेटी कहती है- संभा अपनी मौत का जश्न मनाकर चला गया और हमें छोड़ गया अपनी जिंदगी का मातम मनाने। ये बताता है कि संभाजी कितने बड़े वीर थे।
-इस फिल्म को देखते हुए आपको लगेगा कि आप इतिहास की उन गलियों में वापस चले गए हैं। आप छत्रपति संभाजी महाराज के शौर्य को, उनकी महानता को, उनकी वीरता को बड़े करीब से महसूस करने लगेंगे।
-फिल्म का हर एक फ्रेम आपको बांधकर रखने में सफल होगा। पलक झपकने तक का मौका नहीं मिलेगा। लड़ाई के सीन बहुत ही शानदार हैं। सबकुछ असली जैसा प्रतीत होता है।
फिल्म में सभी किरदारों की परफॉर्मेंस मूवी को एक अलग स्केल पर ले जाती है। आप इतिहास की इस कहानी को जानकर गर्व महसूस करते हैं कि हम उस देश में रहते हैं जहां छत्रपति संभाजी महाराज जैसे वीर पैदा हुए थे। फिल्म का आखिरी का आधा घंटा आपको हिलाकर रख देगा।
फिल्म की स्टारकास्ट और उनकी एक्टिंग
-विक्की कौशल ने अपने करियर का अब तक का सबसे बेस्ट काम किया है। वह खुद को और आगे ले जा रहे हैं। अपने काम को वो कितनी गंभीरता से लेते हैं इसका अंदाजा इस फिल्म को देखकर लगाया जा सकता है। उनकी डायलॉग डिलीवरी कमाल की है। हर तरह के इमोशन में वह जचते हैं।
-रश्मिका मंदाना का काम भी अच्छा है। वह स्क्रीन पर एक अलग जादू करती हैं। इस किरदार के लिए उनकी मेहनत साफ नजर आती है।
-अक्षय खन्ना को देखकर लगता है कि अगर औरंगजेब होता तो खुद कन्फ्यूज हो जाता की असली वाला कौन सा है। अक्षय खन्ना ने भी इस फिल्म में जबरदस्त काम किया है।
-विनीत कुमार सिंह भी शानदार साबित हुए हैं। कवि कलेश के किरदार में उन्होंने जान डाल दी है। क्लाइमैक्स से पहले उनके सीन पर खूब तालियां बजती हैं।
फिल्म का डायरेक्शन
इस फिल्म के डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर हैं। लक्ष्मण ने इस फिल्म में कुछ अलग हटकर काम किया है। इतिहास के ऐसे वीर पर फिल्म बनाना आसान नहीं होता है। लक्ष्मण ने यहां अपना काम ईमानदारी से किया है। फिल्म को बनाने वाले मैडॉक फिल्म्स और दिनेश विजान की भी तारीफ होनी चाहिए।
फिल्म का म्यूजिक
फिल्म का म्यूजिक एआर रहमान ने दिया है जो कि काफी अच्छा है। फिल्म के फील के साथ ये ठीक-ठाक लगता है लेकिन म्यूजिक और बेहतर हो सकता था। कुल मिलाकर ये फिल्म थिएटर में जरूर देखें।












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